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'हम किसी के पास समर्थन मांगने के लिए नहीं जाएंगे', राज्य का दर्जा बहाली प्रदर्शन पर फारूक अब्दुल्ला का बयान

जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा वापस दिलाने की मांग को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। इसी बीच पार्टी अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी पार्टी इस मुद्दे पर होने वाले दिल्ली प्रदर्शन में शामिल होने के लिए किसी भी राजनीतिक दल से अनुरोध या आग्रह नहीं करेगी

हम किसी के पास समर्थन मांगने के लिए नहीं जाएंगे, राज्य का दर्जा बहाली प्रदर्शन पर फारूक अब्दुल्ला का बयान
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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा वापस दिलाने की मांग को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। इसी बीच पार्टी अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी पार्टी इस मुद्दे पर होने वाले दिल्ली प्रदर्शन में शामिल होने के लिए किसी भी राजनीतिक दल से अनुरोध या आग्रह नहीं करेगी।

फारूक अब्दुल्ला ने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, "जो भी हमारे प्रदर्शन में शामिल होना चाहता है, उसका स्वागत है, लेकिन हम किसी के पास समर्थन मांगने नहीं जाएंगे।" उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस जम्मू-कश्मीर की किसी भी राजनीतिक पार्टी को औपचारिक निमंत्रण नहीं भेजेगी।

दरअसल, नेशनल कॉन्फ्रेंस ने संसद के आगामी मानसून सत्र के पहले दिन नई दिल्ली में जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर बड़ा प्रदर्शन करने की घोषणा की है। पार्टी के उपाध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इंडिया ब्लॉक के सभी सहयोगी दलों से इस प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।

जब फारूक अब्दुल्ला से पूछा गया कि क्या इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर सभी दलों को एकजुट करने की कोशिश की जाएगी तो उन्होंने कहा कि राज्य का दर्जा बहाल करने के मुद्दे पर सभी पहले से ही एकजुट हैं।

जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा वापस मिलने की संभावना पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, "मैं भगवान नहीं हूं। यह केवल अल्लाह जानता है और दिल्ली में सत्ता में बैठे लोग जानते हैं।"

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी विशेष दर्जे की बहाली के लिए लगातार संघर्ष कर रही है। हम पहले से लड़ रहे हैं। हम चुप नहीं बैठे हैं। हम अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। जो अधिकार हमसे छीने गए हैं, उनके खिलाफ विरोध करने का हमें संवैधानिक अधिकार है।

पिछले सप्ताह करीब सात घंटे चली एनसी विधायकों की बैठक में यह फैसला लिया गया था कि संसद के मानसून सत्र के पहले दिन दिल्ली के जंतर-मंतर पर राज्य का दर्जा और जम्मू-कश्मीर के लिए संवैधानिक गारंटी बहाल करने की मांग को लेकर विरोध मार्च निकाला जाएगा।

इस बीच एनसी के सांसद आगा रूहुल्लाह मेहदी ने कहा कि वह इस प्रदर्शन में शामिल होंगे, लेकिन उनका मानना है कि आंदोलन की मुख्य मांग जम्मू-कश्मीर में संविधान के अनुच्छेद 370 की बहाली भी होनी चाहिए।

बता दें कि आगा रूहुल्लाह मेहदी और पार्टी नेतृत्व के बीच पिछले कुछ समय से दूरी बनी हुई है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने अपने 2024 चुनावी घोषणापत्र में किए गए कई वादों को पूरा करने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए हैं। इसके बाद से उन्हें पार्टी की बैठकों में आमंत्रित नहीं किया जा रहा है।


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