ईरान ने सेजिल बैलिस्टिक मिसाइल दागी: पहली बार इस्तेमाल की गई; 2500km तक हिट कर सकती है टारगेट
ईरान की आईआरजीसी ने बयान जारी कर बताया कि इजराइल के खिलाफ सैन्य अभियान के दौरान पहली बार सेजिल मिसाइल दागी गई। यह एक सॉलिड फ्यूल वाली मध्यम दूरी की रणनीतिक बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसे ईरान की सबसे उन्नत मिसाइलों में गिना जाता है।

तेहरान। Iran Israel Conflict: पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध रविवार को 17वें दिन में पहुंच गया। इस दौरान ईरान ने पहली बार इजराइल पर अपनी अत्याधुनिक सेजिल बैलिस्टिक मिसाइल (Sejjil Ballistic Missile) से हमला किया। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि इस हमले में इजराइल की सैन्य और रक्षा से जुड़ी सुविधाओं को निशाना बनाया गया। हालांकि, इजराइल की ओर से अभी तक इस मिसाइल हमले में हुए नुकसान की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि युद्ध में सेजिल मिसाइल का इस्तेमाल संघर्ष के और अधिक तेज होने का संकेत माना जा रहा है।
पहली बार सेजिल मिसाइल का इस्तेमाल
ईरान की आईआरजीसी ने बयान जारी कर बताया कि इजराइल के खिलाफ सैन्य अभियान के दौरान पहली बार सेजिल मिसाइल दागी गई। यह एक सॉलिड फ्यूल वाली मध्यम दूरी की रणनीतिक बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसे ईरान की सबसे उन्नत मिसाइलों में गिना जाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मिसाइल ईरान से लॉन्च होने के बाद करीब सात मिनट में इजराइल के तेल अवीव तक पहुंच सकती है। इसकी तेज रफ्तार और ऊंचाई पर दिशा बदलने की क्षमता के कारण इसे रोकना एयर डिफेंस सिस्टम के लिए काफी चुनौतीपूर्ण माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस मिसाइल का उपयोग यह संकेत देता है कि ईरान अब युद्ध में अपने अधिक उन्नत हथियारों का इस्तेमाल शुरू कर रहा है।
‘डांसिंग मिसाइल’ क्यों कहा जाता है सेजिल को
सेजिल मिसाइल को कई बार अशौरा (अशूरा) मिसाइल भी कहा जाता है। वहीं इसकी ऊंचाई पर पैंतरेबाजी करने की क्षमता के कारण इसे “डांसिंग मिसाइल” का उपनाम दिया गया है। यह मिसाइल उड़ान के दौरान अपने मार्ग में बदलाव कर सकती है, जिससे इसे ट्रैक करना और इंटरसेप्ट करना कठिन हो जाता है। यही वजह है कि इसे इजराइल जैसे उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम के लिए भी एक गंभीर चुनौती माना जाता है। सेजिल एक दो-चरणों वाली बैलिस्टिक मिसाइल है, जो पूरी तरह ठोस ईंधन (सॉलिड प्रोपेलेंट) से संचालित होती है। ठोस ईंधन की वजह से इसे तरल ईंधन वाली मिसाइलों की तुलना में बहुत तेजी से लॉन्च किया जा सकता है।
2000–2500 किलोमीटर तक मारक क्षमता
ईरान में विकसित सेजिल को मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल (MRBM) श्रेणी में रखा जाता है। इसकी मारक क्षमता करीब 2000 से 2500 किलोमीटर तक बताई जाती है। इस रेंज के कारण यह मिसाइल न सिर्फ इजराइल बल्कि पूरे पश्चिम एशिया के कई हिस्सों तक पहुंच सकती है। इसके अलावा यूरोप और एशिया के कुछ क्षेत्रों तक भी इसकी पहुंच मानी जाती है। यही कारण है कि इसे ईरान की रणनीतिक मिसाइल क्षमता का अहम हिस्सा माना जाता है।
सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (CSIS) के मुताबिक, सेजिल मिसाइल की लंबाई लगभग 18 मीटर और व्यास करीब 1.25 मीटर है। इसका कुल लॉन्च वजन करीब 23,600 किलोग्राम बताया जाता है। यह मिसाइल लगभग 700 किलोग्राम तक का पेलोड ले जाने में सक्षम है। ईरान ने इस मिसाइल का पहला सफल परीक्षण 2008 में किया था, जिसके बाद से इसे अपने रणनीतिक हथियारों के भंडार में शामिल किया गया।
युद्धविराम से इनकार, ईरान का सख्त रुख
इस बीच ईरान ने साफ कर दिया है कि वह फिलहाल किसी भी तरह के युद्धविराम या बातचीत के लिए तैयार नहीं है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सीबीएस न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि ईरान ने न तो युद्धविराम की मांग की है और न ही अमेरिका से बातचीत की कोशिश की है।
उन्होंने कहा, जब तक जरूरत होगी, ईरान अपनी रक्षा करता रहेगा। हम इस संघर्ष में पीछे हटने वाले नहीं हैं। अराघची ने यह भी कहा कि जब तक अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प यह स्वीकार नहीं करते कि यह युद्ध गैरकानूनी है, तब तक ईरान जवाबी कार्रवाई जारी रखेगा।
अमेरिकी ठिकानों पर भी हमले
ईरान ने इजराइल के साथ-साथ खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने कई जगहों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। इन हमलों के कारण पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। कई देशों ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम को हाई अलर्ट पर रखा हुआ है।
युद्ध में बढ़ता नुकसान
इस संघर्ष के दौरान अब तक भारी जनहानि और तबाही की खबरें सामने आई हैं। अलग-अलग रिपोर्टों के मुताबिक, युद्ध में अब तक करीब 2,000 लोगों की मौत होने का दावा किया गया है। ईरान में भी इस युद्ध के कारण बड़े पैमाने पर जानमाल का नुकसान हुआ है। वहीं लेबनान में इजरायली हमलों से कई इलाकों में भारी तबाही की खबरें हैं। विश्लेषकों का मानना है कि अगर दोनों पक्षों के बीच तनाव इसी तरह बढ़ता रहा, तो यह संघर्ष पूरे पश्चिम एशिया को और अधिक अस्थिर कर सकता है।
सेजिल मिसाइल के इस्तेमाल ने इस युद्ध को एक नए और अधिक खतरनाक चरण में पहुंचा दिया है। अब दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में यह संघर्ष किस दिशा में आगे बढ़ता है।


