Top
Begin typing your search above and press return to search.

रूस के हमलों के बीच अमेरिकी दूत से मिले जेलेंस्की, यूक्रेन पर समझौते का दबाव बढ़ा रहे डोनाल्‍ड ट्रंप

जेलेंस्की ने मंगलवार को बताया कि रूस के बैलिस्टिक मिसाइल हमलों से संबंधित खुफिया जानकारी और पूर्व चेतावनी साझा करने की व्यवस्था दोबारा शुरू हो गई है। उन्होंने इसके लिए अमेरिका का आभार जताया।

रूस के हमलों के बीच अमेरिकी दूत से मिले जेलेंस्की, यूक्रेन पर समझौते का दबाव बढ़ा रहे डोनाल्‍ड ट्रंप
X

ओस्लो/कीव: रूस और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच यूक्रेन पर रूसी सेना के मिसाइल और ड्रोन हमले लगातार जारी हैं। रूस ने एक बार फिर यूक्रेन के रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया, जिसमें चार लोगों की मौत होने की खबर है। इसके अलावा तीन कार्गो जहाजों और दो लॉजिस्टिक केंद्रों पर भी हमले किए गए। रूसी सेना का दावा है कि इन जहाजों और केंद्रों का इस्तेमाल सैन्य उद्देश्यों के लिए किया जा रहा था। ये हमले ऐसे समय हुए हैं, जब यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने और युद्ध समाप्त करने के विकल्पों पर चर्चा के लिए नॉर्वे के दौरे पर हैं।

ओस्लो में जेलेंस्की और अमेरिकी दूत की मुलाकात

यूक्रेन युद्ध को लेकर कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में जेलेंस्की ने अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकाफ से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को गले लगाकर अभिवादन किया और नॉर्वे तथा फिनलैंड के नेताओं की ओर से मंगलवार को आयोजित बैठक में हिस्सा लिया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुश्नर वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इस बैठक में शामिल हुए। यह बातचीत ऐसे समय हुई है, जब ट्रंप और जेलेंस्की के बीच युद्ध को लेकर मतभेद बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। अमेरिका की ओर से यूक्रेन पर रूस के साथ समझौता करने का दबाव बनाया जा रहा है, जबकि कीव अपनी सुरक्षा और सैन्य सहायता को लेकर चिंतित है।

ट्रंप की दोटूक

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को यूक्रेन से रूस के साथ जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए समझौते की दिशा में कदम उठाने को कहा। ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि यूक्रेन को खुद युद्ध खत्म करने की इच्छा जतानी होगी। ट्रंप की यह टिप्पणी दोनों देशों के बीच बढ़ती बयानबाजी के बीच आई है। इससे पहले सोमवार को व्हाइट हाउस के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा था कि रूस यूक्रेन के मामले में ठीक कर रहा है। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका ने यूक्रेन को काफी सहायता दी है, लेकिन बदले में उसे कुछ नहीं मिला। उनके इस बयान को यूक्रेन के प्रति अमेरिकी नीति में सख्ती के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, युद्ध समाप्त करने के लिए किसी ठोस समझौते की घोषणा अभी नहीं हुई है।

पैट्रियट मिसाइलों की कमी से यूक्रेन की बढ़ी चिंता

जेलेंस्की ने कहा कि उन्होंने एशिया दौरे पर गए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से बातचीत की है। उन्होंने चिंता जताई कि यूक्रेन के पास अमेरिकी पैट्रियट वायु रक्षा प्रणाली की मिसाइलें लगभग समाप्त होने वाली हैं। रूसी बैलिस्टिक मिसाइलों से बचाव के लिए यूक्रेन को इन प्रणालियों की बेहद जरूरत है। जेलेंस्की के मुताबिक, पेंटागन उन मिसाइलों की आपूर्ति में भी देरी कर रहा है, जिन्हें दूसरे देशों ने यूक्रेन के लिए खरीदा है। हथियारों की कमी ऐसे समय में चुनौती बन रही है, जब रूस के हमले नागरिक क्षेत्रों और महत्वपूर्ण ढांचों को निशाना बना रहे हैं।

रूस के मिसाइल हमलों की पूर्व चेतावनी फिर शुरू

जेलेंस्की ने मंगलवार को बताया कि रूस के बैलिस्टिक मिसाइल हमलों से संबंधित खुफिया जानकारी और पूर्व चेतावनी साझा करने की व्यवस्था दोबारा शुरू हो गई है। उन्होंने इसके लिए अमेरिका का आभार जताया। ओस्लो में अमेरिकी शांति वार्ताकारों से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन रूस के खिलाफ युद्ध नहीं हार रहा है, लेकिन इस संघर्ष में उसके नागरिकों की जान जा रही है। उन्होंने दोहराया कि यूक्रेन शांति का रास्ता तलाशने के लिए प्रतिबद्ध है।

पुतिन और विटकाफ की बैठक के संकेत

इस बीच, रूस के राष्ट्रपति भवन क्रेमलिन ने अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकाफ और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच जल्द मुलाकात होने की संभावना जताई है। इस संभावित बैठक को युद्ध समाप्त करने के प्रयासों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने जेलेंस्की पर मॉस्को के साथ शांति वार्ता को जानबूझकर बाधित करने का आरोप लगाया है। इस तरह एक ओर कूटनीतिक बातचीत के संकेत मिल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी जारी हैं। फिलहाल यूक्रेन के सामने दोहरी चुनौती है। उसे एक तरफ रूसी हमलों से अपने नागरिकों और महत्वपूर्ण ठिकानों की रक्षा करनी है, तो दूसरी तरफ अमेरिका से सैन्य सहायता बनाए रखने और रूस के साथ संभावित शांति वार्ता में अपनी सुरक्षा संबंधी शर्तों को सुरक्षित रखने की कोशिश करनी है।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it