तेहरान में धमाकों से दहला इलाका: पाकिस्तानी दूतावास के पास हमले, मिडिल ईस्ट में युद्ध और तेज
ये धमाके पासदारन इलाके में गुरुवार रात करीब 8 बजे हुए। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, दूतावास के सामने स्थित एक ईरानी सैन्य अड्डा इन हमलों का संभावित निशाना था।

तेहरान। ईरान की राजधानी तेहरान में शुक्रवार को उस वक्त अफरातफरी मच गई, जब पाकिस्तानी दूतावास और राजदूत के आवास के बेहद करीब जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। राजनयिक सूत्रों के अनुसार, ये धमाके पासदारन इलाके में गुरुवार रात करीब 8 बजे हुए। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, दूतावास के सामने स्थित एक ईरानी सैन्य अड्डा इन हमलों का संभावित निशाना था। एक वरिष्ठ राजनयिक ने बताया कि धमाकों की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि पूरा इलाका दहल उठा। हालांकि राहत की बात यह रही कि पाकिस्तानी दूतावास और उसके कर्मचारियों के आवास को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा, “खिड़कियां तक नहीं टूटीं, लेकिन कर्मचारी इस घटना से काफी भयभीत हैं।”
लगातार 28 दिनों से हमलों की चपेट में तेहरान
सूत्रों का कहना है कि तेहरान पिछले 28 दिनों से लगातार हवाई हमलों का सामना कर रहा है और ताजा धमाके उसी श्रृंखला का हिस्सा हैं। अमेरिका और इजरायल द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर किए गए हमलों के बाद शुरू हुआ यह संघर्ष अब लंबा खिंचता जा रहा है और इसके असर व्यापक होते जा रहे हैं।
ट्रंप का दावा
इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर अगले 10 दिनों तक कोई हमला नहीं किया जाएगा। हालांकि, जमीनी हालात इस दावे के विपरीत नजर आ रहे हैं, क्योंकि लगातार हमलों की खबरें सामने आ रही हैं।
यूएई में मिसाइल मलबे से एक भारतीय समेत दो की मौत
संघर्ष का असर अब खाड़ी देशों तक भी पहुंच गया है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में ईरानी मिसाइल हमले के मलबे की चपेट में आने से एक भारतीय नागरिक समेत दो लोगों की मौत हो गई है, जबकि तीन अन्य घायल बताए जा रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, यूएई ने दावा किया है कि उसने 15 बैलिस्टिक मिसाइल और 11 ड्रोन को इंटरसेप्ट कर लिया था, लेकिन उनके मलबे से यह हादसा हुआ।
इजरायल, सऊदी और खाड़ी देशों पर भी असर
ईरान के जवाबी हमलों का असर इजरायल समेत कई देशों में देखा जा रहा है। तेल अवीव में मिसाइल गिरने से कुछ लोगों के घायल होने की खबर है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दावा किया है कि अब तक वह 700 मिसाइलें और 3,600 ड्रोन हमले कर चुका है। वहीं, सऊदी अरब ने 36 ड्रोन मार गिराने का दावा किया है। बहरीन के मुहर्रक शहर में हवाई हमले के बाद आग लगने की खबर है, जबकि कुवैत में भी कई ड्रोन गिराए जाने की सूचना मिली है।
मानवीय संकट गहराया, हजारों प्रभावित
ईरान के उप स्वास्थ्य मंत्री अली जाफरियन के अनुसार, अब तक इस युद्ध में ईरान में 1,937 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 240 महिलाएं और 212 बच्चे शामिल हैं। वहीं, ईरान के जवाबी हमलों में इजरायल में भी कई लोगों के मारे जाने की खबरें हैं। लगातार हो रहे हमलों ने आम नागरिकों की जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित किया है और मानवीय संकट गहराता जा रहा है।
तेल बाजार और अर्थव्यवस्था पर दबाव
मध्य पूर्व में बढ़ते इस संघर्ष का असर वैश्विक स्तर पर भी देखने को मिल रहा है। तेल आपूर्ति पर खतरे के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह संघर्ष लंबा खिंचता है, तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर और गंभीर हो सकता है।
युद्ध का दायरा बढ़ा, चिंता गहराई
तेहरान में हुए ताजा धमाकों ने यह साफ कर दिया है कि मिडिल ईस्ट में हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। पाकिस्तानी दूतावास के पास हुए हमले ने कूटनीतिक सुरक्षा को लेकर भी नई चिंता पैदा कर दी है। जैसे-जैसे यह संघर्ष क्षेत्रीय सीमाओं से बाहर फैल रहा है, वैसे-वैसे इसके वैश्विक परिणाम भी गंभीर होते जा रहे हैं। अब दुनिया की नजर इस पर टिकी है कि क्या कूटनीतिक प्रयास इस संकट को थाम पाएंगे या हालात और बिगड़ेंगे।


