होर्मुज स्ट्रेट के पास अमेरिकी हेलिकॉप्टर हादसे का शिकार, दो पायलट रेस्क्यू किए गए
यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब पश्चिम एशिया में हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। हाल के दिनों में ईरान और इजराइल के बीच हुए हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया था। हालांकि, फिलहाल बड़े सैन्य टकराव में कुछ कमी आई है, लेकिन हालात को अब भी नाजुक माना जा रहा है।

तेहरान/ वॉशिंगटन । होर्मुज स्ट्रेट के निकट अमेरिकी सेना का एक एएच-64 अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के समय हेलिकॉप्टर में मौजूद दोनों पायलटों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना की पुष्टि मामले से परिचित दो अमेरिकी अधिकारियों ने की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी न्यूयॉर्क में पत्रकारों से बातचीत के दौरान घटना की पुष्टि की। हालांकि, दुर्घटना के कारणों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हेलिकॉप्टर किसी हमले का शिकार हुआ, तकनीकी खराबी के कारण गिरा या इसके पीछे कोई अन्य वजह है।
ट्रंप प्रशासन और सेंटकॉम की ओर से नहीं आया बयान
घटना के बाद अमेरिकी प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई है। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने भी मामले पर सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है। अधिकारियों के अनुसार, दुर्घटना की जांच की जा रही है और इसके कारणों का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है।
तनावपूर्ण माहौल के बीच सामने आई घटना
यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब पश्चिम एशिया में हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। हाल के दिनों में ईरान और इजराइल के बीच हुए हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया था। हालांकि, फिलहाल बड़े सैन्य टकराव में कुछ कमी आई है, लेकिन हालात को अब भी नाजुक माना जा रहा है। ऐसे में होर्मुज स्ट्रेट जैसे रणनीतिक क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य गतिविधियां लगातार जारी हैं।
संघर्ष के दौरान पहली बार अपाचे के गिरने की खबर
मौजूदा क्षेत्रीय तनाव के दौरान अमेरिकी सैन्य उपकरणों को नुकसान पहुंचने की घटनाएं सामने आती रही हैं। कुछ विमान दुश्मन की कार्रवाई या अन्य कारणों से प्रभावित हुए हैं, लेकिन इस अवधि में पहली बार अपाचे हेलिकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना सामने आई है। अमेरिकी सेना इस क्षेत्र में निगरानी और सुरक्षा अभियानों के लिए कई तरह के सैन्य प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रही है।
खाड़ी क्षेत्र में सक्रिय हैं अमेरिकी लड़ाकू संसाधन
अमेरिका की ओर से खाड़ी क्षेत्र में एएच-64 अपाचे हेलिकॉप्टरों के अलावा एमक्यू-9 रीपर ड्रोन, एफ/ए-18 और एफ-35 जैसे आधुनिक लड़ाकू विमानों की तैनाती की गई है। इन संसाधनों का इस्तेमाल क्षेत्र में समुद्री मार्गों की सुरक्षा, निगरानी और संभावित खतरों पर नजर रखने के लिए किया जाता है। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि ईरान ने अब तक कई अमेरिकी रीपर ड्रोन को निशाना बनाया है, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।
सेंटकॉम कमांडर ने भी भरी थी अपाचे में उड़ान
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने 4 मई को सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा की थीं, जिनमें सेंटकॉम के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर होर्मुज स्ट्रेट के आसपास अपाचे हेलिकॉप्टर में उड़ान भरते दिखाई दिए थे। यह गतिविधि अमेरिकी नौसेना के 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' अभियान के दौरान हुई थी। इस अभियान का उद्देश्य होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था, हालांकि यह अभियान लंबे समय तक जारी नहीं रह सका।
घातक हेलिकॉप्टरों में गिना जाता है अपाचे
एएच-64 अपाचे को दुनिया के सबसे उन्नत और शक्तिशाली अटैक हेलिकॉप्टरों में शामिल किया जाता है। यह हेलफायर मिसाइलों और अत्याधुनिक सेंसर प्रणाली से लैस होता है। इसका उपयोग दुश्मन के बख्तरबंद वाहनों, ड्रोन और समुद्री खतरों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए किया जाता है। हाल के महीनों में खाड़ी क्षेत्र और ईरान के आसपास इसकी गतिविधियां बढ़ी हैं।
जांच के बाद सामने आएंगे हादसे के कारण
फिलहाल अमेरिकी अधिकारियों की प्राथमिकता दुर्घटनाग्रस्त हेलिकॉप्टर के कारणों का पता लगाना है। दोनों पायलट सुरक्षित हैं, जिससे किसी बड़े मानवीय नुकसान से बचाव हो गया। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसा तकनीकी खराबी का नतीजा था या इसके पीछे कोई अन्य कारण था।


