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चेहरा बिगड़ा, पैरों में गंभीर चोट... 28 फरवरी के अटैक में बुरी तरह घायल हो गए थे मुज्तबा खामेनेई

रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी को सेंट्रल तेहरान में स्थित सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के कंपाउंड पर अमेरिका और इजरायल द्वारा कथित तौर पर हमला किया गया था। इस हमले में अली खामेनेई की मौत हो गई, जबकि उनके परिवार के कई अन्य सदस्य भी मारे गए।

चेहरा बिगड़ा, पैरों में गंभीर चोट... 28 फरवरी के अटैक में बुरी तरह घायल हो गए थे मुज्तबा खामेनेई
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तेहरान। ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई की सेहत को लेकर लंबे समय से चल रही अटकलों के बीच अब कुछ नई जानकारी सामने आई है। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी के मुताबिक, घातक हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बाद अब उनके जख्म धीरे-धीरे भर रहे हैं। हालांकि, उनकी सार्वजनिक गैरमौजूदगी और सीमित आधिकारिक जानकारी ने अब भी कई सवाल खड़े कर रखे हैं।

28 फरवरी का हमला

रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी को सेंट्रल तेहरान में स्थित सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के कंपाउंड पर अमेरिका और इजरायल द्वारा कथित तौर पर हमला किया गया था। इस हमले में अली खामेनेई की मौत हो गई, जबकि उनके परिवार के कई अन्य सदस्य भी मारे गए। इसी हमले में मुज्तबा खामेनेई गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बताया गया कि उनके चेहरे और पैरों में गंभीर चोटें आई थीं, जिससे उनकी स्थिति काफी नाजुक हो गई थी।

कोमा की खबरों के बीच नई जानकारी

हमले के बाद शुरुआती रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि मुज्तबा खामेनेई कोमा में हैं और उनकी हालत बेहद गंभीर है। लेकिन अब उनके करीबी सूत्रों के हवाले से बताया है कि वह मानसिक रूप से पूरी तरह सचेत हैं और धीरे-धीरे स्वस्थ हो रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, मुज्तबा न सिर्फ होश में हैं, बल्कि देश के अहम मामलों में सक्रिय रूप से भाग भी ले रहे हैं। बताया गया कि वे ऑडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठकों में शामिल होते हैं और युद्ध तथा अमेरिका के साथ बातचीत जैसे महत्वपूर्ण फैसलों में अपनी भूमिका निभा रहे हैं।

सार्वजनिक तौर पर अब तक नहीं आए सामने

8 मार्च को सुप्रीम लीडर बनाए जाने के बाद से मुज्तबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं। न तो उनकी कोई तस्वीर जारी की गई है और न ही कोई वीडियो या ऑडियो संदेश जिसमें वे खुद दिखाई दें। ईरानी सरकारी मीडिया ने अब तक उनके बारे में केवल सीमित जानकारी साझा की है। उनके कई संदेश जरूर जारी किए गए हैं, लेकिन उन्हें न्यूज एंकर द्वारा पढ़कर सुनाया गया है। इससे उनकी वास्तविक स्थिति को लेकर अनिश्चितता और बढ़ गई है।

चोटों को लेकर अलग-अलग दावे

मुज्तबा खामेनेई की चोटों को लेकर भी अलग-अलग दावे सामने आए हैं। अमेरिकी खुफिया सूत्रों के हवाले से कहा गया कि उन्होंने अपना एक पैर खो दिया है। वहीं, अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी यह संकेत दिया था कि उनके चेहरे पर गंभीर असर पड़ा है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और ईरान की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हमले के बाद ईरानी मीडिया ने उन्हें ‘जांबाज’ बताया था, यह शब्द आमतौर पर उन लोगों के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जो युद्ध में गंभीर रूप से घायल होते हैं।

क्या पिता जैसा प्रभाव बना पाएंगे?

ईरान की राजनीतिक व्यवस्था में सुप्रीम लीडर का पद सबसे शक्तिशाली माना जाता है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या मुज्तबा खामेनेई अपने पिता अयातुल्लाह अली खामेनेई जैसी पकड़ और प्रभाव स्थापित कर पाएंगे। मिडिल ईस्ट इंस्टीट्यूट के विशेषज्ञ एलेक्स वटांका के मुताबिक, यह संभावना कम है कि मुज्तबा तुरंत वैसी ही मजबूत स्थिति हासिल कर सकें। उन्होंने कहा, “मुज्तबा की आवाज अहम होगी, लेकिन वह तुरंत निर्णायक नहीं बन पाएगी। उन्हें समय के साथ खुद को एक भरोसेमंद और प्रभावशाली नेता के रूप में स्थापित करना होगा।”

गैरमौजूदगी से बढ़ीं अटकलें

मुज्तबा की लगातार गैरमौजूदगी ने ईरान के भीतर और बाहर दोनों जगह अटकलों को जन्म दिया है। सोशल मीडिया पर भी इसको लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। एक वायरल मीम में रोशनी से जगमगाती एक खाली कुर्सी दिखाई गई है, जिसके नीचे लिखा है—“मुज्तबा कहां हैं?” यह मीम उनकी अनुपस्थिति और लोगों के मन में उठ रहे सवालों को दर्शाता है।

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