Top
Begin typing your search above and press return to search.

ट्रंप का ईरान में प्रदर्शनकारियों को सरकारी इमारतों पर कब्जे का आह्वान, 12 हजार मौतों का दावा

ट्रंप ने ईरान के प्रदर्शनकारियों से न केवल आंदोलन जारी रखने की अपील की, बल्कि सरकारी संस्थानों पर कब्जा करने तक की सलाह दी है। उन्होंने यह भी कहा है कि प्रदर्शनकारियों पर हो रही हत्याओं और अत्याचारों के जिम्मेदार लोगों के नाम दर्ज किए जा रहे हैं।

ट्रंप का ईरान में प्रदर्शनकारियों को सरकारी इमारतों पर कब्जे का आह्वान, 12 हजार मौतों का दावा
X
वॉशिंगटन/तेहरान। ईरान में जारी सरकार-विरोधी प्रदर्शनों के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तीखे बयानों ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। ट्रंप ने ईरान के प्रदर्शनकारियों से न केवल आंदोलन जारी रखने की अपील की, बल्कि सरकारी संस्थानों पर कब्जा करने तक की सलाह दी है। उन्होंने यह भी कहा है कि प्रदर्शनकारियों पर हो रही हत्याओं और अत्याचारों के जिम्मेदार लोगों के नाम दर्ज किए जा रहे हैं और उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

ट्रंप का बयान: “संस्थाएं अपने कब्जे में लें”
मंगलवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने लिखा कि ईरान के “देशभक्त” प्रदर्शन करते रहें और अपनी संस्थाओं को अपने कब्जे में लें। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों की मदद “रास्ते में है।” ट्रंप ने यह भी ऐलान किया कि उन्होंने ईरान के अधिकारियों के साथ होने वाली सभी बैठकों को रद्द कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक प्रदर्शनकारियों की हत्याएं बंद नहीं होतीं, तब तक किसी भी तरह की बातचीत संभव नहीं है।

12 हजार मौतों का दावा, आंकड़ों पर विवाद
ईरान में प्रदर्शनकारियों की मौतों को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। ईरान से जुड़े मामलों को कवर करने वाली ब्रिटिश वेबसाइट ईरान इंटरनेशनल ने दावा किया है कि पिछले 17 दिनों में करीब 12 हजार प्रदर्शनकारियों की हत्या की गई है। वेबसाइट ने इसे ईरान के आधुनिक इतिहास का सबसे बड़ा हत्याकांड बताया है। रिपोर्ट के मुताबिक यह डेटा कई स्रोतों से जुटाया गया, जिसकी कई स्तरों पर जांच के बाद पुष्टि की गई। दावा किया गया है कि ज्यादातर मारे गए लोग 30 साल से कम उम्र के थे। हालांकि, ईरानी अधिकारियों के हवाले से मरने वालों की संख्या करीब 2000 बताई है। इस तरह मौतों के आंकड़ों को लेकर गंभीर मतभेद बने हुए हैं।

रिवोल्यूशनरी गार्ड्स और बसीज पर आरोप
ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि अधिकांश हत्याएं इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स और बसीज फोर्स द्वारा गोली मारकर की गईं। रिपोर्ट के अनुसार, ये कार्रवाई सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के आदेश पर की गई। दावा है कि सबसे ज्यादा हत्याएं 8 और 9 जनवरी की रात को हुईं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ईरानी सरकार इंटरनेट और संचार सेवाओं को ठप कर इन घटनाओं को दुनिया से छुपाने की कोशिश कर रही है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया तेज
ईरान में हालात पर वैश्विक प्रतिक्रिया भी तेज हो गई है। भारत दौरे पर आए जर्मनी के चांसलर फेडरिक मर्त्ज ने मंगलवार को कहा कि ईरान में मौजूदा सरकार का “खेल खत्म हो चुका है।” यह बयान पश्चिमी देशों के बढ़ते दबाव का संकेत माना जा रहा है।

सैन्य कार्रवाई फिलहाल होल्ड पर
इस बीच, ट्रंप प्रशासन ने ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई के प्लान को फिलहाल होल्ड पर डाल दिया है। मंगलवार सुबह ट्रंप ने कहा कि ईरान के अधिकारी व्हाइट हाउस से बातचीत करना चाहते हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बताया कि ईरान की सार्वजनिक बयानबाजी और अमेरिका को भेजे जा रहे निजी संदेशों में फर्क है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति इन संदेशों को समझना चाहते हैं, लेकिन जरूरत पड़ी तो सैन्य कार्रवाई से पीछे नहीं हटेंगे। हालांकि, इन संदेशों की प्रकृति को लेकर कोई विवरण साझा नहीं किया गया।

25% अतिरिक्त टैरिफ की धमकी
ट्रंप ने ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए एक और बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने ऐलान किया कि ईरान के साथ कारोबार करने वाले देशों पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाएगा। यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू करने की बात कही गई है, हालांकि व्हाइट हाउस की ओर से अभी तक इसका कोई औपचारिक दस्तावेज जारी नहीं हुआ है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब ईरान में व्यापक विरोध-प्रदर्शन चल रहे हैं और उसकी अर्थव्यवस्था गंभीर संकट में है।

ईरान की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर
ईरान की मुद्रा रियाल की कीमत लगभग शून्य के बराबर पहुंच चुकी है। भारतीय मुद्रा में 1 रियाल की कीमत महज 0.000079 रुपये रह गई है। ईरान के साथ व्यापार करने वाले प्रमुख देशों में चीन, संयुक्त अरब अमीरात और भारत शामिल हैं। अगर ट्रंप का टैरिफ फैसला लागू होता है, तो इन देशों के अमेरिका के साथ व्यापार पर भी असर पड़ सकता है। वर्ल्ड बैंक के आंकड़ों के अनुसार, ईरान ने वर्ष 2022 में 147 देशों के साथ व्यापार किया था।

ईरान का संकट और गहराने वाला
ईरान में जारी आंदोलन, मौतों के आंकड़ों को लेकर विवाद, ट्रंप की आक्रामक कूटनीति और टैरिफ की धमकी सभी संकेत देते हैं कि आने वाले दिनों में ईरान संकट और गहराने वाला है। दुनिया की नजर अब इस पर टिकी है कि क्या बातचीत से समाधान निकलेगा या हालात किसी बड़े टकराव की ओर बढ़ेंगे।

Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it