Top
Begin typing your search above and press return to search.

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सुधार अभियान में तीन भारतीय मूल के विशेषज्ञ शामिल, रघुराम राजन को मिली अहम जिम्मेदारी

पूर्व आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन को फेडरल रिजर्व की बैलेंस शीट नीति की समीक्षा करने वाले कार्यबल में शामिल किया गया है। यह समूह केंद्रीय बैंक की परिसंपत्तियों और मौद्रिक नीति के संचालन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं का मूल्यांकन करेगा। राजन को वैश्विक स्तर पर वित्तीय स्थिरता, केंद्रीय बैंकिंग और मौद्रिक नीति के विशेषज्ञ के रूप में जाना जाता है।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सुधार अभियान में तीन भारतीय मूल के विशेषज्ञ शामिल, रघुराम राजन को मिली अहम जिम्मेदारी
X

वॉशिंगटन/नई दिल्ली: अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने अपनी मौद्रिक नीति और आर्थिक ढांचे में व्यापक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भारतीय मूल के तीन प्रतिष्ठित विशेषज्ञों को अलग-अलग टास्क फोर्स में शामिल किया है। इनमें भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन, प्रसिद्ध अर्थशास्त्री राज चेट्टी और माइक्रोसॉफ्ट की वरिष्ठ अधिकारी आशा शर्मा शामिल हैं। इन नियुक्तियों का उद्देश्य अमेरिकी अर्थव्यवस्था से जुड़े प्रमुख क्षेत्रों की समीक्षा करना और भविष्य की नीति निर्माण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है।

रघुराम राजन को बैलेंस शीट समीक्षा की जिम्मेदारी

पूर्व आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन को फेडरल रिजर्व की बैलेंस शीट नीति की समीक्षा करने वाले कार्यबल में शामिल किया गया है। यह समूह केंद्रीय बैंक की परिसंपत्तियों और मौद्रिक नीति के संचालन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं का मूल्यांकन करेगा। राजन को वैश्विक स्तर पर वित्तीय स्थिरता, केंद्रीय बैंकिंग और मौद्रिक नीति के विशेषज्ञ के रूप में जाना जाता है। उन्होंने वर्ष 2013 से 2016 तक भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर के रूप में कार्य किया था। इससे पहले वे अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में मुख्य अर्थशास्त्री और अनुसंधान निदेशक भी रह चुके हैं।

राज चेट्टी आर्थिक डेटा सुधार कार्यबल का करेंगे सह-नेतृत्व

दिल्ली में जन्मे और वर्तमान में हार्वर्ड विश्वविद्यालय में प्रोफेसर राज चेट्टी को आर्थिक डेटा टास्क फोर्स का सह-नेतृत्व सौंपा गया है। यह कार्यबल ऐसे आर्थिक संकेतकों की गुणवत्ता, सटीकता और समयबद्धता को बेहतर बनाने पर काम करेगा, जिनका उपयोग फेडरल रिजर्व ब्याज दरों और अन्य मौद्रिक नीतियों के निर्धारण में करता है। राज चेट्टी अमेरिका में आर्थिक असमानता, सामाजिक गतिशीलता और श्रम बाजारों पर अपने शोध के लिए विश्वभर में जाने जाते हैं। उन्होंने बड़े प्रशासनिक और रियल-टाइम डेटा के उपयोग को आर्थिक विश्लेषण का प्रभावी माध्यम बनाया है।

आशा शर्मा उत्पादकता और रोजगार पर देंगी सुझाव

माइक्रोसॉफ्ट में वरिष्ठ नेतृत्व की भूमिका निभा रहीं आशा शर्मा को उत्पादकता और रोजगार (Productivity and Jobs) कार्यबल में शामिल किया गया है। यह समूह तकनीकी बदलाव, विशेषकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), का उत्पादकता, रोजगार और आर्थिक विकास पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन करेगा। आशा शर्मा हाल ही में माइक्रोसॉफ्ट के गेमिंग और एक्सबॉक्स व्यवसाय की प्रमुख नियुक्त की गई हैं। उन्होंने सार्वजनिक रूप से यह भी कहा है कि गेमिंग उद्योग में एआई का उपयोग रचनात्मकता का पूरक होना चाहिए, न कि मानव प्रतिभा का विकल्प।

केविन वार्श के नेतृत्व में शुरू हुआ व्यापक सुधार अभियान

इन सभी कार्यबलों का गठन फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वार्श की पहल पर किया गया है। यह पहल पिछले कई वर्षों तक केंद्रीय बैंक के लक्ष्य से ऊपर बनी रही महंगाई के बाद मौद्रिक नीति की समीक्षा और सुधार के उद्देश्य से शुरू की गई है। फेडरल रिजर्व ने इस सुधार कार्यक्रम के तहत कुल पांच स्वतंत्र टास्क फोर्स गठित किए हैं। ये समूह संचार रणनीति, बैलेंस शीट नीति, आर्थिक डेटा, उत्पादकता एवं रोजगार तथा महंगाई संबंधी ढांचे की समीक्षा करेंगे। इनकी सिफारिशों के आधार पर भविष्य की नीतियों में बदलाव किए जा सकते हैं।

सीनेट बैंकिंग कमेटी ने किया फैसले का स्वागत

अमेरिकी सीनेट बैंकिंग कमेटी के चेयरमैन और रिपब्लिकन सांसद टिम स्कॉट ने रघुराम राजन की नियुक्ति का स्वागत करते हुए कहा कि यह निर्णय दर्शाता है कि फेडरल रिजर्व अब केवल पारंपरिक सोच तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि विविध और स्वतंत्र विचारों को भी नीति निर्माण में स्थान दे रहा है। केविन वार्श ने भी कहा कि उन्होंने जानबूझकर ऐसे विशेषज्ञों का चयन किया है जिनकी पृष्ठभूमि और सोच अलग-अलग है। उनके अनुसार, इस पहल का उद्देश्य फेडरल रिजर्व में नई सोच, अधिक पारदर्शिता और बेहतर निर्णय प्रक्रिया को बढ़ावा देना है।

AI और भविष्य की अर्थव्यवस्था पर रहेगा विशेष फोकस

इस सुधार अभियान की सबसे उल्लेखनीय बात यह है कि इसमें केवल शिक्षाविदों ही नहीं, बल्कि तकनीकी क्षेत्र के वरिष्ठ विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है। इससे संकेत मिलता है कि फेडरल रिजर्व भविष्य की अर्थव्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका, उत्पादकता में उसके योगदान और रोजगार पर उसके प्रभाव का गहराई से अध्ययन करना चाहता है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय मूल के इन तीन प्रतिष्ठित पेशेवरों की भागीदारी न केवल फेडरल रिजर्व की नीति निर्माण प्रक्रिया को नई दिशा दे सकती है, बल्कि वैश्विक आर्थिक विमर्श में भारतीय प्रतिभा की बढ़ती भूमिका को भी रेखांकित करती है।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it