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कोलवाशरी की जनसुनवाई में लोगों ने किया हंगामा

जांजगीर-बलौदा ! ठडग़ाबहरा में प्रस्तावित मेसर्स पारस पावर एण्ड कोल बेनिफिकेशन लिमिटेड की जनसुनवाई की क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी ने पूरी वीडियोग्राफी करवाई है।

कोलवाशरी की जनसुनवाई में लोगों ने किया हंगामा
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विडियोग्राफी में छेड़छाड़ का भी लगाया आरोप, बोले नहीं खुलने देगें कोलवाशरी
जांजगीर-बलौदा ! ठडग़ाबहरा में प्रस्तावित मेसर्स पारस पावर एण्ड कोल बेनिफिकेशन लिमिटेड की जनसुनवाई की क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी ने पूरी वीडियोग्राफी करवाई है। लेकिन इस पर भी लोग संतुष्ट नहीं हैं। लोगो का आरोप है कि इससे पूर्व हुई जनसुनवाई की वीडियोग्राफी करायी गयी, जिसमें ज्यादातर लोगों ने विरोध दर्ज कराया था। बावजूद इसके कोलवाशरी की स्थापना कर दी गयी, इससे ऐसा प्रतीत होता है कि यहां केवल दिखावे के लिए सुनवायी की जाती है और बाद में विडियोग्राफी को छेड़छाड़ कर उच्चाधिकारियों तक भेजा जाता है। शुरूआत में मेसर्स पारस पावर एण्ड कोल बेनिफिकेशन लिमिटेड के अधिकारियों ने कोलवाशरी के संंबंध में जानकारी दी। इसके बाद क्षेत्रवासियों को अपना पक्ष रखने के लिए आमंत्रित किया गया। इसके बाद क्षेत्रवासी एक-एक करके अपना पक्ष रखने लगे। इसी बीच जोरदार हंगामा हुआ और मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति निर्मित हो गई। कुल मिलाकर मेसर्स पारस पावर एण्ड कोल बेनिफिकेशन लिमिटेड की जनुसनवाई में शुरू से अंत तक हंगामा ही हुआ।
क्षेत्रवासियों ने कहा कि इससे पहले भी कई कोलवाशरी के लिए हुई जनसुनवाई की वीडियोग्राफी करवाई गई थी। यहां कुछ और होता है और केन्द्रीय पर्यावरण मंत्रालय को कुछ और वीडियो भेजी जाती है। लोगों ने आरोप लगाते हुए कहा कि पर्यावरण विभाग के अधिकारी जनसुनवाई के लिए कराई गई वीडियोग्राफी में कांट-छांट करते हैंए जिसके कारण जनता की आवाज केन्द्रीय पर्यावरण मंत्रालय तक नहीं पहुंच पाती। लोगों ने पर्यावरण अधिकारी से मौके पर ही जनसुनवाई की सीडी तथा प्राप्त आवेदन की प्रति मांगी,लेकिन अधिकारी ने विधिवत् आवेदन लेकर नगर पंचायत के माध्यम से सीडी एवं दस्तावेज उपलब्ध कराने की बात कही। इस बात को लेकर भी लोगों में विरोध देखा गया। लोग उग्र रूप धरते हुए कुर्सियां पटकने लगे। वहीं कुछ लोग माइक और स्टैण्ड को तोडऱ जनसुनवाई का बहिष्कार करने लगे। मौके पर हालात ऐसे बने कि सभी लोगों ने एक स्वर में शासन-प्रशासन के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। स्थिति नियंत्रण से बाहर होता देख अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा ने मोर्चा संभाला और कई थाना क्षेत्रों के निरीक्षक के साथ जनसुनवाई स्थल पर पहुंचकर लोगों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन लोग शांत होने को तैयार नहीं थे। लोगों का कहना था कि यह जनसुनवाई हैए जहां लोगों को बोलने तथा अपना पक्ष रखने का पूरा अधिकार है, लेकिन कोलवाशरी प्रबंधन से बिका हुआ पुलिस प्रशासन दादागीरी पर अमादा है। मौके पर करीब एक घंटे तक जमकर बवाल हुआ। इधर क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी का कहना है कि जनसुनवाई की पूरी वीडियोग्राफी कार्रवाही गई है, जिसे केन्द्रीय पर्यावरण मंत्रालय को भेजा जाएगा। कोलवाशरी के लिए स्वीकृति देने का अधिकार केन्द्रीय पर्यावरण मंत्रालय को है। हम तो सिर्फ एक माध्यम हैं, इसलिए इस संबंध में कोई टीका-टिप्पणी नहीं कर सकते। वहीं अपर कलेक्टर डीके सिंह ने कहा कि जनसुनवाई के दौरान जिन-जिन लोगों ने अपना पक्ष रखा है, उन सभी की बातें लिपिबद्ध की गई है। पूरे समय की वीडियोग्राफी भी कराई गई है। कोलवाशरी की स्थापना के लिए स्वीकृति देने अथवा न देने का अधिकार केन्द्रीय पर्यावरण मंत्रालय के हाथों में है।
अतिरिक्त एसपी ने स्थिति संभाली
ठडग़ाबहरा में प्रस्तावित मेसर्स पारस पावर एण्ड कोल बेनिफिकेशन लिमिटेड की जनसुनवाई में तनातनी की स्थिति उस वक्त निर्मित हुई जब बलौदा नपं के वार्ड क्रमांक 10 निवासी एक व्यक्ति अपना पक्ष रख रहा था तभी एसडीओपी वहां पहुंचे और जबरिया उनके हाथ से माइक छीन ली। इससे माहौल गरमा गया और जनसुनवाई स्थल पर मौजूद सैकड़ों लोग शासन-प्रशासन और कोलवाशरी प्रबंधन के खिलाफ लामबंद हो गए। जनसुनवाई स्थल पर हंगामा होता देख एएसपी पंकज चंद्रा तत्काल वहां पहुंचे और हालचाल जाना। इस दौरान लोगों ने उन्हें बताया कि वार्ड क्रमांक एक निवासी हितेश गौरहा शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे थे, जिन्हें पुलिसिया भय दिखकर माइक के सामने से खदेड़ दिया गया, यह ज्यादती है। लोगों ने कहा कि एसडीओपी राय मौके पर आए और हितेश गौरहा से सार्वजनिक रूप से माफी मांगे। मगर मामला तूल पकड़ता देख एसडीओपी राय पहले से ही वहां से खिसक गए थे। बताया जाता है कि वे मंच के पीछे बैठे हुए थे। जबकि इस आक्रोषित लोग उनसे माफी मंगवाने की जिद पर अड़े हुए थे। ऐसे में एएसपी चंद्रा ने पुलिस प्रशासन का जिम्मेदार अफसर होने का हवाला देते हुए मामले को शांत किया।
कपड़े उतार किया विरोध प्रदर्शन
जनसुनवाई स्थल पर उस वक्त अजीबो-गरीब माहौल निर्मित हो गया, जब वहां मौजूद जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के कार्यकर्ता सहित अन्य लोगों ने अपने कपड़े उतार दिए। जनता कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि शासन.प्रशासन उद्योगपतियों के हाथों बिक गए हैं। सत्ता पक्ष को जनता की समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं है। ठडग़ाबहरा में मेसर्स पारस पावर एण्ड कोल बेनिफिकेशन लिमिटेड की 0.96 मिलियन टन वार्षिक क्षमता की एक कोलवाशरी प्रस्तावित है, जिसके लिए शनिवार को बलौदा के मंडी प्रांगण में पर्यावरणीय जनसुनवाई रखी गई थी। जिला प्रशासन की ओर से अपर कलेक्टर डीके सिंह, पर्यावरण संरक्षण मंडल बिलासपुर की क्षेत्रीय अधिकारी अनिता सावंत तथा जांजगीर एसडीएम अजय उरांव निर्धारित समय पर वहां उपस्थित होकर पर्यावरणीय जनसुनवाई शुरू कराई।


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