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कश्मीर में तेज हवाएं और ओलावृष्टि, सोपोर में कई घरों की छतें उड़ीं

घाटी के कई हिस्सों में मंगलवार को तेज हवाओं और ओलावृष्टि के कारण सोपोर इलाके में कुछ घरों की छतें उड़ गईं।

कश्मीर में तेज हवाएं और ओलावृष्टि, सोपोर में कई घरों की छतें उड़ीं
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श्रीनगर। घाटी के कई हिस्सों में मंगलवार को तेज हवाओं और ओलावृष्टि के कारण सोपोर इलाके में कुछ घरों की छतें उड़ गईं।

शाम को घाटी के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश, आंधी और ओले गिरे। खबर है कि सोपोर में तेज हवाओं की वजह से कुछ घरों की छतें उड़ गईं। श्रीनगर शहर के बाहरी इलाके निशार में भी ओलावृष्टि हुई।

पिछले एक हफ्ते से घाटी में मौसम का मिजाज बदला-बदला रहा। ओलावृष्टि से घाटी के दक्षिण और उत्तर में सेब के कई बागों को भारी नुकसान पहुंचा है। इस दौरान कुछ इलाकों में सब्जियों के साथ-साथ धान की उन नर्सरियों को भी नुकसान पहुंचा है जिन्हें खेतों में रोपा जाना था।

स्थानीय मौसम विभाग ने कुपवाड़ा, बारामूला, बांदीपोरा, गांदरबल और आस-पास के इलाकों, बड़गाम के कई हिस्सों, सोनमर्ग-बालटाल-पवित्र गुफा रूट, पहलगाम-पवित्र गुफा रूट, दक्षिण कश्मीर के कुछ हिस्सों और त्राल इलाके में बारिश/आंधी का अनुमान जताया था। साथ ही, कुछ जगहों पर थोड़ी देर के लिए तेज बारिश, आंधी, ओलावृष्टि, बिजली कड़कने और तेज हवाओं की भी संभावना जताई गई थी।

मौसम विभाग ने एक एडवाइजरी जारी कर लोगों से कहा है कि वे आंधी-तूफान और बिजली कड़कने के दौरान घर के अंदर रहें और ढीले-ढाले ढांचों, बिजली के तारों/खंभों और पुराने पेड़ों से दूर रहें। पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सलाह दी गई है कि वे डल झील समेत सभी जल निकायों में बोटिंग और शिकारा की सवारी न करें।

एडवाइजरी में कहा गया है कि कुपवाड़ा, बारामूला, बांदीपोरा और दक्षिण कश्मीर के कुछ इलाकों में तेज बारिश के साथ ओले पड़ने की संभावना है, जिससे अचानक बाढ़ और भूस्खलन हो सकता है।

कश्मीर घाटी में आजकल मौसम बहुत अस्थिर बना हुआ है। यहां कभी बेमौसम लू चलती है, तो कभी अचानक आंधी-तूफान, भारी बारिश और जोरदार ओलावृष्टि होती है। हाल के मौसम में आए बदलावों ने इस इलाके की पारंपरिक समशीतोष्ण जलवायु (न बहुत ज्यादा गर्मी, न बहुत ज्यादा ठंड वाला मौसम) को काफी हद तक बदल दिया है।

हाल के मौसमों में श्रीनगर में तापमान रिकॉर्ड स्तर पर 37 डिग्री सेलसियस तक पहुंच गया है। इसके पीछे ग्लोबल वार्मिंग, पेड़ों की कटाई और तेज़ी से हो रहे शहरीकरण का खतरनाक मेल है। गर्म हवा में नमी ज्यादा होने के कारण वातावरण में भारी अस्थिरता पैदा हुई है। अचानक होने वाली ओलावृष्टि और जबरदस्त आंधी-तूफान ने खेती वाले मुख्य इलाकों को अक्सर नुकसान पहुंचाया है।


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