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समुद्री रास्तों पर बढ़ा खतरा! दोहा के पास समुद्र में जहाज पर हमला: कतर तट से 23 नॉटिकल मील दूर वारदात

यूके मैरीटाइम ट्रेड एजेंसी ने दावा किया है कि कतर के तट के नजदीक एक मालवाहक जहाज पर प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया। इस इलाके में हमले की धमकी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दी थी।

समुद्री रास्तों पर बढ़ा खतरा! दोहा के पास समुद्र में जहाज पर हमला: कतर तट से 23 नॉटिकल मील दूर वारदात
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दोहा। यूके मैरीटाइम ट्रेड एजेंसी ने दावा किया है कि कतर के तट के नजदीक एक मालवाहक जहाज पर प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया। इस इलाके में हमले की धमकी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दी थी।

यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर की आधिकारिक साइट पर दी गई सूचना के अनुसार, दोहा से 23 नॉटिकल मील उत्तर-पूर्व में एक बल्क कैरियर पर “अनजान प्रोजेक्टाइल” से हमला होने की खबर मिली है। आईआरजीसी ने कहा था कि इलाके में अमेरिकी जहाजों को वो निशाना बनाएगा। ब्रिटेन की सेना ने बताया कि रविवार को कतर के तट के पास एक जहाज अज्ञात प्रोजेक्टाइल से टकराने के बाद आग की चपेट में आ गया।

एजेंसी ने कहा, “आग छोटी ही थी जिसे बुझा दिया गया है; कोई हताहत नहीं हुआ है। वहीं, इससे पर्यावरण पर कोई असर पड़ने की कोई रिपोर्ट नहीं है।”

ये खबर ऐसे समय में आई है जब ईरानी सेना के एक प्रवक्ता ने चेतावनी दी कि जो देश तेहरान पर अमेरिकी प्रतिबंध लागू करेंगे, उन्हें होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने में परेशानियां झेलनी पड़ सकती हैं।

तस्नीम न्यूज एजेंसी ने ब्रिगेडियर जनरल अकरमी निया के हवाले से बताया कि युद्ध में दुश्मन अपने किसी भी मकसद में कामयाब नहीं हुआ और ईरान की राजनीतिक व्यवस्था भी कमजोर नहीं पड़ी। इसके बरअक्स देश के भीतर लोग एकजुट हुए और हम मजबूत हुए।

निया का कहना है, "दुश्मन जानता है कि वह ईरान की प्रतिरोधक क्षमता को नहीं तोड़ सकता, इसलिए आखिरकार उसे सीजफायर मानना पड़ा।" उन्होंने यह भी कहा कि जारी सीजफायर के दौरान ईरान ने अपनी सैन्य ताकत और क्षमताओं को और मजबूत किया है।

इस बीच न्यूयॉर्क टाइम्स ने सैटेलाइट तस्वीरों के हवाले से एक खबर छापी है, जिसके मुताबिक ईरान के खार्ग द्वीप के पास समुद्र में बड़ा तेल रिसाव दिख रहा है। पिछले दिनों खार्ग में भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रुचि दिखाई थी। दरअसल, ये ईरान के लिए बहुत खास है, क्योंकि यहीं से ज्यादातर तेल विदेश भेजा जाता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार तक यह करीब 20 वर्ग मील इलाके में फैल चुका था। ऑर्बिटल ईओएस संस्था का कहना है कि 3 हजार बैरल से ज्यादा तेल समुद्र में बहने की आशंका है; यह तेल सऊदी अरब की ओर बढ़ता देखा जा सकता है। फिलहाल रिसाव की वजह का पता नहीं चला है लेकिन इससे पर्यावरण को होने वाले नुकसान की चिंता बढ़ गई है।



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