देश में कुछ लोग हिटलर की विचारधारा का कर रहे पालन लेकिन भारत में समाप्त होगा चरमपंथ : फारूक अब्दुल्ला
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने गुरूवार को कहा कि देश में कुछ लोग हिटलर की विचारधारा का पालन कर रहे हैं लेकिन एक समय आयेगा जब भारत में चरमपंथ समाप्त हो जायेगा। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने नये साल के अवसर पर देश में अमन-चैन और खुशहाली की भी प्रार्थना की

नाजीवाद की तरह भारत में भी चरमपंथ समाप्त होगा : फारूक अब्दुल्ला
श्रीनगर। नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने गुरूवार को कहा कि देश में कुछ लोग हिटलर की विचारधारा का पालन कर रहे हैं लेकिन एक समय आयेगा जब भारत में चरमपंथ समाप्त हो जायेगा। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने नये साल के अवसर पर देश में अमन-चैन और खुशहाली की भी प्रार्थना की।
अब्दुल्ला ने यह टिप्पणी उस मामले मेंं की जब देश के अलग-अलग हिस्सों में कश्मीरी शॉल बेचने वालों पर हुए हमलों के बारे में उनसे सवाल पूछे गये थे। उन्होंने कहा कि कुछ लोग हिटलर के रास्ते पर चल रहे हैं और और वे चाहते हैं कि यहां हिटलर का निजाम स्थापित हो।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने नाजीवाद के पतन का वर्णन करते हुए कहा, "हिटलर ने खुद को गोली मार ली और वह खत्म हो गया। जैसे नाजीवाद खत्म हुआ, वैसे ही एक समय आएगा जब हमारे देश में भी चरमपंथ समाप्त हो जायेगा।"
अब्दुल्ला ने श्रीनगर में पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बंगलादेश दौरे का स्वागत किया, जहां उन्होंने खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में हिस्सा लिया और पड़ोसी देश को भारत का पुराना और भरोसेमंद दोस्त बताया।
अब्दुल्ला ने कहा, "मुझे खुशी है कि हमारे विदेश मंत्री वहां गए और बेगम खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में शामिल हुए। यह अच्छी बात है।" जम्मू- कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने दोनों देशों के मजबूत संबंधों के महत्व पर जोर देते हुए कहा, "बंगलादेश हमारा पुराना दोस्त है और हमें अपनी दोस्ती को मजबूत करना है।"
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष ने नए साल की शुरुआत पर देश के सामने आने वाली मौजूदा मुश्किलों से शांति, समृद्धि और राहत के लिए भी प्रार्थना की।
अब्दुल्ला ने कहा, "नये साल का आगाज हो गया है। हमारी समस्याएं कम हों। हमारे देश में शांति आए।" उन्होंने पड़ोसी देशों के साथ संबंधों में सुधार के लिये प्रार्थना करते हुए कहा, "अल्लाह हमारे पड़ोसियों से दोस्ती कराए। हम मुश्किलों से बाहर निकलें।"


