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सैन्य कार्रवाई राजनीतिक संकट का समाधान नहीं है: अराघची ने अमेरिका और यूएई को दी चेतावनी

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते दिन होर्मुज स्ट्रेट में फंसे जहाजों के ट्रांजिट के लिए प्रोजेक्ट फ्रीडम की शुरुआत की। अमेरिका के इस मिशन को लेकर ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अपनी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा

सैन्य कार्रवाई राजनीतिक संकट का समाधान नहीं है: अराघची ने अमेरिका और यूएई को दी चेतावनी
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तेहरान। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते दिन होर्मुज स्ट्रेट में फंसे जहाजों के ट्रांजिट के लिए प्रोजेक्ट फ्रीडम की शुरुआत की। अमेरिका के इस मिशन को लेकर ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अपनी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा कि प्रोजेक्ट फ्रीडम ही प्रोजेक्ट डेडलॉक है। इसके अलावा ईरानी विदेश मंत्री ने अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात को चेतावनी देते हुए कहा कि सैन्य कार्रवाई किसी भी राजनीतिक संकट का हल नहीं है।

अमेरिका और यूएई को चेतावनी देते हुए अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "होर्मुज की घटनाओं से यह साफ हो गया है कि राजनीतिक संकट का कोई सैन्य समाधान नहीं है। पाकिस्तान की अच्छी कोशिश से बातचीत आगे बढ़ रही है। इसलिए अमेरिका को इस बात से सावधान रहना चाहिए कि उसके दुश्मन उसे फिर से दलदल में न घसीट लें। संयुक्त अरब अमीरात को भी ऐसा ही करना चाहिए। प्रोजेक्ट फ्रीडम ही प्रोजेक्ट डेडलॉक है।"

इसके अलावा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह बताने से मना कर दिया कि यूएस और ईरान के बीच हुआ सीजफायर जारी रहेगा या नहीं। अमेरिकी मीडिया सीएनएन ने बताया कि कंजर्वेटिव रेडियो होस्ट ह्यूग हेविट ने जब पूछा कि क्या ईरान के साथ सीजफायर खत्म हो गया है और क्या सोमवार रात से हमले फिर से शुरू हो सकते हैं, तो ट्रंप ने कहा, “मैं आपको यह नहीं बता सकता।”

फॉक्स न्यूज के साथ एक इंटरव्यू में ट्रंप ने ईरानी सेना को चेतावनी दी कि अगर उन्होंने स्ट्रेट या फारस की खाड़ी में अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाने की कोशिश की तो वे धरती से मिट जाएंगे। बाद में इंटरव्यू में उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान के साथ युद्ध, मिलिट्री तौर पर, असल में खत्म हो चुका है।

वहीं डेनमार्क की शिपिंग और लॉजिस्टिक्स कंपनी मेर्सक ने सोमवार को कंफर्म किया कि उसका एक जहाज अमेरिकी मिलिट्री प्रोटेक्शन के साथ होर्मुज स्ट्रेट से गुजरा और उसके सभी क्रू मेंबर सुरक्षित हैं। लॉजिस्टिक्स कंपनी मेर्सक के एक बयान के मुताबिक, फरवरी में जब युद्ध शुरू हुआ, तब अलायंस फेयरफैक्स नाम का यह जहाज फारस की खाड़ी में था और जाने में असमर्थ था।

मेर्सक ने कहा कि अमेरिकी सेना ने हाल ही में उनसे संपर्क किया था। इसकी वजह से जहाज को अमेरिकी सेना की सुरक्षा में खाड़ी से बाहर निकलने का मौका मिला। मेर्सक के बयान के आखिर में कहा गया, “मेर्सक इस ऑपरेशन को मुमकिन बनाने में अमेरिकी सेना के प्रोफेशनलिज्म और असरदार सहयोग के लिए उनका शुक्रिया अदा करता है और कंपनी अलायंस फेयरफैक्स के अपनी नॉर्मल कमर्शियल सर्विस पर लौटने का इंतजार कर रही है।”



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