अमेरिका-ईरान अगले हफ्ते फिर इस्लामाबाद में बातचीत कर सकते हैं,ट्रंप बोले- ईरान के जवाब का इंतजार
रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका ने ईरान के सामने 14 बिंदुओं वाला एक प्रस्तावित ड्राफ्ट रखा है। इसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम, होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव को कम करने और ईरान के उच्च स्तर पर समृद्ध (एनरिच्ड) यूरेनियम भंडार को किसी तीसरे देश भेजने जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं।

तेहरान/ वॉशिंगटन। पश्चिम एशिया में लंबे समय से जारी तनाव और संघर्ष के बीच अमेरिका और ईरान के रिश्तों में नरमी लाने की कोशिशें फिर तेज होती दिखाई दे रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देशों के बीच अगले सप्ताह पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में नई बातचीत शुरू हो सकती है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका और ईरान मध्यस्थ देशों की मदद से एक प्रारंभिक समझौता मसौदे पर काम कर रहे हैं। माना जा रहा है कि यह मसौदा आगे चलकर एक महीने तक चलने वाली औपचारिक वार्ता की नींव बन सकता है। हालांकि दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर अब भी गहरे मतभेद बने हुए हैं, लेकिन युद्ध की स्थिति को नियंत्रित करने और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए बातचीत को अहम माना जा रहा है।
14 बिंदुओं वाले अमेरिकी ड्रॉफ्ट पर चर्चा
रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका ने ईरान के सामने 14 बिंदुओं वाला एक प्रस्तावित ड्रॉफ्ट रखा है। इसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम, होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव को कम करने और ईरान के उच्च स्तर पर समृद्ध (एनरिच्ड) यूरेनियम भंडार को किसी तीसरे देश भेजने जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं। अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि यदि इन मुद्दों पर सहमति बनती है तो क्षेत्र में सैन्य तनाव कम किया जा सकता है। इसके साथ ही सीजफायर को लंबा करने की संभावना भी बढ़ सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी संकेत दिए हैं कि उन्हें ईरान की ओर से जल्द जवाब मिलने की उम्मीद है। ट्रम्प प्रशासन इस बातचीत को खाड़ी क्षेत्र में स्थिरता बहाल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रहा है।
न्यूक्लियर प्रोग्राम पर झुकने को तैयार नहीं ईरान
हालांकि बातचीत की संभावनाओं के बीच ईरान ने अपना रुख साफ कर दिया है। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक तेहरान ने स्पष्ट कहा है कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम या हाईली एनरिच्ड यूरेनियम के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करेगा। ईरान लंबे समय से यह कहता आया है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है। वहीं अमेरिका और पश्चिमी देशों को आशंका है कि ईरान परमाणु हथियार विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ सकता है। इसी मुद्दे को लेकर दोनों देशों के बीच वर्षों से तनाव बना हुआ है।
30 दिन के समझौते पर चर्चा
रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देश 30 दिन तक संघर्ष रोकने और होर्मुज स्ट्रेट को व्यापारिक जहाजों के लिए खोलने के प्रस्ताव पर बातचीत कर रहे हैं। परमाणु कार्यक्रम और एनरिच्ड यूरेनियम अभी सबसे बड़ा विवाद बना हुआ है।
मुज्तबा खामेनेई की बढ़ती भूमिका इस बीच ईरान की सत्ता व्यवस्था को लेकर भी नई जानकारी सामने आई है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का मानना है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई मौजूदा हालात में बेहद अहम भूमिका निभा रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक मुज्तबा युद्ध रणनीति तय करने के साथ-साथ अमेरिका के साथ संभावित बातचीत को भी संभाल रहे हैं। कहा जा रहा है कि ईरान की सत्ता संरचना इस समय काफी दबाव और अव्यवस्था से गुजर रही है, लेकिन इसके बावजूद मुज्तबा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर फैसले ले रहे हैं।
बड़े हमले में घायल हुए थे मुज्तबा
सूत्रों के अनुसार युद्ध की शुरुआत में हुए एक बड़े हमले में ईरान के कई शीर्ष सैन्य अधिकारी मारे गए थे। उसी हमले में मुज्तबा खामेनेई भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बताया जाता है कि उनके पिता की मौत के बाद उन्हें ईरान का नया सुप्रीम लीडर घोषित किया गया। हालांकि अब तक अमेरिकी एजेंसियां यह पुष्टि नहीं कर पाई हैं कि मुज्तबा फिलहाल कहां मौजूद हैं।उनकी सुरक्षा को लेकर ईरानी प्रशासन बेहद सतर्क बताया जा रहा है।
इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से पूरी तरह दूर
रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि सुरक्षा कारणों से मुज्तबा खामेनेई किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। वह मोबाइल फोन, इंटरनेट और डिजिटल संचार माध्यमों से पूरी तरह दूर हैं। बताया जा रहा है कि वह केवल सीमित लोगों से प्रत्यक्ष मुलाकात करते हैं या फिर संदेशवाहकों के जरिए संवाद करते हैं। उन्हें एक गुप्त स्थान पर रखा गया है जहां उनका इलाज भी जारी है। सूत्रों का कहना है कि उनके चेहरे, हाथों और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर जलने के निशान हैं। हालांकि ईरान के सुप्रीम लीडर कार्यालय से जुड़े प्रोटोकॉल प्रमुख मजाहर हुसैनी ने इन दावों को कुछ हद तक कमतर बताते हुए कहा कि मुज्तबा अब पहले से बेहतर स्थिति में हैं। उनके अनुसार, मुज्तबा के पैर और पीठ में हल्की चोटें थीं और कान के पीछे छर्रे का एक छोटा टुकड़ा लगा था, लेकिन अब उनकी हालत स्थिर है।
राष्ट्रपति पजेश्कियन ने की लंबी मुलाकात
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन ने हाल ही में खुलासा किया कि उन्होंने मुज्तबा खामेनेई के साथ लगभग ढाई घंटे लंबी बैठक की थी। इसे युद्ध के बाद किसी वरिष्ठ ईरानी नेता की मुज्तबा के साथ पहली सार्वजनिक मुलाकात माना जा रहा है। इस मुलाकात के बाद यह संकेत मिले हैं कि ईरान की शीर्ष नेतृत्व व्यवस्था धीरे-धीरे फिर सक्रिय हो रही है और आने वाले दिनों में अमेरिका के साथ बातचीत की दिशा स्पष्ट हो सकती है। अब पूरी दुनिया की नजर इस्लामाबाद में संभावित वार्ता पर टिकी हुई है, क्योंकि यह बातचीत मध्य पूर्व के भविष्य और वैश्विक राजनीति दोनों के लिए बेहद अहम साबित हो सकती है।


