झारखंड के प्रवासी श्रमिकों का तीन माह में तैयार होगा डेटाबेस, हर जिले में बनेगा मॉडल आईटीआई
झारखंड में असंगठित, निर्माण और प्रवासी श्रमिकों का व्यापक एवं अपडेट डेटाबेस तैयार करने की दिशा में सरकार ने कदम तेज करने का फैसला किया है

रांची। झारखंड में असंगठित, निर्माण और प्रवासी श्रमिकों का व्यापक एवं अपडेट डेटाबेस तैयार करने की दिशा में सरकार ने कदम तेज करने का फैसला किया है। इसके तहत अगले तीन माह के भीतर राज्य के बाहर काम कर रहे श्रमिकों की संख्या, उनका कार्यक्षेत्र और वर्तमान ठिकाने का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। साथ ही प्रवासी श्रमिकों की सहायता के लिए देश के प्रमुख शहरों में सहायता केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
सीएम हेमंत सोरेन ने गुरुवार को श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग के कामकाज की समीक्षा की। इस दौरान श्रमिक कल्याण, कौशल विकास, रोजगार सृजन और पलायन रोकने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में बताया गाय कि नोएडा, हैदराबाद, चेन्नई, बेंगलुरु और मुंबई में प्रवासी सहायता केंद्र स्थापित करने की योजना पर काम चल रहा है। इन केंद्रों के माध्यम से दूसरे राज्यों में कार्यरत झारखंड के श्रमिकों को सहायता और आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। समीक्षा के दौरान श्रमिकों के पंजीकरण अभियान को तेज करने और ई-श्रम पोर्टल से अधिकाधिक लोगों को जोड़ने पर जोर दिया गया।
मनरेगा श्रमिकों समेत असंगठित क्षेत्र के कामगारों का भी व्यापक निबंधन सुनिश्चित करने की बात कही गई। श्रमिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें हेलमेट, जूते, ग्लव्स और अन्य सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की व्यवस्था मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। बैठक में यह भी तय किया गया कि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में मौजूद श्रमिक चौकों की पहचान कर उन्हें श्रमिक पड़ाव-सह-सुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
इन केंद्रों पर श्रमिकों के लिए बुनियादी सुविधाओं के साथ सरकारी योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी। प्रत्येक जिले में एक आईटीआई को मॉडल संस्थान के रूप में विकसित करने, संस्थानों की ग्रेडिंग कराने और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप नए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया गया।
समीक्षा के दौरान प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं के प्लेसमेंट पर भी चर्चा हुई। सीएम सोरेन ने अधिकारियों को उद्योगों और प्रशिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर रोजगार के अवसर बढ़ाने तथा प्रशिक्षण के बाद युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ने की दिशा में काम करने का भी निर्देश दिया।
बैठक में श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग के मंत्री संजय प्रसाद यादव, राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, विभागीय सचिव जितेंद्र कुमार सिंह सहित कई अफसर मौजूद रहे।


