Top
Begin typing your search above and press return to search.

वीर सावरकर के इतिहास को समझे बिना बयान देना दुखद है : एस प्रकाश

वीर सावरकर को लेकर कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव के विवादित बयान पर प्रदेश भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है

वीर सावरकर के इतिहास को समझे बिना बयान देना दुखद है : एस प्रकाश
X

बेंगलुरु। वीर सावरकर को लेकर कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव के विवादित बयान पर प्रदेश भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा प्रवक्ता एस. प्रकाश ने कहा, "इसकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए। देश की जनता को लगता है कि कांग्रेसी कम से कम गांधी जयंती के दिन तो सच बोलेंगे।''

लेकिन, गांधी जयंती के दिन भी वे सावरकर के इतिहास को समझे बिना ही झूठी टिप्पणियां और भ्रामक बयान देने में लगे हैं। यह बहुत दुखद है। कर्नाटक राज्य के एक जिम्मेदार कैबिनेट मंत्री द्वारा इस तरह के बयान की अपेक्षा नहीं की जाती है। कांग्रेसी बयान देने से पहले यह समझ लें कि उनकी नेता इंदिरा गांधी ने सावरकर के सम्मान में एक डाक टिकट जारी किया था। इसलिए, वे इस तरह की गैरजिम्मेदाराना बात करके अपने ही नेता का अपमान कर रहे हैं।

दरअसल, कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने 2 अक्टूबर को एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा, "वीर सावरकर एक ब्राह्मण थे, जो गोमांस खाते थे और मांसाहारी माने जाते थे। उन्होंने गोहत्या का विरोध नहीं किया और इस विषय पर आधुनिकतावादी विचार रखते थे। जिन्ना कभी कट्टर इस्लामवादी नहीं थे। लेकिन, सावरकर कट्टरपंथी थे।

सोशल मीडिया पर उनका यह बयान तेजी से वायरल हो रहा है।

बता दें कि कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री के बयान पर भाजपा के अन्य नेताओं ने भी एतराज जताया था। भाजपा नेताओं ने अपने बयान में कहा, स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव का मानसिक संतुलन बिगड़ चुका है। इसके लिए देश में अच्छे से अच्छे स्वास्थ्य केंद्र हैं जहां वह अपना इलाज करा सकते हैं। ऐसे लोग देश के इतिहास, संस्कृति और महान हस्तियों के बारे में अज्ञानता पूर्ण बयान देते हैं। राजनीति चमकाने के लिए और सुर्खियों में आने के लिए ऐसे बयान दिए जाते हैं, जिसे देश की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी। देश की जनता समय-समय पर ऐसे लोगों के मानसिक असंतुलन को दूर करने का काम करती है।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it