इंटरव्यू में पत्रकार पर ट्रंप भड़के, कहा- मैं रेपिस्ट नहीं: मुझे क्लीन चिट मिल चुकी है; एंकर ने हमलावर का बयान टीवी पर पढ़ दिया था
इसी मैनिफेस्टो को लेकर पत्रकार नोरा ओ’डोनल ने ट्रम्प से सवाल किया कि क्या आरोपी के ये आरोप उनकी ओर इशारा करते हैं। इस सवाल पर ट्रम्प ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने साफ कहा कि उनका इन आरोपों से कोई संबंध नहीं है और वे पूरी तरह निर्दोष हैं।

वॉशिंगटन। Donald Trump Norah O Donnell Interview: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प एक टीवी इंटरव्यू के दौरान उस वक्त नाराज हो गए, जब उनसे एक हालिया फायरिंग मामले को लेकर सवाल पूछा गया। यह मामला हिल्टन होटल में हुई गोलीबारी से जुड़ा है, जिसके आरोपी कोल टॉमस एलन ने हमले से कुछ मिनट पहले अपने परिवार को एक लिखित संदेश (मैनिफेस्टो) भेजा था। इस संदेश में उसने कुछ गंभीर आरोपों जैसे “पेडोफाइल”, “रेपिस्ट” और “गद्दार” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था, हालांकि उसने किसी का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया था।
पत्रकार के सवाल पर ट्रम्प की तीखी प्रतिक्रिया
इसी मैनिफेस्टो को लेकर पत्रकार नोरा ओ’डोनल ने ट्रम्प से सवाल किया कि क्या आरोपी के ये आरोप उनकी ओर इशारा करते हैं। इस सवाल पर ट्रम्प ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने साफ कहा कि उनका इन आरोपों से कोई संबंध नहीं है और वे पूरी तरह निर्दोष हैं।ट्रम्प ने नाराजगी जताते हुए कहा, “मैं न तो रेपिस्ट हूं और न ही मैंने कभी ऐसा कोई अपराध किया है। आपने एक मानसिक रूप से अस्थिर व्यक्ति की बातों को राष्ट्रीय टीवी पर पढ़ा और मुझे उससे जोड़ने की कोशिश की। यह बिल्कुल गलत है।” उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पहले ही संबंधित मामलों में “क्लीन चिट” मिल चुकी है, इसलिए इस तरह के आरोपों को दोहराना उचित नहीं है।
मैं रेपिस्ट नहीं हूं, मैंने किसी का रेप नहीं किया. मैंने बच्चों का शोषण नहीं किया.
— Ranvijay Singh (@ranvijaylive) April 27, 2026
तुम्हें शर्म आनी चाहिए.
- जब ट्रंप महिला पत्रकार पर भड़क गए.
दरअसल, पत्रकार ने शूटर का मेनिफेस्टो पढ़ दिया, जिसमें ट्रंप को रेपिस्ट, बच्चों का शोषण करने वाला बताया गया है. pic.twitter.com/w3lpx9LALt
पत्रकार ने दी सफाई
ट्रम्प की प्रतिक्रिया के बाद पत्रकार नोरा ओ’डोनल ने स्पष्ट किया कि वे आरोपी के शब्दों को ही पढ़ रही थीं और उनका उद्देश्य ट्रम्प पर आरोप लगाना नहीं था। इसके बावजूद ट्रम्प ने कहा कि ऐसे बयान सार्वजनिक मंच पर पढ़ना ही गलत है, क्योंकि इससे भ्रम पैदा होता है और गलत संदेश जाता है। यह बातचीत कुछ समय तक तनावपूर्ण रही और इंटरव्यू का माहौल भी गंभीर हो गया।
फायरिंग के दौरान डर नहीं लगा: ट्रम्प
इंटरव्यू के दौरान ट्रम्प से यह भी पूछा गया कि क्या उन्हें लगा कि वे खुद इस हमले के निशाने पर थे। इस पर उन्होंने कहा कि उन्हें इसका पूरा यकीन नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह जरूर कहा कि उन्हें उस दौरान डर महसूस नहीं हुआ। ट्रम्प के मुताबिक, “दुनिया में इस तरह की घटनाएं होती रहती हैं। यह कोई नई बात नहीं है।” उन्होंने बताया कि शुरुआत में उन्हें लगा कि यह एक छोटी घटना है, लेकिन बाद में स्थिति की गंभीरता समझ में आई।
घटना के समय क्या हुआ था?
ट्रम्प ने उस घटना का जिक्र करते हुए बताया कि उस समय होटल में एक कार्यक्रम चल रहा था और माहौल सामान्य था। अचानक स्थिति बदल गई और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं। उन्होंने कहा कि उनकी सुरक्षा टीम उन्हें तुरंत बाहर ले जाना चाहती थी, लेकिन वे पहले स्थिति को समझना चाहते थे। बाद में एजेंट्स ने उन्हें नीचे झुकने के लिए कहा, जिसके बाद वे और उनकी पत्नी मेलानिया ट्रम्प जमीन पर लेट गए। इसके बाद उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। ट्रम्प ने बताया कि शुरुआत में वे खड़े होकर बाहर जा रहे थे, लेकिन खतरे को देखते हुए सुरक्षा अधिकारियों के निर्देश पर उन्हें झुकना पड़ा।
मेलानिया के लिए नया अनुभव
ट्रम्प ने यह भी कहा कि उन्होंने अपने जीवन में पहले भी ऐसी परिस्थितियां देखी हैं, लेकिन उनकी पत्नी मेलानिया के लिए यह अनुभव नया था। फिर भी उन्होंने स्थिति को शांत तरीके से संभाला और किसी तरह की घबराहट नहीं दिखाई।
राजनीतिक हिंसा पर ट्रम्प का बयान
इंटरव्यू के दौरान ट्रम्प ने राजनीतिक हिंसा के मुद्दे पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि यह घटना गंभीर जरूर थी, लेकिन स्थिति नियंत्रण में रही क्योंकि कोई हताहत नहीं हुआ। ट्रम्प ने दावा किया कि इस तरह की हिंसा नई नहीं है और इतिहास में लंबे समय से होती आ रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि आज के समय में हिंसा पहले से ज्यादा बढ़ी है।
डेमोक्रेट नेताओं पर लगाया आरोप
ट्रम्प ने इस तरह की घटनाओं के लिए डेमोक्रेटिक नेताओं की बयानबाजी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि “हेट स्पीच” और आक्रामक राजनीतिक भाषा माहौल को खराब कर रही है और इससे हिंसा भड़क सकती है। उनके अनुसार, यह स्थिति चिंताजनक है और राजनीतिक दलों को अपनी भाषा पर नियंत्रण रखना चाहिए।
हमलावर के निशाने पर थे बड़े नेता
जांच में सामने आया है कि आरोपी ने अपने नोट में कई बड़े सरकारी नेताओं को निशाना बनाने की बात कही थी। उसने लिखा था कि वह एक-एक कर अपने लक्ष्यों को टारगेट करना चाहता था। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता के चलते वह उस हॉल तक नहीं पहुंच सका, जहां ट्रम्प, उनकी पत्नी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। समय रहते उसे रोक लिया गया और किसी बड़े नुकसान को टाल दिया गया।


