पुतिन का पश्चिमी देशों पर तनाव बढ़ाने का आरोप, कैलिनिनग्राद को लेकर रूस-NATO में बढ़ी तकरार
यूरोप में रूस के कई राजनयिक मिशनों ने इस सप्ताह कैलिनिनग्राद को लेकर बयान जारी किए। इन बयानों में दावा किया गया कि रूस के पास ऐसी जानकारी है कि NATO कैलिनिनग्राद और आसपास के क्षेत्र की हवाई तथा समुद्री नाकाबंदी की तैयारी कर रहा है।

मॉस्को: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पश्चिमी देशों और यूरोपीय देशों पर रूस के साथ तनाव बढ़ाने का आरोप लगाया है। पुतिन ने कहा कि पश्चिमी देशों में आने वाले वर्षों में रूस के साथ संभावित युद्ध की तैयारियों को लेकर चर्चा हो रही है। उनके बयान के बाद रूस और NATO के बीच कैलिनिनग्राद को लेकर चल रही बयानबाजी एक बार फिर चर्चा में आ गई है। पुतिन ने बाल्टिक सागर में सैन्य गतिविधियों और रूसी जहाजों को जब्त किए जाने से जुड़े मामलों का भी उल्लेख किया। रूस की ओर से इन घटनाओं को क्षेत्रीय तनाव बढ़ाने वाली गतिविधियों के तौर पर पेश किया गया है।
कैलिनिनग्राद को लेकर रूस की चेतावनी
रूस की यह टिप्पणी मॉस्को की उस चेतावनी के बाद आई है, जिसमें NATO को कैलिनिनग्राद की सुरक्षा को लेकर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई थी। रूस ने कहा है कि यदि कैलिनिनग्राद की नाकाबंदी या उसके खिलाफ सैन्य कार्रवाई की जाती है तो वह अपनी सुरक्षा के लिए उपलब्ध सभी विकल्पों पर विचार कर सकता है। रूसी बयानों में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की संभावना का भी उल्लेख किया गया है। मॉस्को का कहना है कि कैलिनिनग्राद रूस के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र है और इसकी सुरक्षा से जुड़े किसी भी खतरे का जवाब दिया जाएगा।
रूस ने NATO पर लगाया नाकाबंदी की तैयारी का आरोप
यूरोप में रूस के कई राजनयिक मिशनों ने इस सप्ताह कैलिनिनग्राद को लेकर बयान जारी किए। इन बयानों में दावा किया गया कि रूस के पास ऐसी जानकारी है कि NATO कैलिनिनग्राद और आसपास के क्षेत्र की हवाई तथा समुद्री नाकाबंदी की तैयारी कर रहा है। रूसी पक्ष ने यूरोपीय नेताओं पर तनाव बढ़ाने वाला रुख अपनाने का आरोप लगाया है। मॉस्को का कहना है कि यूरोपीय देशों के नेता लगातार ऐसी आशंकाएं जता रहे हैं कि रूस किसी अन्य देश पर हमला कर सकता है या ड्रोन गतिविधियों और तोड़फोड़ के जरिए दूसरे देशों में अस्थिरता पैदा कर सकता है। रूस ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है और कहा है कि ऐसे बयानों से यूरोप में तनाव और बढ़ रहा है।
NATO ने आरोपों को किया खारिज
दूसरी ओर, NATO ने रूस के आरोपों और परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की चेतावनी पर आपत्ति जताई है। NATO की प्रवक्ता एलिसन हार्ट ने बुधवार को कहा कि गठबंधन बल प्रयोग की धमकियों और गैर-जिम्मेदाराना परमाणु बयानों की निंदा करता है। NATO का कहना है कि कैलिनिनग्राद को निशाना बनाने की उसकी कोई योजना नहीं है। गठबंधन ने खुद को रक्षात्मक संगठन बताते हुए कहा है कि उसकी सैन्य गतिविधियां रूस के किसी क्षेत्र के खिलाफ हमले की तैयारी नहीं हैं।
मार्क रुटे ने भी दी प्रतिक्रिया
NATO महासचिव मार्क रुटे ने भी रूस से परमाणु हमले की धमकियों को बंद करने की अपील की है। उन्होंने रूस पर आरोप लगाया कि ऐसी बयानबाजी का उद्देश्य NATO सदस्य देशों का ध्यान भटकाना और यूक्रेन को दी जा रही मदद पर फोकस कम करना हो सकता है। रुटे के मुताबिक, NATO रूस के दबाव के कारण यूक्रेन से जुड़े अपने प्रयासों को कम नहीं करेगा। गठबंधन की ओर से लगातार यह कहा जाता रहा है कि उसकी सैन्य नीति सदस्य देशों की सामूहिक सुरक्षा पर केंद्रित है।
बाल्टिक सागर बना तनाव का नया केंद्र
रूस और पश्चिमी देशों के बीच तनाव के बीच बाल्टिक सागर भी महत्वपूर्ण क्षेत्र बन गया है। पुतिन ने यहां होने वाली सैन्य गतिविधियों और रूसी जहाजों से जुड़े मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं क्षेत्रीय तनाव को बढ़ा रही हैं। कैलिनिनग्राद रूस का एक महत्वपूर्ण एक्सक्लेव है, जो मुख्य रूसी भूभाग से अलग स्थित है और NATO सदस्य देशों से घिरा हुआ है। इसकी भौगोलिक स्थिति के कारण रूस और NATO के बीच सैन्य रणनीति में इसका विशेष महत्व है। फिलहाल रूस और NATO दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के दावों का खंडन किया जा रहा है। ऐसे में कैलिनिनग्राद, बाल्टिक सागर और परमाणु हथियारों को लेकर जारी बयानबाजी यूरोप में सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंता बढ़ाने वाला मुद्दा बनी हुई है।


