गाजा में इजरायल बना रहा 17 किमी लंबी मिट्टी की दीवार, 'पीली रेखा' पर बढ़ी सैन्य मौजूदगी
उपलब्ध उपग्रह तस्वीरों के अनुसार, इस परियोजना का काम फरवरी 2026 में शुरू हुआ था। अब तक लगभग 11 किलोमीटर लंबी मिट्टी की दीवार तैयार की जा चुकी है। योजना के मुताबिक, यह दीवार दक्षिण में खान यूनिस से लेकर उत्तर में गाजा शहर के बाहरी क्षेत्र तक बनाई जाएगी।

यरुशलम/गाजा: गाजा पट्टी में इजरायल अपने नियंत्रण वाले क्षेत्र और फलस्तीनी इलाके के बीच स्थित तथाकथित 'पीली रेखा' (Yellow Line) पर करीब 17 किलोमीटर लंबी मिट्टी की दीवार का निर्माण कर रहा है। उपग्रह तस्वीरों के विश्लेषण से सामने आई इस परियोजना ने क्षेत्र में नई रणनीतिक और राजनीतिक बहस छेड़ दी है। स्थानीय लोगों का दावा है कि इस निर्माण का उद्देश्य गाजा के एक बड़े हिस्से पर इजरायल की सैन्य पकड़ को और मजबूत करना तथा सुरक्षा व्यवस्था को स्थायी रूप देना है।
फरवरी में शुरू हुआ निर्माण, 11 किलोमीटर हिस्सा तैयार
उपलब्ध उपग्रह तस्वीरों के अनुसार, इस परियोजना का काम फरवरी 2026 में शुरू हुआ था। अब तक लगभग 11 किलोमीटर लंबी मिट्टी की दीवार तैयार की जा चुकी है। योजना के मुताबिक, यह दीवार दक्षिण में खान यूनिस से लेकर उत्तर में गाजा शहर के बाहरी क्षेत्र तक बनाई जाएगी। निर्माण कार्य अभी भी जारी है और शेष हिस्से पर तेजी से काम किया जा रहा है।
गाजा के बड़े हिस्से पर नियंत्रण की रणनीति
गाजा पट्टी की कुल लंबाई लगभग 40 किलोमीटर और अधिकतम चौड़ाई करीब 11 किलोमीटर है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, जिस 'पीली रेखा' के समानांतर यह दीवार बनाई जा रही है, उसके जरिए गाजा के लगभग आधे भूभाग पर इजरायली सेना का प्रभावी नियंत्रण माना जाता है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्माण भविष्य में सैन्य गतिविधियों, निगरानी और आवाजाही को नियंत्रित करने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।
इजरायली सेना ने निर्माण की पुष्टि की
इजरायली सेना ने पुष्टि की है कि उसने इस क्षेत्र में मिट्टी की दीवार का निर्माण किया है। हालांकि, सेना ने इसके विस्तृत रणनीतिक उद्देश्यों या भविष्य की योजना पर सार्वजनिक रूप से कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है। आधिकारिक तौर पर इसे सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा माना जा रहा है।
संघर्षविराम के बाद तय हुई थी 'पीली रेखा'
यह तथाकथित 'पीली रेखा' पिछले वर्ष अक्टूबर में इजरायल और हमास के बीच हुए संघर्षविराम समझौते के बाद निर्धारित की गई थी। इसका उद्देश्य दोनों पक्षों के बीच एक नियंत्रित सुरक्षा क्षेत्र बनाए रखना बताया गया था। अब इसी क्षेत्र में दीवार निर्माण शुरू होने से यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या यह अस्थायी सुरक्षा व्यवस्था भविष्य में स्थायी सीमा जैसी संरचना का रूप ले सकती है।
अमेरिकी पक्ष की ओर से नहीं आई प्रतिक्रिया
इस निर्माण को लेकर अब तक अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) या अमेरिकी नेतृत्व वाले संबंधित शांति तंत्र की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी फिलहाल इस परियोजना पर सीमित प्रतिक्रिया देखने को मिली है, हालांकि क्षेत्रीय घटनाक्रम पर कई देशों की नजर बनी हुई है।
गाजा शहर में हवाई हमले में छह लोगों की मौत
इसी बीच, गाजा में हिंसा का सिलसिला भी जारी है। गाजा शहर में हुए एक इजरायली हवाई हमले में एक ही परिवार के छह सदस्यों की मौत हो गई। मृतकों में माता-पिता और उनके चार बच्चे शामिल थे। बच्चों में तीन लड़कियां भी थीं। हमले के बाद मकान में आग लग गई, जिससे बचाव कार्य और मुश्किल हो गया।
सोते समय हुआ हमला
मृत बच्चों के दादा अबू यूसुफ मासरी ने बताया कि हमला उस समय हुआ जब पूरा परिवार अपने घर में सो रहा था। विस्फोट के बाद घर में आग फैल गई और परिवार के सदस्यों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। स्थानीय राहतकर्मियों ने मलबे से शवों को बाहर निकाला। इस घटना के बाद इलाके में शोक और तनाव का माहौल है।
संघर्ष के बीच बढ़ती मानवीय चिंता
गाजा में जारी संघर्ष के बीच एक ओर सैन्य निर्माण गतिविधियां तेज हो रही हैं, तो दूसरी ओर आम नागरिक लगातार हिंसा की चपेट में आ रहे हैं। मानवीय संगठनों का कहना है कि लगातार हो रहे हमलों और बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान के कारण लाखों लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। क्षेत्र में स्थायी शांति और मानवीय राहत सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के प्रयासों की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक महसूस की जा रही है।


