2600 मेहमान, 4 से 5 राउंड फायरिंग… गोलीबारी के बाद कैसे मेज के नीचे छिपे लोग, VIDEO
यह हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम वॉशिंगटन के हिल्टन होटल में आयोजित किया गया था, जिसमें करीब 2600 से अधिक मेहमान शामिल थे। इनमें राजनीतिक हस्तियां, मीडिया प्रतिनिधि और कई जानी-मानी शख्सियतें मौजूद थीं।

वॉशिंगटन डीसी:US Hilton Hotel Shooting: अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में आयोजित प्रतिष्ठित व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर के दौरान शनिवार रात अचानक फायरिंग की घटना सामने आई, जिससे पूरे कार्यक्रम में हड़कंप मच गया। उस समय पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस समेत कई वरिष्ठ नेता और पत्रकार मौजूद थे। घटना के तुरंत बाद सीक्रेट सर्विस ने सक्रियता दिखाते हुए ट्रंप को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
हिल्टन होटल में आयोजित था कार्यक्रम
यह हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम वॉशिंगटन के हिल्टन होटल में आयोजित किया गया था, जिसमें करीब 2600 से अधिक मेहमान शामिल थे। इनमें राजनीतिक हस्तियां, मीडिया प्रतिनिधि और कई जानी-मानी शख्सियतें मौजूद थीं। कार्यक्रम अपने चरम पर था, तभी अचानक फायरिंग की आवाज सुनाई दी, जिसने माहौल को पूरी तरह बदल दिया।
फायरिंग के बाद मची भगदड़
जैसे ही गोली चलने की आवाज आई, हॉल में मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। कई लोग अपनी सुरक्षा के लिए टेबल के नीचे छिप गए, जबकि कुछ लोग बाहर निकलने के लिए दौड़ पड़े। होटल स्टाफ और वेटर्स भी घबराकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए। कुछ ही मिनटों में पूरा हॉल अफरा-तफरी के माहौल में बदल गया।
#WATCH | US President Donald Trump and First Lady Melania Trump rushed out of the White House Correspondents' Dinner after shots were reportedly fired at the event. (Source: Unrestricted Pool via Reuters) pic.twitter.com/Z2nDjWzWW0
— ANI (@ANI) April 26, 2026
सीक्रेट सर्विस का त्वरित एक्शन
घटना के तुरंत बाद सीक्रेट सर्विस के जवान हरकत में आए। उन्होंने ट्रंप को तुरंत मंच से हटाकर नीचे झुकाया और सुरक्षित रास्ते से बाहर ले गए। सुरक्षाकर्मियों ने अन्य वरिष्ठ नेताओं को भी एक-एक कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। सुरक्षा एजेंसियों ने तेजी से स्थिति पर नियंत्रण पा लिया, जिससे किसी बड़े नुकसान को टाल दिया गया।
वीडियो में दिखा खौफनाक मंजर
घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिनमें हॉल के अंदर मची अफरा-तफरी साफ देखी जा सकती है। कुछ वीडियो में फायरिंग की आवाज भी सुनाई देती है, जबकि लोग घबराकर इधर-उधर भागते नजर आते हैं। इन दृश्यों ने घटना की गंभीरता को और उजागर कर दिया है।
रिपोर्टर ने सुनाई आपबीती
मौके पर मौजूद एक रिपोर्टर ने घटना का विवरण देते हुए बताया कि पहले उन्हें लगा कि कोई सामान गिरा है, लेकिन कुछ ही सेकंड में स्थिति स्पष्ट हो गई। उन्होंने बताया, “मैंने देखा कि वेटर्स तेजी से भाग रहे थे और लोग टेबल के नीचे छिपने लगे। तभी समझ आया कि मामला गंभीर है। थोड़ी देर बाद सुरक्षाकर्मी हथियारों के साथ मंच पर नजर आए और राष्ट्रपति को सुरक्षित बाहर ले जाया जा चुका था।”
कोई हताहत नहीं, सभी सुरक्षित
राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। सुरक्षा बलों की तत्परता और व्यवस्थित कार्रवाई के कारण स्थिति को जल्द काबू में कर लिया गया। कार्यक्रम स्थल को एहतियातन खाली करा लिया गया और पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया।
हमलावर गिरफ्तार, जांच जारी
सुरक्षा एजेंसियों ने फायरिंग करने वाले संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल उसके मकसद और पहचान को लेकर जांच जारी है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद वह हथियार लेकर होटल के अंदर कैसे पहुंचा। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ट्रंप का बयान: ‘संविधान पर हमला’
घटना के करीब डेढ़ घंटे बाद डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि यह हमला सिर्फ एक कार्यक्रम पर नहीं, बल्कि अमेरिका के संविधान पर हमला था। उन्होंने सीक्रेट सर्विस की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सतर्कता और बहादुरी की वजह से एक बड़ी त्रासदी टल गई। ट्रंप ने बताया कि हमलावर के पास अत्याधुनिक और खतरनाक हथियार थे, लेकिन सुरक्षा बलों ने समय रहते उसे काबू कर लिया।
सोशल मीडिया पर भी जताया आभार
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि वॉशिंगटन में शाम काफी तनावपूर्ण रही, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने बेहतरीन काम किया। उन्होंने कहा कि हमलावर को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्होंने सुझाव दिया कि कार्यक्रम को जारी रखा जाए, ताकि डर का माहौल न बने।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर जैसे हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम में इस तरह की घटना का होना सुरक्षा चूक की ओर इशारा करता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले की गहन जांच की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल को और सख्त किया जा सकता है।


