श्रीनगर में बुखारी की मांग– आर्थिक उत्थान के लिए ठोस नीतियां
जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी के अध्यक्ष अलताफ़ बुख़ारी ने सरकार से श्रीनगर के निवासियों के आर्थिक उत्थान के लिए ठोस नीतिगत कदम उठाने की मांग की

'70 साल की उपेक्षा' पर पारंपरिक दलों पर बरसे बुखारी
- मैसूमा जनसभा में उठी रोजगार और विकास की आवाज़
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी के अध्यक्ष अलताफ़ बुख़ारी ने शनिवार को सरकार से श्रीनगर के निवासियों के आर्थिक उत्थान के लिए ठोस नीतिगत कदम उठाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि श्रीनगर के लोग दशकों से आर्थिक विकास और सशक्तिकरण के मामले में उपेक्षित रहे हैं, जबकि उन्होंने लंबे समय तक पारंपरिक राजनीतिक दलों पर भरोसा जताया।
उन्होंने श्रीनगर के मैसूमा में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि विधानसभा चुनावों में सक्रिय भागीदारी के बावजूद मैसूमा और आसपास के क्षेत्रों के लोगों के आर्थिक विकास के लिए ठोस पहल नहीं की गयी।
उन्होंने कहा कि चुनावों में भारी मतदान यह दर्शाता है कि लोगों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति को अपनाया है, लेकिन सत्तारूढ़ दल को इसका सकारात्मक जवाब देना चाहिए था।
उन्होंने पारंपरिक राजनीतिक दलों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पिछले 70 वर्षों में सत्ता में रहने के बावजूद उन्होंने श्रीनगर के आर्थिक विकास के लिए कोई सार्थक प्रयास नहीं किये, जिससे लोग आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।
श्री बुख़ारी कहा कि मैसूमा, कोकर बाजार और पुराने श्रीनगर के कई इलाकों में आज भी गरीबी स्पष्ट रूप से दिखाई देती है और आवास की कमी के कारण कई परिवार एक ही घर में रहने को मजबूर हैं।
उन्होंने केंद्र सरकार से जम्मू-कश्मीर के लोगों, विशेषकर युवाओं के साथ सार्थक संवाद शुरू करने की मांग दोहराई, ताकि विश्वास बहाल किया जा सके और दूरी कम की जा सके।


