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इंटरसेप्टर मिसाइलों की कमी से बढ़ी यूक्रेन की मुश्किलें, कीव पर रूसी बैलिस्टिक हमले में 28 की मौत

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने बताया कि रूस ने इस हमले के दौरान कुल 68 मिसाइलें और 351 अटैक ड्रोन लॉन्च किए। यूक्रेनी वायुसेना ने 37 मिसाइलों और 326 ड्रोन को मार गिराने या उनके रास्ते से भटकाने का दावा किया, लेकिन बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने में सफलता नहीं मिली।

इंटरसेप्टर मिसाइलों की कमी से बढ़ी यूक्रेन की मुश्किलें, कीव पर रूसी बैलिस्टिक हमले में 28 की मौत
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कीव: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच राजधानी कीव एक बार फिर बड़े हवाई हमले की चपेट में आ गई। यूक्रेन का कहना है कि इंटरसेप्टर (एयर डिफेंस) मिसाइलों की गंभीर कमी के कारण उसकी वायुसेना रूस द्वारा दागी गई 23 बैलिस्टिक मिसाइलों में से एक भी मिसाइल को रोक नहीं सकी। अधिकारियों के अनुसार, सोमवार को हुए इस हमले में कम से कम 28 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए। मृतकों में 18 लोग कीव शहर और 10 लोग आसपास के क्षेत्रों के बताए गए हैं।

68 मिसाइलें और 351 ड्रोन दागने का दावा

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने बताया कि रूस ने इस हमले के दौरान कुल 68 मिसाइलें और 351 अटैक ड्रोन लॉन्च किए। यूक्रेनी वायुसेना ने 37 मिसाइलों और 326 ड्रोन को मार गिराने या उनके रास्ते से भटकाने का दावा किया, लेकिन बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने में सफलता नहीं मिली। यूक्रेन का कहना है कि मौजूदा एयर डिफेंस संसाधन इस तरह के बड़े हमलों से निपटने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।

जेलेंस्की ने एयर डिफेंस की कमी पर जताई चिंता

हमले के बाद राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि यह बेहद चिंताजनक स्थिति है कि दुनिया में लोगों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंटरसेप्टर मिसाइलें उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जब तक सहयोगी देशों के पास मौजूद पैट्रियट जैसी आधुनिक एयर डिफेंस प्रणालियां यूक्रेन तक नहीं पहुंचतीं, तब तक रूस रिहायशी इलाकों पर ऐसे हमले जारी रख सकता है। उन्होंने पश्चिमी देशों से तत्काल अतिरिक्त सैन्य सहायता उपलब्ध कराने की अपील की।

रिहायशी इलाकों में भारी तबाही

हमले के बाद कीव के कई हिस्सों में व्यापक नुकसान हुआ। अधिकारियों के अनुसार, तीन बहुमंजिला रिहायशी इमारतें आंशिक रूप से ढह गईं, जबकि कई अन्य भवनों को भी गंभीर क्षति पहुंची। कुछ स्थानों पर मिसाइलें सीधे इमारतों से टकराईं, जिससे आग लग गई। दमकलकर्मियों ने हेलीकॉप्टरों की मदद से नदी से पानी लाकर घंटों तक आग बुझाने का अभियान चलाया। राहत और बचाव कार्य देर रात तक जारी रहा।

हमले से पहले दी गई थी चेतावनी

जेलेंस्की ने हमले से कुछ घंटे पहले ही चेतावनी दी थी कि रूस कीव पर एक और बड़े हमले की तैयारी कर सकता है। इससे पहले पिछले सप्ताह भी राजधानी पर हुए रूसी हमले में 30 लोगों की मौत हुई थी। यूक्रेन का आरोप है कि रूस जानबूझकर नागरिक इलाकों को निशाना बना रहा है, जबकि रूस लगातार यह कहता रहा है कि उसके हमले केवल सैन्य और ऊर्जा ढांचे तक सीमित हैं।

रूस के ऊर्जा ठिकानों पर यूक्रेन का जवाबी हमला

दूसरी ओर यूक्रेन ने भी रूस के ऊर्जा ढांचे पर अपने हमले तेज कर दिए हैं। यूक्रेनी सेना ने दावा किया कि उसने रूस की तीन तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाया, जिनमें ओम्स्क स्थित बड़ी रिफाइनरी भी शामिल है। यह स्थान यूक्रेन की सीमा से लगभग 2,400 किलोमीटर से अधिक दूरी पर स्थित है और इसे यूक्रेन के अब तक के सबसे लंबी दूरी के हमलों में से एक माना जा रहा है। रूस ने भी दावा किया कि यूक्रेन ने उसके क्षेत्र में 625 लंबी दूरी के ड्रोन भेजे, जिनमें से अधिकांश को उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने मार गिराया।

नाटो सम्मेलन से पहले बढ़ी कूटनीतिक सक्रियता

तुर्किये की राजधानी अंकारा में शुरू होने वाले नाटो सम्मेलन से पहले जेलेंस्की ने अमेरिका और यूरोपीय सहयोगी देशों से यूक्रेन की हवाई सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ठोस फैसले लेने की अपील की है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भी संकेत दिया है कि सम्मेलन में यूक्रेन की एयर डिफेंस जरूरतों और सैन्य सहायता पर विस्तार से चर्चा होगी।

युद्ध का तीसरा वर्ष, तनाव बरकरार

फरवरी 2022 में शुरू हुआ रूस-यूक्रेन युद्ध अब भी जारी है और संघर्ष लगातार तेज होता जा रहा है। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय आकलनों के अनुसार, रूस यूक्रेन के लगभग 20 प्रतिशत क्षेत्र पर नियंत्रण बनाए हुए है। लगातार हो रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों ने न केवल युद्धक्षेत्र बल्कि आम नागरिकों के जीवन को भी गंभीर रूप से प्रभावित किया है। ऐसे में युद्ध को रोकने के कूटनीतिक प्रयासों के साथ-साथ यूक्रेन की रक्षा क्षमता बढ़ाने का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रमुखता से उठ रहा है।


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