ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा बोले, अमेरिका को जल्दी ही अरब सागर से खदेड़ देंगे, होर्मुज से दूर रहने की दी चेतावनी
मोजतबा खामेनेई ने दुश्मन को होर्मुज से दूर रहने और जल्द से जल्द अरब सागर छोड़ने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो दुश्मन को अरब सागर से भी खदेड़ दिया जाएगा।

तेहरान/न्यूयॉर्क: पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के बीच टकराव और कूटनीति, दोनों मोर्चों पर हलचल तेज हो गई है। ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका और उसके सहयोगी बलों को होर्मुज जलडमरूमध्य से दूर रहने की चेतावनी दी है। वहीं, दूसरी ओर कतर ने दोनों देशों के बीच जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए मध्यस्थता की कोशिशें तेज कर दी हैं। न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान होने वाली बातचीत को इस दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मोजतबा खामेनेई की कड़ी चेतावनी
मोजतबा खामेनेई ने दुश्मन को होर्मुज से दूर रहने और जल्द से जल्द अरब सागर छोड़ने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो दुश्मन को अरब सागर से भी खदेड़ दिया जाएगा। मोजतबा खुद सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए और उनका संदेश सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित किया गया। यह संदेश लेबनान के हिजबुल्लाह नेता हसन नसरल्लाह की मौत की दूसरी बरसी के मौके पर प्रसारित हुआ। मोजतबा ने ईरानी लड़ाकों की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने होर्मुज क्षेत्र में दुश्मन बलों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
लगातार दूसरे दिन अमेरिकी ड्रोन पकड़ने का दावा
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिकी समुद्री निगरानी उपकरणों को पकड़ने का दावा भी किया है। आईआरजीसी के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल होसैन मोहेब्बी ने कहा कि लगातार दूसरे दिन एक अमेरिकी पनडुब्बी ड्रोन को कब्जे में लिया गया। उनके मुताबिक, इससे एक दिन पहले 'रेमस 600' को पकड़ा गया था, जबकि रविवार को 'एमके 18 मोड 2 किंगफिश' को कब्जे में लेने का दावा किया गया। इन दावों पर अमेरिका की ओर से प्रतिक्रिया का उल्लेख उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
ईरान-इराक विमान सेवा पर अमेरिका ने दी राहत
तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान और इराक के बीच हवाई संपर्क बहाल करने के लिए इस मार्ग से संबंधित प्रतिबंधों में राहत दी है। रॉयटर्स के अनुसार, बड़ी संख्या में शिया तीर्थयात्रियों के इराक के पवित्र शहर नजफ आने-जाने को देखते हुए यह कदम उठाया गया। अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण इराक ने ईरानी विमानों के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया था। इसके विरोध में इराक में प्रदर्शन भी हुए। वहीं, ईरान के नागरिक उड्डयन संगठन ने अमेरिकी प्रतिबंधों को लेकर अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) में शिकायत दर्ज कराई है।
कतर ने संभाली मध्यस्थता की कमान
सैन्य तनाव के बीच बातचीत की संभावनाएं भी तलाश की जा रही हैं। रॉयटर्स के अनुसार, कतर के अधिकारी सोमवार और मंगलवार को न्यूयॉर्क में अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों से अलग-अलग बातचीत करेंगे। ईरान की ओर से विदेश मंत्री अब्बास अराघची इसमें शामिल होंगे। अराघची संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिस्सा लेने के लिए न्यूयॉर्क पहुंचे हैं और तनाव के बीच अभी तेहरान वापस नहीं लौटे हैं। कतर की कोशिश दोनों देशों के प्रस्तावों को समझने और संभावित बातचीत के लिए साझा आधार तलाशने की है।
सात दिन के युद्धविराम प्रस्ताव पर नजर
बातचीत में ईरान की ओर से दिए गए सात दिन के प्रस्ताव को प्रमुख मुद्दा माना जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान ने पिछले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान मध्यस्थों के माध्यम से अमेरिका तक यह प्रस्ताव पहुंचाया था। ईरान का कहना है कि यदि उसके बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी समाप्त की जाती है, तेल बिक्री पर लगे प्रतिबंध हटाए जाते हैं और विदेशों में जमा उसकी अरबों डॉलर की रकम जारी की जाती है, तो वह सात दिनों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य खोल सकता है।
होर्मुज के बाद परमाणु वार्ता का प्रस्ताव
ईरान के प्रस्ताव में लेबनान और यमन समेत विभिन्न मोर्चों पर युद्ध खत्म करने की घोषणा की मांग भी शामिल है। इन शर्तों के पूरा होने के बाद तेहरान परमाणु कार्यक्रम को लेकर व्यापक बातचीत शुरू करने की बात कह रहा है। इस बीच क्षेत्रीय तनाव का असर तेल बाजार पर भी पड़ा है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, कच्चे तेल की कीमत करीब दो प्रतिशत बढ़कर 106 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। ऐसे में होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान की चेतावनी और अमेरिका-ईरान के बीच संभावित वार्ता, दोनों का ऊर्जा बाजार और पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति पर असर पड़ सकता है।


