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266 दिन की तैनाती के बाद लौटेगा USS अब्राहम लिंकन, खराब हालात की खबरों के बीच अमेरिकी नौसेना का बड़ा फैसला

अब्राहम लिंकन पर तैनात सैनिकों की परिस्थितियों को लेकर सामने आई रिपोर्टों में कई समस्याओं का उल्लेख किया गया है। इनमें भोजन की कमी, स्वच्छता से जुड़ी सामग्री की कमी और शौचालय तथा पानी की व्यवस्था में परेशानियां शामिल हैं।

266 दिन की तैनाती के बाद लौटेगा USS अब्राहम लिंकन, खराब हालात की खबरों के बीच अमेरिकी नौसेना का बड़ा फैसला
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वॉशिंगटन: USS Abraham Lincoln: अमेरिकी विमानवाहक पोत USS अब्राहम लिंकन 266 दिनों की लंबी तैनाती के बाद अमेरिका लौटने की तैयारी में है। विमानवाहक पोत की यह वापसी ऐसे समय हो रही है, जब जहाज पर तैनात नौसैनिकों और मरीन सैनिकों की कथित खराब परिस्थितियों को लेकर रिपोर्ट सामने आई हैं। इन खबरों ने अमेरिकी कांग्रेस के साथ-साथ सैनिकों के परिवारों का भी ध्यान आकर्षित किया है। अमेरिकी नौसेना के कार्यवाहक मंत्री हंग काओ के मुताबिक, अब्राहम लिंकन ने कुल 266 दिन तैनाती में बिताए हैं, जिनमें करीब 200 दिन युद्ध क्षेत्र में रहे। उन्होंने कहा कि जहाज की वापसी पहले से तय रोटेशन का हिस्सा है और उसकी लंबी तैनाती मिशन की जरूरतों के कारण हुई थी।

मिशन की जरूरत के चलते बढ़ी तैनाती

हंग काओ ने कहा कि विमानवाहक पोत की तैनाती इसलिए लंबी हुई क्योंकि सैन्य मिशन को इसकी आवश्यकता थी। उन्होंने नौसैनिकों की परिस्थितियों को लेकर सामने आई खबरों को ज्यादा महत्व नहीं दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिकी नौसेना के लिए सैनिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उनके मुताबिक, लंबे समय तक समुद्र में रहने के बावजूद जवानों ने अपनी जिम्मेदारियों को पूरी क्षमता से निभाया।

भोजन और स्वच्छता को लेकर उठे सवाल

अब्राहम लिंकन पर तैनात सैनिकों की परिस्थितियों को लेकर सामने आई रिपोर्टों में कई समस्याओं का उल्लेख किया गया है। इनमें भोजन की कमी, स्वच्छता से जुड़ी सामग्री की कमी और शौचालय तथा पानी की व्यवस्था में परेशानियां शामिल हैं। रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया कि विमानवाहक पोत लंबे समय तक किसी बंदरगाह पर नहीं रुका। रिपोर्ट के मुताबिक, जहाज 200 से ज्यादा दिनों तक किसी बंदरगाह पर नहीं गया था। लंबी तैनाती के कारण जहाज पर मौजूद सैनिकों को सामान्य परिस्थितियों की तुलना में अधिक समय समुद्र में बिताना पड़ा। इससे उनके कामकाज और व्यक्तिगत जीवन पर भी दबाव बढ़ने की बात सामने आई है।

मानसिक स्वास्थ्य के कुछ मामलों का इलाज

काओ ने यह भी स्वीकार किया कि लंबी तैनाती के दौरान मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े कुछ मामलों का इलाज किया गया। हालांकि, उन्होंने कहा कि इस दौरान किसी सैनिक की मौत नहीं हुई। उन्होंने बताया कि ताजा आपूर्ति उपलब्ध नहीं होने पर भोजन की योजनाओं में बदलाव करना पड़ा। इसके अलावा परिचालन संबंधी सुरक्षा कारणों से कई बार सैनिकों की घर पर फोन करने की क्षमता भी सीमित रही। काओ के अनुसार, सैनिक स्वाभाविक रूप से थके हुए हैं, लेकिन उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों से पीछे हटने से इनकार किया और मिशन जारी रखा।

समुद्र में गिरा था एक नौसैनिक

अब्राहम लिंकन की लंबी तैनाती के दौरान एक नौसैनिक के समुद्र में गिरने की घटना भी सामने आई थी। CNN के मुताबिक, पिछले महीने एक सैनिक जहाज से समुद्र में गिर गया था। हालांकि, उसे तत्काल बचा लिया गया और चिकित्सकीय जांच की गई। घटना के बाद उसकी ड्यूटी पर वापसी हुई या उसे जहाज से हटाया गया, इससे जुड़ी पूरी जानकारी तत्काल स्पष्ट नहीं हो सकी थी। इस घटना ने भी लंबे समय तक समुद्र में तैनात सैनिकों की सुरक्षा और उनके कामकाजी माहौल को लेकर सवाल खड़े किए।

USS जॉर्ज वॉशिंगटन भी पश्चिम एशिया की ओर

इस बीच अमेरिकी नौसेना की तैनाती व्यवस्था में एक और बड़ा बदलाव हुआ है। एक रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ध्यान ईरान युद्ध पर केंद्रित होने के बीच अमेरिका ने प्रशांत क्षेत्र से अपने अंतिम विमानवाहक पोत USS जॉर्ज वॉशिंगटन को वापस बुलाने का फैसला किया है। बताया जा रहा है कि जॉर्ज वॉशिंगटन प्रशांत महासागर से रवाना होकर पश्चिम एशिया की ओर जाएगा। उम्मीद है कि वह क्षेत्र में USS अब्राहम लिंकन की जगह ले सकता है।

लंबी तैनाती के बाद अब राहत की उम्मीद

अब्राहम लिंकन की वापसी से जहाज पर तैनात हजारों नौसैनिकों और मरीन सैनिकों को लंबी समुद्री तैनाती के बाद राहत मिलने की उम्मीद है। 266 दिनों की तैनाती और करीब 200 दिनों तक युद्ध क्षेत्र में सक्रिय रहने के बाद जहाज की वापसी अमेरिकी नौसेना के लिए भी महत्वपूर्ण रोटेशन मानी जा रही है। हालांकि, सैनिकों की सुविधाओं और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दे अब भी चर्चा में हैं। ऐसे में वापसी के बाद नौसेना की ओर से इन परिस्थितियों की समीक्षा और भविष्य की लंबी तैनाती के लिए व्यवस्थाओं में सुधार पर नजर रहेगी।


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