महिला की हत्या कर जंगल में फेंका अधजला शव, पति और सास सहित पांच गिरफ्तार
झारखंड के गिरिडीह जिले के बगोदर थाना क्षेत्र अंतर्गत कारीपहाड़ी जंगल से बरामद अधजले महिला के शव के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है

गिरिडीह। झारखंड के गिरिडीह जिले के बगोदर थाना क्षेत्र अंतर्गत कारीपहाड़ी जंगल से बरामद अधजले महिला के शव के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया है कि महिला की हत्या उसके पति ने कराई थी। इस मामले में पति और सास समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों में मृतका के पति जाबिर अंसारी और सास जैबुन निशा के अलावा वकील अंसारी उर्फ रॉकी, गुड्डू अली और शराफत अंसारी शामिल हैं।
पुलिस ने घटना में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिल, पांच मोबाइल फोन, मृतका के कपड़े, चूड़ियां, माचिस, बोतल और जूट का बोरा बरामद किया है।
गिरिडीह के पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार ने बताया कि 30 जनवरी की सुबह करीब 7:30 बजे बगोदर थाना क्षेत्र के कारीपहाड़ी जंगल में एक अज्ञात महिला का अधजला शव बरामद किया गया था, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए बगोदर-सरिया एसडीपीओ धनंजय कुमार राम के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया।
जांच के दौरान एफएसएल टीम, श्वान दस्ता, फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ और तकनीकी टीम को भी लगाया गया। जांच के क्रम में पुलिस ने आसपास के थाना क्षेत्रों से लापता महिलाओं की जानकारी जुटाई। इसी दौरान डुमरी थाना क्षेत्र से 28 जनवरी को लापता हुई शाहिना परवीन का मामला सामने आया।
परिजनों को बुलाकर पहचान कराई गई, जिसके बाद अधजले शव की शिनाख्त डुमरी थाना क्षेत्र के चिनो गांव की शाहिना परवीन के रूप में हुई। मृतका के पिता ताहुल अंसारी के आवेदन पर बगोदर थाना में हत्या और साक्ष्य मिटाने से संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।
इसके बाद पुलिस ने छापेमारी कर मृतका के पति जाबिर अंसारी और सास जैबुन निशा को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान दोनों ने हत्या की साजिश में शामिल होने की बात स्वीकार की। एसपी ने बताया कि जाबिर अंसारी अपनी पत्नी को रास्ते से हटाकर दूसरी शादी करना चाहता था।
इसी उद्देश्य से उसने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर शाहिना परवीन की हत्या की और साक्ष्य छिपाने के लिए शव को जंगल में जला दिया। इस मामले में दो नाबालिगों की संलिप्तता भी सामने आई है, जिनके विरुद्ध किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया जारी है।


