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लीबिया के पूर्व तानाशाह शासक मुअम्मर गद्दाफी के बेटे की गोली मारकर हत्या, मौत को लेकर अलग-अलग दावे

सैफ अल-इस्लाम के वकील खालिद अल-ज़ायदी के अनुसार, चार लोगों की एक टीम ने ज़िंतान शहर में स्थित उनके घर पर हमला किया और उन्हें गोली मार दी। वकील ने कहा कि यह हमला सुनियोजित था और हमलावर सीधे उनके निवास पर पहुंचे।

लीबिया के पूर्व तानाशाह शासक मुअम्मर गद्दाफी के बेटे की गोली मारकर हत्या, मौत को लेकर अलग-अलग दावे
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त्रिपोली/ज़िंतान। लीबिया के राजनीतिक परिदृश्य से एक सनसनीखेज खबर सामने आई है। देश के पूर्व तानाशाह शासक मुअम्मर गद्दाफी के चर्चित पुत्र सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई है। इस घटना की पुष्टि मंगलवार को उनके वकील खालिद अल-ज़ायदी ने की। हालांकि, उनकी मौत को लेकर परिवार की ओर से अलग दावा सामने आया है, जिससे घटनाक्रम को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है।

जिंतान स्थित घर पर हमला

सैफ अल-इस्लाम के वकील खालिद अल-ज़ायदी के अनुसार, चार लोगों की एक टीम ने जिंतान शहर में स्थित उनके घर पर हमला किया और उन्हें गोली मार दी। वकील ने कहा कि यह हमला सुनियोजित था और हमलावर सीधे उनके निवास पर पहुंचे। हालांकि, हमले के पीछे के कारणों, हमलावरों की पहचान और सुरक्षा व्यवस्था में चूक को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। लीबियाई प्रशासन की ओर से भी इस घटना पर स्पष्ट प्रतिक्रिया का इंतजार है।

बहन का अलग दावा

घटना को लेकर सैफ अल-इस्लाम की बहन ने अलग बयान दिया है। उन्होंने लीबियाई टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि उनके भाई की मौत लीबिया-अल्जीरिया सीमा के पास हुई। इस बयान से घटनास्थल और परिस्थितियों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। दोनों दावों में अंतर होने के कारण यह स्पष्ट नहीं है कि सैफ अल-इस्लाम की मौत किन परिस्थितियों में और कहां हुई। फिलहाल किसी स्वतंत्र एजेंसी या सरकारी स्तर पर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

गद्दाफी शासन का प्रमुख चेहरा रहे सैफ

सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी को लंबे समय तक अपने पिता के बाद लीबिया का सबसे प्रभावशाली राजनीतिक चेहरा माना जाता था। 1972 में जन्मे सैफ ने 2000 के दशक की शुरुआत से गद्दाफी शासन में सक्रिय भूमिका निभाई। विशेष रूप से पश्चिमी देशों के साथ संबंध सुधारने में उनकी भूमिका अहम मानी जाती है। उन्होंने कई बार सुधारवादी छवि प्रस्तुत की और लीबिया की अंतरराष्ट्रीय छवि को बेहतर बनाने की कोशिश की। हालांकि, 2011 में अरब स्प्रिंग के दौरान शुरू हुए विद्रोह के समय उनकी भूमिका विवादों में आ गई। उन पर सरकार विरोधी प्रदर्शनों को कुचलने और सख्त कार्रवाई का समर्थन करने के आरोप लगे।

पिता की सत्ता का पतन और कैद का दौर

मुअम्मर गद्दाफी ने 1969 से 2011 तक लीबिया पर शासन किया। 2011 में विद्रोह के दौरान उन्हें सत्ता से हटाया गया और बाद में उनकी हत्या कर दी गई। पिता की मौत के बाद सैफ अल-इस्लाम को ज़िंतान शहर में एक प्रतिद्वंद्वी मिलिशिया ने पकड़ लिया और लगभग छह वर्षों तक हिरासत में रखा। इस दौरान वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में रहे।

कानूनी आरोप और अंतरराष्ट्रीय मुकदमे

सैफ अल-इस्लाम पर कई गंभीर कानूनी आरोप लगे थे। 2015 में लीबिया की एक अदालत ने उन्हें 2011 के विद्रोह के दौरान प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई के आरोप में अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई थी। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) में भी उनके खिलाफ ‘मानवता के खिलाफ अपराध’ के आरोपों को लेकर मुकदमे चल रहे थे। ICC लंबे समय से उनकी गिरफ्तारी की मांग करता रहा है। इन मामलों ने उनकी राजनीतिक छवि को कमजोर किया और वे लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन से दूर रहे।

राजनीति में वापसी की कोशिश नाकाम

साल 2021 में सैफ अल-इस्लाम ने एक बार फिर सक्रिय राजनीति में वापसी की कोशिश की। उन्होंने लीबिया के राष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया। उनके समर्थकों का दावा था कि देश में स्थिरता लाने के लिए गद्दाफी युग के अनुभव की जरूरत है। हालांकि, लीबिया में जारी राजनीतिक अस्थिरता, विभाजित सत्ता संरचना और सुरक्षा हालात के कारण चुनाव रद्द कर दिए गए। इसके बाद से उनकी राजनीतिक गतिविधियां सीमित हो गई थीं।

लीबिया में अनिश्चितता का दौर

सैफ अल-इस्लाम की कथित हत्या ऐसे समय में हुई है जब लीबिया पहले से ही गहरी राजनीतिक अस्थिरता और विभाजन से जूझ रहा है। देश में अलग-अलग गुटों और मिलिशिया का प्रभाव बना हुआ है, जिससे सुरक्षा हालात लगातार चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। उनकी मौत की खबर ने देश और अंतरराष्ट्रीय समुदाय में हलचल मचा दी है। हालांकि, आधिकारिक पुष्टि और विस्तृत जांच रिपोर्ट आने तक कई सवाल अनुत्तरित हैं- हमला किसने किया, किस मकसद से किया और सुरक्षा एजेंसियां क्या कार्रवाई कर रही हैं।

गद्दाफी वंश के प्रभावशाली वारिस का अंत?

यदि उनकी मौत की पुष्टि आधिकारिक तौर पर होती है, तो इसे गद्दाफी वंश के राजनीतिक प्रभाव के एक और अध्याय के अंत के रूप में देखा जाएगा। सैफ अल-इस्लाम कभी लीबिया की सत्ता के संभावित उत्तराधिकारी माने जाते थे, लेकिन विद्रोह, कानूनी चुनौतियों और राजनीतिक विफलताओं ने उनकी राह कठिन बना दी। फिलहाल, देश और दुनिया की निगाहें लीबिया सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया और जांच के नतीजों पर टिकी हैं।


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