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केसीसी धारक किसानों के लिए सस्ता कर्ज लेना आसान : मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) धारक किसानों के लिए बैंकों से सस्ता कर्ज लेना आसान हो गया है

केसीसी धारक किसानों के लिए सस्ता कर्ज लेना आसान : मोदी
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चित्रकूट (उत्तर प्रदेश)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) धारक किसानों के लिए बैंकों से सस्ता कर्ज लेना आसान हो गया है, इसलिए सरकार ने पीएम-किसान योजना का दायरा बढ़ाकर इसके सभी लाभार्थियों को केसीसी की सुविधा देने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि इससे छोटे किसानों को अब कर्ज के लिए साहूकारों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। मोदी ने यहां एक कार्यक्रम के दौरान किसानों को संबोधित करते हुए कहा, "बैंक से सस्ता और आसान कर्ज मिलने से आपको अब कर्ज के लिए इधर-उधर कहीं जाने की आवश्यकता नहीं होगी।"

मोदी सरकार की अति महत्वाकांक्षी व किसान हितैषी योजना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) की पहली वर्षगांठ पर आयोजित यहां एक विशाल एवं भव्य समारोह में प्रधानमंत्री ने यहां पीएम-किसान के कुछ लाभार्थियों को सांकेतिक तौर पर किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) भी बांटे। इस मौके पर देशभर में बैंकों की 28,000 शाखाओं में किसानों को केसीसी बांटने का विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। केसीसी धारक किसानों को बैंकों से महज चार फीसदी ब्याज दर पर अल्पावधि ऋण मिलता है।

पीएम-किसान योजना के तहत लाभार्थी को सालाना मिलने वाली 6,000 रुपये की राशि तीन समान किश्तों में दिया जाता है जिसका लाभ देश के करीब 8.52 करोड़ किसानों को मिलने लगा है। प्रधानमंत्री ने कहा, "पीएम-किसान के सभी लाभार्थियों को केसीसी की सुविधा देने की कोशिश जारी है। अभी करीब पौने दो करोड़ लाभार्थी इससे वंचित है। इस अंतर को भरने के लिए 15 दिनों का एक विशेष अभियान चलाया गया और 40 लाख से अधिक किसानों को केसीसी से जोड़ा गया।"

प्रधानमंत्री ने कहा कि पीएम-किसान के लाभार्थियों को पीएम-किसान जीवन ज्योति बीमा और पीएम किसान जीवन सुरक्षा बीमा से भी जोड़ा जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने चित्रकूट की ऐतिहासिक धरती से देश के किसानों के लिए एक और महत्वपूर्ण अभियान का आगाज किया। देश के किसानों को सशक्त बनाने और उनकी आमदनी बढ़ाने के मकसद से उन्होंने 10,000 नए किसान उत्पादक संगठन बनाने के कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की।

बता दें कि देश में पहले भी एफपीओ बने और विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे हैं लेकिन इतने बड़े पैमाने पर सरकार द्वारा एफपीओ बनाने के लिए विशेष तौर पर अभियान चलाने का यह पहला प्रयास है। केंद्र सरकार ने अगले पांच साल में 10,000 नए एफपीओ बनाने का लक्ष्य रखा है।

प्रधानमंत्री ने कहा, "देश के किसानों को सशक्त बनाने और उनकी आमदनी बढ़ाने के मकसद से 10,000 एफपीओ बनाने का फैसला लिया गया है।" उन्होंने कहा कि इस पूरे अभियान पर अगले पांच साल में 5,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

देश में छोटे जोत के आकार यानी कम जमीन वाले किसानों की आबादी अधिक है जो साधनहीन हैं लिहाजा सरकार ने उनको समूह में जोड़कर किसान उत्पादक संगठन बनाने का फैसला लिया है, ताकि फसलों के उत्पादन, प्रसंस्करण व व्यापार में किसानों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

मोदी ने कहा, "किसान अब फसल भी बोएगा और कुशल व्यापारी की तरह मोलभाव करके अपनी उपज का सही दाम भी प्राप्त करेगा।"

इससे पहले प्रधानमंत्री प्रयागराज से सीधे चित्रकूट के भरतकूप स्थित गोड़ा गांव पहुंचे और सबसे पहले बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास किया।

पीएम-किसान सम्मान निधि की पहली वर्षगांठ पर आयोजित समारोह में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याणमंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि किसानों की आमदनी बढ़ाने और गांव, गरीब व खेती के काम से जुड़े लोगों की आर्थिक तरक्की में एफपीओ व केसीसी मील के पत्थर साबित होंगे।

प्रधानमंत्री ने एक साल पहले 24 फरवरी 2019 को उत्तर प्रदेश के ही गोरखपुर में आयोजित किसानों के एक सम्मेलन में पीएम-किसान की पहली किश्त सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजकर इस योजना का आगाज किया था। हालांकि इसकी घोषणा एक फरवरी 2019 को पेश आम बजट में ही की गई थी। प्रत्येक लाभार्थी किसानों को साल में 6,000 रुपये तीन समान किश्तों में आर्थिक मदद की यह योजना घोषणा से पूर्व दिसंबर 2018 से ही लागू की गई थी।


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