Top
Begin typing your search above and press return to search.

अमेरिका नौसैनिक नाकाबंदी हटाए, तभी ईरान से होगी वार्ता… तेहरान के सख्त तेवर

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ के साथ फोन पर हुई अहम बातचीत के दौरान पेज़ेश्कियन ने अपना रुख दोहराया। उन्होंने कहा कि मौजूदा संकट की जड़ संवाद की कमी नहीं, बल्कि वाशिंगटन की आक्रामक और शत्रुतापूर्ण नीतियां हैं।

अमेरिका नौसैनिक नाकाबंदी हटाए, तभी ईरान से होगी वार्ता… तेहरान के सख्त तेवर
X
तेहरान/वॉशिंगटन/इस्लामाबाद: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ( Masoud Pezeshkian) ने स्पष्ट कर दिया है कि मौजूदा परिस्थितियों में अमेरिका के साथ कोई भी सीधी वार्ता संभव नहीं है। उन्होंने दो टूक कहा कि जब तक अमेरिका की ओर से जारी नौसैनिक नाकाबंदी और अन्य दबावपूर्ण कदम खत्म नहीं किए जाते, तब तक बातचीत का कोई आधार नहीं बन सकता। यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच पिछले कई हफ्तों से तनाव चरम पर है।

पाकिस्तान के पीएम से बातचीत में दोहराया रुख

शनिवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ के साथ फोन पर हुई अहम बातचीत के दौरान पेज़ेश्कियन ने अपना रुख दोहराया। उन्होंने कहा कि मौजूदा संकट की जड़ संवाद की कमी नहीं, बल्कि वाशिंगटन की आक्रामक और शत्रुतापूर्ण नीतियां हैं। ईरानी राष्ट्रपति ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक अमेरिका अपने रवैये में बदलाव नहीं करता, तब तक किसी भी प्रकार की कूटनीतिक पहल आगे नहीं बढ़ सकती।

दबाव और धमकी में नहीं होगा संवाद

पेज़ेश्कियन ने अमेरिका को सीधे संदेश देते हुए कहा कि ईरान किसी भी तरह के दबाव, धमकी या आर्थिक-सैन्य प्रतिबंधों के तहत बातचीत नहीं करेगा। उनके अनुसार, विश्वास बहाली के लिए सबसे पहले अमेरिका को अपनी नीतियों में बदलाव करना होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान हालात में बातचीत का माहौल इसलिए नहीं बन पा रहा है क्योंकि अमेरिका की कार्रवाइयां भरोसे को कमजोर कर रही हैं।

नाकाबंदी हटाने की शर्त रखी

ईरानी राष्ट्रपति ने साफ तौर पर कहा कि यदि अमेरिका वास्तव में बातचीत शुरू करना चाहता है, तो उसे सबसे पहले नौसैनिक नाकाबंदी हटानी होगी। इसके साथ ही अन्य सैन्य और आर्थिक प्रतिबंधों को भी समाप्त करना होगा। पेज़ेश्कियन के मुताबिक, यह कदम दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली की दिशा में पहला और जरूरी संकेत होगा। उन्होंने कहा कि बाधाएं हटने के बाद ही सार्थक संवाद की संभावना बन सकती है।

आठ हफ्तों से जारी है तनाव

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव पिछले आठ हफ्तों से लगातार बढ़ रहा है। 13 अप्रैल से लागू अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी के कारण ईरान के कई प्रमुख बंदरगाह प्रभावित हुए हैं, जिससे आर्थिक गतिविधियों पर भी असर पड़ा है। इससे पहले इस्लामाबाद में हुई उच्च स्तरीय शांति वार्ता भी बिना किसी ठोस परिणाम के समाप्त हो गई थी, जिससे दोनों देशों के बीच अविश्वास और बढ़ गया।

ट्रंप ने रद्द की पाकिस्तान यात्रा

इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने वरिष्ठ सलाहकार जेरेड कुशनर और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ की पाकिस्तान यात्रा रद्द कर दी। यह दोनों अधिकारी वार्ता के नए दौर के लिए इस्लामाबाद जाने वाले थे। ट्रंप ने इस फैसले को लंबी यात्रा, अधिक खर्च और प्रस्तावित बैठकों में ईरान के शीर्ष नेतृत्व की अनुपस्थिति से जोड़ा। उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारियों से मिलने का कोई खास फायदा नहीं जिनकी अंतरराष्ट्रीय पहचान सीमित हो।

अमेरिका की मांग पर कायम ट्रंप

पाम बीच अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान की ओर से जो प्रस्ताव आया, वह “काफी” था, लेकिन “पर्याप्त” नहीं। उन्होंने दोहराया कि अमेरिका की मूल मांग में कोई बदलाव नहीं हुआ है। ट्रंप के मुताबिक, वाशिंगटन का स्पष्ट रुख है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने यह भी कहा कि 20 वर्षों तक यूरेनियम संवर्धन रोकने की मांग अब भी अमेरिकी रणनीति का हिस्सा है।

ईरान का पलटवार और संशोधित प्रस्ताव

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि वार्ता रद्द होने के बावजूद ईरान ने तुरंत एक संशोधित और बेहतर प्रस्ताव पेश किया। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका अपने मूल सिद्धांतों से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने युद्धविराम से जुड़े सवालों को भी खारिज करते हुए कहा कि फिलहाल इस पर विचार नहीं किया गया है।

इस्लामाबाद से लौटा ईरानी प्रतिनिधिमंडल

इससे पहले ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बताया था कि तेहरान ने पाकिस्तान के साथ एक व्यावहारिक शांति ढांचा साझा किया है। हालांकि, उन्होंने अमेरिका की कूटनीतिक प्रतिबद्धता पर सवाल उठाए। ईरानी प्रतिनिधिमंडल मांगों की एक आधिकारिक सूची सौंपने के बाद इस्लामाबाद से लौट चुका है। इससे पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिशों पर भी अनिश्चितता के बादल मंडराने लगे हैं।

Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it