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सीएम हिमंता के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए अमेरिकी राजदूत गोर, बोले- यह मेरे लिए सम्मान की बात है

हिमंता बिस्वा सरमा ने लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री के तौर पर दूसरी बार शपथ ली है। इस मौके पर देश की बड़ी राजनीतिक हस्तियां शामिल हुई। वहीं भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियों गोर भी सीएम हिमंता के शपथ ग्रहण समारोह में आए।

सीएम हिमंता के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए अमेरिकी राजदूत गोर, बोले- यह मेरे लिए सम्मान की बात है
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दिसपुर। हिमंता बिस्वा सरमा ने लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री के तौर पर दूसरी बार शपथ ली है। इस मौके पर देश की बड़ी राजनीतिक हस्तियां शामिल हुई। वहीं भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियों गोर भी सीएम हिमंता के शपथ ग्रहण समारोह में आए।

गोर ने सीएम हिमंता के साथ अपनी तस्वीर साझा कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "आज मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए गुवाहाटी में आमंत्रित था, यह मेरे लिए सम्मान की बात है। अमेरिका और असम के बीच कई कमर्शियल संबंध हैं, और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हम अपने दोनों देशों के लिए और भी कई विन-विन सिनेरियो की पहचान करते रहेंगे!"

इसके अलावा भारत में सिंगापुर के उच्चायोग ने भी सीएम हिमंता बिस्वा सरमा को बधाई दी। सिंगापुर को असम का भरोसेमंद दोस्त बताते हुए साइमन वोंग ने कहा कि यह द्वीपीय देश कई क्षेत्रों में पूर्वोत्तर राज्य के साथ सहयोग को और मजबूत करने के लिए उत्सुक है।

उच्चायुक्त ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "हमारे प्यारे दोस्त हिमंता बिस्वा सरमा को बहुत-बहुत बधाई। मुख्यमंत्री के तौर पर आपका नया कार्यकाल निश्चित रूप से असम को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। आपके भरोसेमंद दोस्त के रूप में हम हमेशा की तरह असम के साथ खड़े रहेंगे।"

इसके साथ ही असम में लगातार दो कार्यकाल में मुख्यमंत्री बनने वाले पहले हिमंता पहले गैर-कांग्रेसी नेता बन गए हैं। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के अलावा एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री शामिल हुए।

सीएम हिमंता बिस्वा सरमा का राजनीतिक सफर भी काफी दिलचस्प रहा है। 2015 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर अमित शाह की पहल पर भाजपा का दामन थामा था। उस समय असम में कांग्रेस का दबदबा था, लेकिन हिमंता सरमा ने भाजपा को पूर्वोत्तर में मजबूत करने के लिए रणनीतिक तरीके से काम किया। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि पूर्वोत्तर में भाजपा के तेजी से बढ़ते प्रभाव के पीछे हिमंता बिस्वा सरमा की रणनीति सबसे बड़ा कारण रही।



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