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Iranian Missile Attack: अमेरिकी हमलों के बाद तेहरान का पलटवार; जॉर्डन-बहरीन में सैन्य ठिकाने निशाने पर

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा कि उसने अमेरिकी हमलों के जवाब में कार्रवाई की है। संगठन के मुताबिक, जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया गया।

Iranian Missile Attack: अमेरिकी हमलों के बाद तेहरान का पलटवार; जॉर्डन-बहरीन में सैन्य ठिकाने निशाने पर
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तेहरान/ वॉशिंगटन: Iranian Missile Attack: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि अमेरिकी सेना ने ईरान में सैन्य ठिकानों के खिलाफ हमलों की एक नई श्रृंखला पूरी की है। अमेरिकी दावे के मुताबिक, इन हमलों में ईरान की एयर डिफेंस व्यवस्था, रडार सिस्टम, समुद्री ठिकानों, समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने की क्षमता और संचार से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया। अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू करने का दावा किया है। ईरानी अधिकारियों और सरकारी मीडिया के अनुसार, जॉर्डन और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाया गया।

IRGC ने दी जवाबी कार्रवाई की जानकारी

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा कि उसने अमेरिकी हमलों के जवाब में कार्रवाई की है। संगठन के मुताबिक, जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया गया। ईरानी मीडिया ने बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले का दावा किया है। रिपोर्टों में कहा गया कि रडार सिस्टम और अमेरिकी सैन्य मौजूदगी वाले इलाकों को निशाना बनाया गया। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।

जॉर्डन ने 13 मिसाइलों को रोकने का दावा किया

जॉर्डन के अधिकारियों के अनुसार, उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने देश के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाली 13 बैलिस्टिक मिसाइलों में से 10 को रोक दिया। बाकी तीन मिसाइलें आबादी वाले क्षेत्रों से दूर खुले इलाकों में गिरीं। जॉर्डन के मफरक शहर में हमलों के दौरान सायरन बजने की खबरें सामने आईं। अधिकारियों के मुताबिक, देश की वायु रक्षा प्रणाली ने संभावित खतरे से निपटने के लिए कार्रवाई की।

कुवैत में भी एयर डिफेंस सक्रिय

ईरानी ड्रोन हमलों की आशंका के बीच कुवैत में भी एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय किए गए। कुवैती अधिकारियों ने बताया कि उनकी वायु रक्षा व्यवस्था ने ड्रोन से जुड़े खतरे का सामना किया। इस घटनाक्रम से खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। जॉर्डन, बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी लंबे समय से रही है।

होर्मुज स्ट्रेट के पास भी अमेरिकी हमला

अमेरिकी हमलों का एक प्रमुख केंद्र होर्मुज स्ट्रेट के आसपास का क्षेत्र रहा। अमेरिकी सेना ने दो दिनों के भीतर दूसरी बार ईरान से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाने की कार्रवाई की। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, क्वेश्म आइलैंड, बंदर अब्बास, चाबहार, जास्क, सिरिक, असलुयेह, कोनारक और लावन सहित कई स्थानों पर धमाकों की खबरें सामने आईं। जिरोफ्त शहर के एक सिविलियन एयरपोर्ट पर हमले की भी जानकारी दी गई।

ट्रंप ने दी और कड़े जवाब की चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा कि अमेरिकी कार्रवाई ईरान की ओर से होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश और जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर मिसाइल हमले के जवाब में की गई है। ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उसकी ओर से दोबारा हमला किया गया तो अमेरिका और ज्यादा सख्त जवाब देगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका का होर्मुज स्ट्रेट पर लगभग पूरा नियंत्रण है और ईरान की अर्थव्यवस्था दबाव में है। ट्रंप ने कहा कि फिलहाल ईरान के साथ किसी समझौते की आवश्यकता नहीं है।

शादी समारोह के दौरान हमले का दावा

इस बीच ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका पर एक नागरिक इलाके में हमला करने का भी आरोप लगाया है। उनके मुताबिक, दक्षिणी होर्मोजगन प्रांत के सिरिक काउंटी के कुहेस्ताक में एक घर को उस समय निशाना बनाया गया, जब वहां शादी का समारोह चल रहा था। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, घटना में एक बच्चे समेत कम से कम पांच लोगों की मौत हुई और 50 से अधिक लोग घायल हुए। ईरानी रेड क्रिसेंट ने दावा किया कि मिसाइल के टुकड़े घर पर गिरे। घायलों में कुछ लोगों को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि अन्य को बेहतर इलाज के लिए मिनाब अस्पताल भेजा गया।


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