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नेतन्याहू के इशारों पर चले तो पूरा क्षेत्र जल उठेगा… ट्रंप की धमकी पर ईरान का तीखा पलटवार
ईरानी संसद अध्यक्ष ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया चेतावनियों पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि ट्रंप इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के प्रभाव में फैसले लेते हैं, तो पूरा पश्चिम एशिया गंभीर संकट में फंस सकता है।

तेहरान/वॉशिंगटन। Iran-US Tensions: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच ईरान और अमेरिका के बीच बयानबाजी और सैन्य दावों का दौर तेज हो गया है। ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गलीबाफ ने अमेरिकी बचाव अभियान पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर अमेरिका को ऐसी “तीन और जीत” मिल गईं, तो वह पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान ने दावा किया है कि उसने एक संयुक्त अमेरिकी अभियान के दौरान कई सैन्य संसाधनों को निशाना बनाया।
बचाव अभियान पर ईरान का दावाईरान ने दावा किया है कि दक्षिणी इस्फहान क्षेत्र में एक अमेरिकी लड़ाकू पायलट को बचाने के प्रयास के दौरान उसने दो ब्लैक हाक हेलीकॉप्टर और एक सी-130 सैन्य परिवहन विमान को मार गिराया। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन ईरान के शीर्ष नेताओं ने इसे अपनी सैन्य सफलता के रूप में पेश किया है। गलीबाफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक तबाह विमान की तस्वीर साझा करते हुए अमेरिकी अभियान का मजाक उड़ाया और इसे अमेरिका के लिए “खतरनाक जीत” बताया।ट्रंप की चेतावनी पर पलटवारईरानी संसद अध्यक्ष ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया चेतावनियों पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि ट्रंप इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के प्रभाव में फैसले लेते हैं, तो पूरा पश्चिम एशिया गंभीर संकट में फंस सकता है। गलीबाफ ने आरोप लगाया कि ट्रंप के “लापरवाह फैसले” अमेरिका को खुद अपने नागरिकों के लिए असुरक्षित बना रहे हैं और देश को “जीते जी नर्क” की ओर धकेल रहे हैं।संयुक्त राष्ट्र में ईरान की शिकायतईरान ने संयुक्त राष्ट्र में भी अमेरिका के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। उसने ट्रंप द्वारा नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की धमकियों को “युद्ध अपराध की खुली उकसाहट” करार दिया है। ईरान के मिशन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की यह जिम्मेदारी है कि ऐसे संभावित युद्ध अपराधों को रोका जाए। बयान में चेतावनी दी गई कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।ईरानी मंत्री का ट्रंप पर व्यक्तिगत हमलाईरान के संस्कृति मंत्री सैयद रज़ा सालेही-अमिरी ने भी ट्रंप के बयानों को खारिज करते हुए उन्हें “अस्थिर और भ्रमित व्यक्ति” बताया। एपी को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि ट्रंप के बयान अक्सर परस्पर विरोधी होते हैं, जिससे उनकी बातों को गंभीरता से लेना मुश्किल हो जाता है। उनके अनुसार, ट्रंप की राजनीतिक शैली ऐसी है जिसे न पूरी तरह ईरानी समझ पा रहे हैं और न ही अमेरिकी समाज।होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ता तनावतनाव का एक बड़ा कारण होर्मुज जलडमरूमध्य भी है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम समुद्री मार्ग है। ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान इस जलमार्ग को जल्द नहीं खोलता, तो वह देश के बिजली संयंत्रों और पुलों को निशाना बनाएंगे। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में यहां तक कहा कि ईरान को “नर्क में धकेल दिया जाएगा” और अपने संदेश का अंत “अल्लाह से दुआ करो” जैसे शब्दों के साथ किया।ईरान की कड़ी चेतावनीट्रंप की धमकियों के जवाब में ईरान ने भी सख्त रुख अपनाया है। ईरानी सैन्य नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि अगर देश के बुनियादी ढांचे पर हमला किया गया, तो जवाब और भी ज्यादा विनाशकारी होगा। सरकारी मीडिया के अनुसार, संयुक्त सैन्य कमान के प्रमुख जनरल अली अब्दुल्ला अलीबादी ने कहा कि ऐसे किसी भी हमले की स्थिति में “दुश्मनों के लिए जहन्नुम के दरवाजे खोल दिए जाएंगे।” ईरान ने यह भी संकेत दिया है कि वह पीछे हटने के मूड में नहीं है और क्षेत्रीय स्तर पर जवाबी कार्रवाई जारी रखेगा।संघर्ष का बढ़ता दायरा और वैश्विक असरपिछले पांच हफ्तों में इस संघर्ष ने गंभीर रूप ले लिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, हजारों लोगों की जान जा चुकी है और क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ती जा रही है। इसका असर वैश्विक स्तर पर भी दिख रहा है- अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उतार-चढ़ाव, प्रमुख समुद्री मार्गों पर बाधा और ईंधन की कीमतों में तेज वृद्धि।विशेषज्ञों का मानना है कि अगर स्थिति जल्द नहीं संभली, तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर और गहरा हो सकता है।
ईरानी संसद अध्यक्ष ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया चेतावनियों पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि ट्रंप इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के प्रभाव में फैसले लेते हैं, तो पूरा पश्चिम एशिया गंभीर संकट में फंस सकता है। गलीबाफ ने आरोप लगाया कि ट्रंप के “लापरवाह फैसले” अमेरिका को खुद अपने नागरिकों के लिए असुरक्षित बना रहे हैं और देश को “जीते जी नर्क” की ओर धकेल रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र में ईरान की शिकायतईरान ने संयुक्त राष्ट्र में भी अमेरिका के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। उसने ट्रंप द्वारा नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की धमकियों को “युद्ध अपराध की खुली उकसाहट” करार दिया है। ईरान के मिशन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की यह जिम्मेदारी है कि ऐसे संभावित युद्ध अपराधों को रोका जाए। बयान में चेतावनी दी गई कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।ईरानी मंत्री का ट्रंप पर व्यक्तिगत हमलाईरान के संस्कृति मंत्री सैयद रज़ा सालेही-अमिरी ने भी ट्रंप के बयानों को खारिज करते हुए उन्हें “अस्थिर और भ्रमित व्यक्ति” बताया। एपी को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि ट्रंप के बयान अक्सर परस्पर विरोधी होते हैं, जिससे उनकी बातों को गंभीरता से लेना मुश्किल हो जाता है। उनके अनुसार, ट्रंप की राजनीतिक शैली ऐसी है जिसे न पूरी तरह ईरानी समझ पा रहे हैं और न ही अमेरिकी समाज।होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ता तनावतनाव का एक बड़ा कारण होर्मुज जलडमरूमध्य भी है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम समुद्री मार्ग है। ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान इस जलमार्ग को जल्द नहीं खोलता, तो वह देश के बिजली संयंत्रों और पुलों को निशाना बनाएंगे। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में यहां तक कहा कि ईरान को “नर्क में धकेल दिया जाएगा” और अपने संदेश का अंत “अल्लाह से दुआ करो” जैसे शब्दों के साथ किया।ईरान की कड़ी चेतावनीट्रंप की धमकियों के जवाब में ईरान ने भी सख्त रुख अपनाया है। ईरानी सैन्य नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि अगर देश के बुनियादी ढांचे पर हमला किया गया, तो जवाब और भी ज्यादा विनाशकारी होगा। सरकारी मीडिया के अनुसार, संयुक्त सैन्य कमान के प्रमुख जनरल अली अब्दुल्ला अलीबादी ने कहा कि ऐसे किसी भी हमले की स्थिति में “दुश्मनों के लिए जहन्नुम के दरवाजे खोल दिए जाएंगे।” ईरान ने यह भी संकेत दिया है कि वह पीछे हटने के मूड में नहीं है और क्षेत्रीय स्तर पर जवाबी कार्रवाई जारी रखेगा।संघर्ष का बढ़ता दायरा और वैश्विक असरपिछले पांच हफ्तों में इस संघर्ष ने गंभीर रूप ले लिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, हजारों लोगों की जान जा चुकी है और क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ती जा रही है। इसका असर वैश्विक स्तर पर भी दिख रहा है- अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उतार-चढ़ाव, प्रमुख समुद्री मार्गों पर बाधा और ईंधन की कीमतों में तेज वृद्धि।विशेषज्ञों का मानना है कि अगर स्थिति जल्द नहीं संभली, तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर और गहरा हो सकता है।
ईरान के संस्कृति मंत्री सैयद रज़ा सालेही-अमिरी ने भी ट्रंप के बयानों को खारिज करते हुए उन्हें “अस्थिर और भ्रमित व्यक्ति” बताया। एपी को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि ट्रंप के बयान अक्सर परस्पर विरोधी होते हैं, जिससे उनकी बातों को गंभीरता से लेना मुश्किल हो जाता है। उनके अनुसार, ट्रंप की राजनीतिक शैली ऐसी है जिसे न पूरी तरह ईरानी समझ पा रहे हैं और न ही अमेरिकी समाज।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ता तनावतनाव का एक बड़ा कारण होर्मुज जलडमरूमध्य भी है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम समुद्री मार्ग है। ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान इस जलमार्ग को जल्द नहीं खोलता, तो वह देश के बिजली संयंत्रों और पुलों को निशाना बनाएंगे। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में यहां तक कहा कि ईरान को “नर्क में धकेल दिया जाएगा” और अपने संदेश का अंत “अल्लाह से दुआ करो” जैसे शब्दों के साथ किया।ईरान की कड़ी चेतावनीट्रंप की धमकियों के जवाब में ईरान ने भी सख्त रुख अपनाया है। ईरानी सैन्य नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि अगर देश के बुनियादी ढांचे पर हमला किया गया, तो जवाब और भी ज्यादा विनाशकारी होगा। सरकारी मीडिया के अनुसार, संयुक्त सैन्य कमान के प्रमुख जनरल अली अब्दुल्ला अलीबादी ने कहा कि ऐसे किसी भी हमले की स्थिति में “दुश्मनों के लिए जहन्नुम के दरवाजे खोल दिए जाएंगे।” ईरान ने यह भी संकेत दिया है कि वह पीछे हटने के मूड में नहीं है और क्षेत्रीय स्तर पर जवाबी कार्रवाई जारी रखेगा।संघर्ष का बढ़ता दायरा और वैश्विक असरपिछले पांच हफ्तों में इस संघर्ष ने गंभीर रूप ले लिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, हजारों लोगों की जान जा चुकी है और क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ती जा रही है। इसका असर वैश्विक स्तर पर भी दिख रहा है- अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उतार-चढ़ाव, प्रमुख समुद्री मार्गों पर बाधा और ईंधन की कीमतों में तेज वृद्धि।विशेषज्ञों का मानना है कि अगर स्थिति जल्द नहीं संभली, तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर और गहरा हो सकता है।
ट्रंप की धमकियों के जवाब में ईरान ने भी सख्त रुख अपनाया है। ईरानी सैन्य नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि अगर देश के बुनियादी ढांचे पर हमला किया गया, तो जवाब और भी ज्यादा विनाशकारी होगा। सरकारी मीडिया के अनुसार, संयुक्त सैन्य कमान के प्रमुख जनरल अली अब्दुल्ला अलीबादी ने कहा कि ऐसे किसी भी हमले की स्थिति में “दुश्मनों के लिए जहन्नुम के दरवाजे खोल दिए जाएंगे।” ईरान ने यह भी संकेत दिया है कि वह पीछे हटने के मूड में नहीं है और क्षेत्रीय स्तर पर जवाबी कार्रवाई जारी रखेगा।
संघर्ष का बढ़ता दायरा और वैश्विक असरपिछले पांच हफ्तों में इस संघर्ष ने गंभीर रूप ले लिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, हजारों लोगों की जान जा चुकी है और क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ती जा रही है। इसका असर वैश्विक स्तर पर भी दिख रहा है- अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उतार-चढ़ाव, प्रमुख समुद्री मार्गों पर बाधा और ईंधन की कीमतों में तेज वृद्धि।विशेषज्ञों का मानना है कि अगर स्थिति जल्द नहीं संभली, तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर और गहरा हो सकता है।
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