नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी की हालत बेहद गंभीर, ICU में भर्ती; अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी चिंता
नरगिस मोहम्मदी से जुड़े एक फाउंडेशन ने उनकी सेहत को लेकर चिंताजनक जानकारी साझा की है। फाउंडेशन के अनुसार, नरगिस को अस्पताल ले जाने से पहले दो बार बेहोशी की स्थिति का सामना करना पड़ा।

तेहरान/ ओस्लो : ईरान की प्रख्यात मानवाधिकार कार्यकर्ता और 2023 की नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। उन्हें तबीयत बिगड़ने के बाद शुक्रवार को जेल से अस्पताल ले जाया गया, जहां फिलहाल वे आईसीयू में भर्ती हैं। उनकी बिगड़ती सेहत को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता बढ़ती जा रही है।
नोबेल समिति ने जताई गहरी चिंता
नार्वे की नोबेल समिति के अध्यक्ष जोर्गेन वाटने फ्राइडनेस ने इस स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि नरगिस मोहम्मदी का जीवन इस समय ईरानी अधिकारियों के हाथों में है और उन्हें तुरंत बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि नरगिस को केवल उनके शांतिपूर्ण मानवाधिकार कार्यों के कारण कैद किया गया है, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार उचित नहीं है।
हालत अस्थिर, दो बार हुई बेहोशी
नरगिस मोहम्मदी से जुड़े एक फाउंडेशन ने उनकी सेहत को लेकर चिंताजनक जानकारी साझा की है। फाउंडेशन के अनुसार, नरगिस को अस्पताल ले जाने से पहले दो बार बेहोशी की स्थिति का सामना करना पड़ा। यह भी आशंका जताई गई है कि उन्हें दिल से जुड़ी गंभीर समस्या हो सकती है। जेल के डॉक्टरों ने माना कि वहां उनकी उचित चिकित्सा संभव नहीं थी, जिसके चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
आईसीयू में जारी है इलाज
शनिवार को जारी अपडेट के अनुसार, नरगिस मोहम्मदी की स्थिति अभी भी स्थिर नहीं है और उन्हें आईसीयू में रखा गया है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। हालांकि उनकी स्थिति में सुधार को लेकर अभी कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
बार-बार गिरफ्तारी का सामना कर चुकी हैं नरगिस
नरगिस मोहम्मदी लंबे समय से ईरान में महिलाओं के अधिकारों और मानवाधिकारों के लिए आवाज उठाती रही हैं। उन्हें कई बार गिरफ्तार किया जा चुका है। पिछले दिसंबर में भी उन्हें हिरासत में लिया गया था। उस समय ईरानी अभियोजक हसन हेमतिफर ने आरोप लगाया था कि उन्होंने कथित रूप से भड़काऊ टिप्पणियां की थीं।
सभी आरोप हटाए जाएं
नरगिस के परिवार ने उनकी गिरफ्तारी और सजा को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है। परिवार ने मांग की है कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप तुरंत वापस लिए जाएं और उनके शांतिपूर्ण कार्यों के लिए दी गई सजा को बिना शर्त समाप्त किया जाए। परिवार का कहना है कि उनकी मौजूदा स्थिति बेहद चिंताजनक है और उन्हें तुरंत उचित इलाज मिलना चाहिए।
अस्पताल शिफ्ट करने की मांग ठुकराई गई
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नरगिस के परिवार और वकीलों ने उन्हें तेहरान के एक बेहतर अस्पताल में स्थानांतरित करने की मांग की थी, लेकिन न्यायिक अधिकारियों ने इस अनुरोध को स्वीकार नहीं किया। इस फैसले के बाद उनके परिजनों और समर्थकों में नाराजगी देखी जा रही है।
पति ने लगाई दया की गुहार
नरगिस मोहम्मदी के पति ताघी रहमानी ने भी ईरानी अधिकारियों से अपील की है कि उनकी पत्नी के साथ मानवीय व्यवहार किया जाए और उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा दी जाए। उन्होंने कहा कि यह समय संवेदनशीलता दिखाने का है और उनकी जान बचाना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
ईरान का आधिकारिक रुख
संयुक्त राष्ट्र में ईरान के दूतावास ने इस पूरे मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। इससे स्थिति और अधिक अस्पष्ट बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय संगठनों और मानवाधिकार समूहों की नजर अब ईरानी सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
मानवाधिकारों की आवाज बनीं नरगिस
नरगिस मोहम्मदी को 2023 में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उन्हें यह सम्मान ईरान में महिलाओं के अधिकारों के लिए उनके संघर्ष और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए उनके योगदान के लिए दिया गया था।
वे लंबे समय से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, महिलाओं की स्वतंत्रता और न्याय की मांग को लेकर सक्रिय रही हैं।


