अन्ना आंदाेलन काे राजनीतिक जामा पहनाना अच्छा नहीं
आप से इस्तीफा देने के अगले दिन पार्टी के पूर्व वरिष्ठ नेता एचएस फुल्का ने कहा कि समाजसेवी अन्ना हजारे के आंदोलन को राजनीतिक जामा न पहनाकर एक समानांतर सामाजिक आंदोलन के रूप में रखा जाता तो बेेहतर होता

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी(आप) से इस्तीफा देने के अगले दिन पार्टी के पूर्व वरिष्ठ नेता एचएस फुल्का ने शुक्रवार को कहा कि समाजसेवी अन्ना हजारे के आंदोलन को राजनीतिक जामा न पहनाकर एक समानांतर सामाजिक आंदोलन के रूप में रखा जाता तो बेेहतर होता।
श्री फुल्का ने गुरुवार को ‘आप’ से इस्तीफा देने के बाद कहा था कि इस्तीफा के कारण का खुलासा वह शुक्रवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में करेंगे। उन्होंने आज यहां कहा कि राजनीति में रहने के कारण उन्हें सामाजिक कार्यों के लिए समय नहीं मिल पा रहा था इसलिए इस्तीफा दे दिया। उन्होंनेे कहा कि वह लगभग एक साल से सक्रिय राजनीति से दूर हैं। ‘आप’ पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि ‘अन्ना आंदोलन’ को राजनीतिक दल में बदलना अच्छा निर्णय नहीं था। उन्होंने कहा कि वह आगामी आम चुनाव नहीं लड़ेंगे।
श्री फुल्का ने कहा कि देश में एक समानांतर गैर-पक्षपातपूर्ण सामाजिक आंदोलन की आवश्यकता है जिसका राजनीति में विलय न हो। वह इस आंदोलन का शुभारंभ पंजाब से करेंगे और शुरूआत में नशीले पदार्थों के खिलाफ काम करेंगे।
उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पंजाब में मादक पदार्थ आसानी से उपलब्ध हैं क्योंकि कोई भी राजनीतिक दल इसके खिलाफ गंभीरता से काम नहीं कर रहा है।


