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तारिक रहमान की भारत यात्रा पर बनी सहमति के संकेत, शेख हसीना को लेकर ढाका की बड़ी शर्त

तारिक रहमान के संभावित भारत दौरे को लेकर कूटनीतिक गतिविधियां उस समय तेज हुईं, जब भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने 11 अगस्त को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि भारतीय उच्चायुक्त के कार्यभार संभालने के बाद दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संपर्क बढ़ा है।

तारिक रहमान की भारत यात्रा पर बनी सहमति के संकेत, शेख हसीना को लेकर ढाका की बड़ी शर्त
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ढाका/नई दिल्ली: बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की भारत यात्रा को लेकर दोनों देशों के बीच बातचीत तेज हो गई है। रिपोर्टों के मुताबिक, रहमान 20 से 25 अगस्त के बीच भारत की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा कर सकते हैं। हालांकि, दौरे की अंतिम तारीख अभी तय नहीं हुई है और ढाका तथा नई दिल्ली के अधिकारी संभावित कार्यक्रम पर चर्चा कर रहे हैं। राजनयिक सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ता आयोजित करने की इच्छा है। लंबे समय से दोनों पक्षों के बीच कार्यक्रम और समय को लेकर सहमति नहीं बन पा रही थी। अब 20-21 अगस्त और 21-22 अगस्त की तारीखों को संभावित विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है।

भारतीय उच्चायुक्त की मुलाकात

तारिक रहमान के संभावित भारत दौरे को लेकर कूटनीतिक गतिविधियां उस समय तेज हुईं, जब भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने 11 अगस्त को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि भारतीय उच्चायुक्त के कार्यभार संभालने के बाद दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संपर्क बढ़ा है। हालांकि, भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से अभी तक प्रधानमंत्री रहमान की यात्रा की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

शेख हसीना को लेकर ढाका की चिंता

तारिक रहमान के संभावित दौरे के बीच बांग्लादेश की सबसे बड़ी चिंताओं में से एक शेख हसीना को लेकर है। ढाका चाहता है कि भारत में रह रहीं हसीना को ऐसी राजनीतिक गतिविधियां करने या सार्वजनिक बयान देने की अनुमति न मिले, जिनसे बांग्लादेश की राजनीति प्रभावित हो सकती है। शेख हसीना अगस्त 2024 में सत्ता से हटने के बाद से भारत में रह रही हैं। बांग्लादेशी सरकार का आरोप है कि भारत में रहते हुए उनके राजनीतिक बयान देश की आंतरिक राजनीति और राजनीतिक माहौल को प्रभावित कर सकते हैं।

5 अगस्त की प्रेस कॉन्फ्रेंस से फिर बढ़ा विवाद

इस महीने 5 अगस्त को शेख हसीना ने एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उन्होंने अवामी लीग सरकार के सत्ता से हटने की दूसरी बरसी के मौके पर पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए और बांग्लादेश के राजनीतिक हालात पर अपनी राय रखी। हसीना के इस कार्यक्रम पर ढाका ने कड़ी आपत्ति जताई। बांग्लादेश सरकार का कहना था कि भारत में रहकर इस तरह राजनीतिक बयान देना दोनों देशों के संबंधों को सामान्य बनाने की कोशिशों को प्रभावित कर सकता है। भारत ने हालांकि हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस रोकने से इनकार किया था। नई दिल्ली की ओर से कहा गया था कि कार्यक्रम का आयोजन एक निजी मीडिया संस्था ने किया था और भारत सरकार का उससे कोई संबंध नहीं था।

भारत से और स्पष्ट रुख चाहता है ढाका

बांग्लादेशी अधिकारियों के मुताबिक, शेख हसीना की राजनीतिक गतिविधियों को लेकर भारत की ओर से कुछ सकारात्मक संकेत मिले हैं। इसके बावजूद ढाका चाहता है कि नई दिल्ली अपना रुख और स्पष्ट करे। बांग्लादेश का मानना है कि तारिक रहमान की भारत यात्रा से पहले इस मुद्दे पर स्पष्टता दोनों देशों के बीच संभावित गलतफहमियों को दूर करने में मदद करेगी।

अपनी ही पार्टी में विरोध के सुर

तारिक रहमान के भारत दौरे को लेकर बांग्लादेश की राजनीति में भी मतभेद सामने आए हैं। BNP के कुछ नेताओं ने भारत में शेख हसीना की राजनीतिक गतिविधियों को लेकर सवाल उठाए हैं। वहीं, 2024 के आंदोलन के बाद अस्तित्व में आई नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) ने भी प्रस्तावित यात्रा का विरोध किया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि शेख हसीना के प्रत्यर्पण और भारत-बांग्लादेश संबंधों के भविष्य के ढांचे पर स्पष्ट फैसला होने तक तारिक रहमान को भारत यात्रा नहीं करनी चाहिए।

भारत-बांग्लादेश रिश्तों के लिए अहम दौरा

तारिक रहमान का संभावित भारत दौरा दोनों देशों के संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शेख हसीना के भारत में रहने, उनके राजनीतिक बयानों और प्रत्यर्पण की मांग जैसे मुद्दों के बीच नई दिल्ली और ढाका के सामने संबंधों को स्थिर रखने की चुनौती है। यदि यात्रा की तारीखों पर अंतिम सहमति बनती है, तो प्रधानमंत्री रहमान और भारतीय नेतृत्व के बीच होने वाली बातचीत में द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ राजनीतिक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है। फिलहाल दोनों देशों की नजर अंतिम कार्यक्रम और आधिकारिक घोषणा पर टिकी है।


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