पाकिस्तानी वायुसेना ने कई अफगानी शहरों में की एयरस्ट्राइक, कंधार में फ्यूल डिपो पर भी हमला
अफगानिस्तान का दावा है कि पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने कंधार हवाई अड्डे के पास स्थित निजी एयरलाइन ‘काम एयर’ (Kam Air) के फ्यूल डिपो पर हमला किया। यह एयरलाइन न केवल नागरिक उड़ानों को सेवाएं देती है, बल्कि संयुक्त राष्ट्र के विमानों को भी ईंधन की आपूर्ति करती है।

काबुल। रमजान के पवित्र महीने के अंतिम दिनों में अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने पाकिस्तान पर देश की संप्रभुता का उल्लंघन करने और कई शहरों में भीषण हवाई हमले करने का आरोप लगाया है। अफगान अधिकारियों के अनुसार, पाकिस्तानी एयरफोर्स ने काबुल, कंधार, पक्तिया और पक्तिका सहित कई क्षेत्रों को निशाना बनाया है, जिससे दोनों पड़ोसी देशों के बीच हालात और अधिक तनावपूर्ण हो गए हैं।
कंधार में फ्यूल डिपो पर हमला
अफगानिस्तान का दावा है कि पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने कंधार हवाई अड्डे के पास स्थित निजी एयरलाइन ‘काम एयर’ (Kam Air) के फ्यूल डिपो पर हमला किया। यह एयरलाइन न केवल नागरिक उड़ानों को सेवाएं देती है, बल्कि संयुक्त राष्ट्र के विमानों को भी ईंधन की आपूर्ति करती है। ऐसे समय में इस तरह के प्रतिष्ठान को निशाना बनाए जाने से चिंता और बढ़ गई है, क्योंकि पहले से ही मध्य-पूर्व में चल रहे ईरान-इजरायल संघर्ष के कारण कई देशों में तेल की आपूर्ति पर दबाव बना हुआ है। अफगान अधिकारियों का कहना है कि इस हमले से ईंधन आपूर्ति व्यवस्था पर असर पड़ सकता है और अंतरराष्ट्रीय मानवीय अभियानों में भी बाधा उत्पन्न हो सकती है।
रिहायशी इलाकों को निशाना बनाने का आरोप
तालिबान सरकार के अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि हवाई हमलों के दौरान कई रिहायशी इलाकों को भी निशाना बनाया गया। उनके मुताबिक, बमबारी की वजह से कई घर तबाह हो गए और आम नागरिक प्रभावित हुए हैं। अफगान पक्ष का दावा है कि इस कार्रवाई में महिलाओं और बच्चों सहित कई लोगों की मौत हुई है, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हो पाई है। अफगान अधिकारियों ने यह भी कहा कि कुछ अन्य स्थानों पर पाकिस्तानी विमानों ने खाली रेगिस्तानी क्षेत्रों और निर्जन इलाकों में भी बम गिराए। उनके अनुसार, इससे यह स्पष्ट होता है कि हमले कई अलग-अलग स्थानों पर किए गए थे।
جريمة:
— Zabihullah (..ذبـــــیح الله م ) (@Zabehulah_M33) March 13, 2026
استهدفت طائرات النظام العسكري الباكستاني مخازن الوقود التابعة لشركة الطيران الخاصة كام إير بالقرب من مطار قندهار.
وتقوم هذه الشركة بتوفير الوقود لشركات الطيران المدنية وكذلك لطائرات الأمم المتحدة. pic.twitter.com/E0b3JPBkHq
तालिबान सरकार की कड़ी प्रतिक्रिया
इन हमलों के बाद तालिबान सरकार ने पाकिस्तान की कार्रवाई को “क्रूर आक्रामकता” करार दिया है। सरकार द्वारा जारी बयान में कहा गया कि रमजान के अंतिम दस दिनों और ईद जैसे महत्वपूर्ण त्योहार के करीब इस तरह के हमले करना बेहद निंदनीय है।
बयान में कहा गया, “ऐसे समय में जब मुसलमान दुनिया भर में इबादत और शांति का संदेश दे रहे हैं, तब इस तरह की सैन्य कार्रवाई यह दर्शाती है कि पाकिस्तानी शासन किसी भी मानवीय सिद्धांत या नैतिक मूल्यों का सम्मान नहीं करता।” अफगानिस्तान ने इन हमलों को “घिनौना अपराध” और “खुली आक्रामकता” बताते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस पर ध्यान देने की अपील की है।
बदले की चेतावनी
तालिबान सरकार के प्रवक्ता ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अफगानिस्तान इस कार्रवाई को बिना जवाब के नहीं छोड़ेगा। प्रवक्ता ने कहा कि देश की संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा पैदा करती है और इसके परिणामों की जिम्मेदारी पाकिस्तान पर ही होगी।
पहले भी हो चुके हैं हमले
हालिया एयरस्ट्राइक दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव की एक और कड़ी मानी जा रही है। पिछले कुछ दिनों में अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा क्षेत्रों को लेकर लगातार टकराव की खबरें सामने आती रही हैं। इससे पहले भी पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के कई इलाकों में हवाई हमले किए थे। उस समय पाकिस्तान के सूचना मंत्री ने आधिकारिक तौर पर कहा था कि ये हमले अफगान तालिबान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए थे। पाकिस्तान का दावा रहा है कि सीमा पार से सक्रिय उग्रवादी समूह उसके सुरक्षा बलों पर हमले करते हैं और इन्हीं ठिकानों को निशाना बनाने के लिए यह कार्रवाई की जाती है।
क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर दोनों देशों के बीच यह सैन्य टकराव जारी रहता है, तो पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ सकती है। पहले से ही मध्य-पूर्व में चल रहे संघर्षों और वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ता तनाव दक्षिण एशिया की सुरक्षा स्थिति को और जटिल बना सकता है।
फिलहाल दोनों देशों की ओर से सख्त बयानबाजी जारी है और स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में यह तनाव कूटनीतिक बातचीत की ओर बढ़ता है या फिर दोनों देशों के बीच टकराव और तेज हो जाता है।


