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ईरान में अमेरिकी सेना को झटका: रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान 2 हेलिकॉप्टरों पर हमला, एक पायलट अब भी लापता

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक अमेरिकी लड़ाकू विमान के गिराए जाने के बाद उसके पायलटों को बचाने के लिए चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अमेरिकी हेलिकॉप्टर ईरानी हमले की चपेट में आ गए।

ईरान में अमेरिकी सेना को झटका: रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान 2 हेलिकॉप्टरों पर हमला, एक पायलट अब भी लापता
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तेहरान।मध्य-पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ईरान में अमेरिकी सेना को बड़ा झटका लगा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक अमेरिकी लड़ाकू विमान के गिराए जाने के बाद उसके पायलटों को बचाने के लिए चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अमेरिकी हेलिकॉप्टर ईरानी हमले की चपेट में आ गए। इस घटना ने क्षेत्र में पहले से जारी तनाव को और गंभीर बना दिया है।

रेस्क्यू मिशन पर हमला, हेलिकॉप्टर क्षतिग्रस्त

सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी वायुसेना का एक UH-60 ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर और एक अन्य सर्च-एंड-रेस्क्यू हेलिकॉप्टर ईरान के भीतर अभियान चला रहे थे। इसी दौरान उन पर फायरिंग की गई। हालांकि हमले में दोनों हेलिकॉप्टर क्षतिग्रस्त हुए, लेकिन वे किसी तरह सुरक्षित निकलने में सफल रहे। यह ऑपरेशन उस अमेरिकी लड़ाकू विमान के चालक दल को बचाने के लिए चलाया जा रहा था, जिसे ईरानी बलों ने मार गिराने का दावा किया है।

F-15E के क्रू की तलाश जारी

बताया जा रहा है कि गिराया गया विमान अमेरिकी F-15E स्ट्राइक ईगल हो सकता है। इस विमान के दो क्रू मेंबर्स में से एक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि दूसरा अब भी लापता है। अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) ने इस घटनाक्रम की जानकारी हाउस आर्म्ड सर्विसेज कमेटी को भी दी है। अधिकारियों के अनुसार, लापता पायलट की तलाश के लिए अभियान जारी है, लेकिन उसकी स्थिति अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई है।

सोशल मीडिया पर वीडियो, फ्लेयर्स का इस्तेमाल

इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें एक अमेरिकी लड़ाकू विमान ईरान के ऊपर कम ऊंचाई पर उड़ते हुए फ्लेयर्स छोड़ता नजर आ रहा है। फ्लेयर्स का इस्तेमाल आमतौर पर मिसाइलों से बचाव के लिए किया जाता है। विमान से निकलने वाली गर्म फ्लेयर्स को मिसाइल लक्ष्य समझ लेती हैं, जिससे असली विमान सुरक्षित निकल जाता है।

ईरान का दावा: गिराए गए विमान के सबूत

ईरानी सरकारी मीडिया ने गिराए गए विमान के मलबे की तस्वीरें जारी की हैं, जिन्हें अमेरिकी फाइटर जेट बताया जा रहा है। यह दावा अमेरिकी प्रशासन के उन बयानों के विपरीत है, जिनमें कहा गया था कि अमेरिका ने ईरान के हवाई क्षेत्र में बढ़त बना ली है। इससे पहले ईरान ने अमेरिकी F-35 विमान गिराने का दावा भी किया था, हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में इसे F-15E बताया जा रहा है।

पायलट को पकड़ने पर इनाम का ऐलान

ईरान ने लापता अमेरिकी पायलट को पकड़ने पर इनाम की घोषणा भी की है। सरकारी मीडिया के अनुसार, पायलट को जिंदा पकड़ने पर 10 बिलियन ईरानी तोमान (लगभग 55 लाख रुपये) का इनाम दिया जाएगा। एक टीवी एंकर ने नागरिकों से अपील की है कि वे पायलट को पकड़कर अधिकारियों को सौंपें।

ईरान का तंज और जश्न का माहौल

ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर क़ालिबाफ ने इस घटनाक्रम पर अमेरिका पर तंज कसा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिका के बार-बार जीत के दावे अब अपने ही पायलटों की तलाश तक सीमित हो गए हैं। वहीं, ईरान में इन दावों के बाद कुछ जगहों पर जश्न का माहौल भी देखने को मिला। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि उनकी सैन्य क्षमताओं को कम आंका गया था और वे आगे भी जवाब देने में सक्षम हैं।

मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव

इस घटना के बाद मध्य-पूर्व में हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम संघर्ष को और व्यापक बना सकता है। अमेरिका अपने लापता पायलट को खोजने और सुरक्षित निकालने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।



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