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जम्मू-कश्मीर में पूरी तरह से शराबबंदी हो जानी चाहिए: जुहैब यूसुफ मीर

नेशनल कॉन्फ्रेंस विधायक हसनैन मसूदी के शराब प्रतिबंध वाले बयान पर पीडीपी प्रवक्ता जुहैब यूसुफ मीर ने आईएएनएस से कहा कि पर्यटन यहां खत्म हो चुका है। इस वक्त हमें अपनी संस्कृति को बचाना है

जम्मू-कश्मीर में पूरी तरह से शराबबंदी हो जानी चाहिए: जुहैब यूसुफ मीर
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श्रीनगर। नेशनल कॉन्फ्रेंस विधायक हसनैन मसूदी के शराब प्रतिबंध वाले बयान पर पीडीपी प्रवक्ता जुहैब यूसुफ मीर ने आईएएनएस से कहा कि पर्यटन यहां खत्म हो चुका है। इस वक्त हमें अपनी संस्कृति को बचाना है। पिछले साल भी नाव में, ऑटो में लोग शराब पीते देखे गए थे और बहुत जगहों पर हमले के भी मामले सामने आए थे। इन सब घटनाओं को देखते हुए यहां पर शराब पूरी तरह से बैन हो जानी चाहिए।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री ने वहां शराब बंदी की, गुजरात में भी शराब बैन हो चुकी है तो कश्मीर के कल्चर की रिस्पेक्ट क्यों नहीं की जाएगी? यहां के मुख्यमंत्री की भी कोशिश होनी चाहिए कि लोगों की भावनाओं का ध्यान रखें। ऐसे में अगर जम्मू-कश्मीर में शराब बैन होती है तो अच्छी बात है।

उन्होंने कहा कि जब से नेशनल कॉन्फ्रेंस वाले सत्ता में आए हैं, तब से ये लोग दोहरे बयान दे रहे हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस वालों ने शराब बैन करने का वादा किया था। अब ये लोग यहां पर शराब चालू रहने के लिए वकालत कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मैं सरकार से सवाल पूछता हूं कि एंप्लॉयमेंट की स्थिति काफी खराब है। जम्मू-कश्मीर में हर साल 25 से 30 हजार लोग स्नातक होते हैं। उनके पास कौशल नहीं है और मार्केट में उनके लिए नौकरी भी नहीं है। जम्मू-कश्मीर में साढ़े तीन लाख लोग बेरोजगार हैं। जम्मू-कश्मीर में पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद पर्यटन खत्म हो गया है। कई जगहों पर व्यापार भी खत्म हो गए।

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर बिजली की कमी से मुश्किल दौर से गुजर रहा है। किसी की छोटी रकम भी बाकी है तो उनकी भी बिजली काट दी गई। रमजान के वक्त भी बिजली काट दी गई। एक तरफ बेरोजगारी, दूसरी तरह बिजली बिल में बढ़ोतरी, ऐसे में लोग कैसे अपने घर का ख्याल रखेंगे?


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