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पड़ोसी देशों पर हमला नहीं करेगा ईरान, राष्ट्रपति पेजेशकियान ने किया बड़ा ऐलान, अमेरिका की ‘सरेंडर’ मांग ठुकराई

राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय आया है जब मिडिल ईस्ट में लगातार मिसाइल हमलों, ड्रोन हमलों और हवाई हमलों की खबरें सामने आ रही हैं। क्षेत्र में तेजी से बढ़ते तनाव के बीच ईरान का यह बयान हालात को शांत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

पड़ोसी देशों पर हमला नहीं करेगा ईरान, राष्ट्रपति पेजेशकियान ने किया बड़ा ऐलान, अमेरिका की ‘सरेंडर’ मांग ठुकराई
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तेहरान/वॉशिंगटन: पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया है। उन्होंने कहा है कि ईरान अब किसी भी पड़ोसी देश पर हमला नहीं करेगा, जब तक कि उस देश की जमीन से ईरान पर हमला न किया जाए। राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय आया है जब मिडिल ईस्ट में लगातार मिसाइल हमलों, ड्रोन हमलों और हवाई हमलों की खबरें सामने आ रही हैं। क्षेत्र में तेजी से बढ़ते तनाव के बीच ईरान का यह बयान हालात को शांत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

अमेरिका की ‘बिना शर्त आत्मसमर्पण’ की मांग खारिज

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने अमेरिका की उस मांग को भी सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें ईरान से बिना शर्त आत्मसमर्पण करने की बात कही गई थी। राज्य टीवी पर प्रसारित अपने रिकॉर्डेड संदेश में उन्होंने अमेरिका पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ईरान किसी भी तरह के दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है। उन्होंने कहा, यह उम्मीद करना कि ईरान बिना शर्त सरेंडर कर देगा, सिर्फ एक सपना है और यह सपना कभी पूरा नहीं होगा। पेजेशकियान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ईरान न तो अमेरिका और न ही इजरायल के सामने झुकेगा।

पड़ोसी देशों पर हुए हमलों पर जताया खेद

अपने संबोधन में ईरानी राष्ट्रपति ने क्षेत्र के कुछ देशों पर हाल में हुए हमलों को लेकर खेद भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि खाड़ी क्षेत्र के कुछ देशों पर हुए हमले गलतफहमी की वजह से हुए थे और ईरान भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने की कोशिश करेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान तब तक किसी पड़ोसी देश को निशाना नहीं बनाएगा, जब तक कि उस देश की जमीन से ईरान पर हमला नहीं किया जाता। ईरानी मीडिया के अनुसार, इस नीति को ईरान की अंतरिम नेतृत्व परिषद ने भी मंजूरी दे दी है।

खाड़ी देशों पर हमलों से बढ़ा तनाव

ईरान की ओर से यह बयान ऐसे समय में आया है जब शनिवार सुबह बहरीन, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात पर हमलों की खबरें सामने आई थीं। इन घटनाओं के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और भी बढ़ गया। खाड़ी क्षेत्र के कई देशों ने इन हमलों को लेकर चिंता जताई है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी स्थिति पर करीब से नजर रख रहा है।

अमेरिका का दावा, आज रात ईरान पर होगा बड़ा हमला

इस बीच अमेरिका की ओर से भी कड़ा रुख सामने आया है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने शनिवार को फॉक्स न्यूज से बातचीत में दावा किया कि ईरान पर जल्द ही अब तक का सबसे बड़ा हमला किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस संभावित हमले का मुख्य उद्देश्य ईरान के मिसाइल लॉन्चर और मिसाइल निर्माण से जुड़े ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाना है। बेसेंट के इस बयान के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

28 फरवरी से लगातार बढ़ रहा है संघर्ष

पश्चिम एशिया में मौजूदा तनाव पिछले कुछ हफ्तों में तेजी से बढ़ा है। रिपोर्टों के अनुसार 28 फरवरी से शुरू हुए इस सैन्य टकराव के बाद से ईरान ने इजरायल समेत पश्चिम एशिया के कई देशों को निशाना बनाया है। बताया जा रहा है कि अब तक ईरान की सैन्य कार्रवाइयों का असर लगभग 13 देशों तक देखा जा चुका है। इस दौरान मिसाइल और ड्रोन हमलों की कई घटनाएं सामने आई हैं।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय की बढ़ी चिंता

मिडिल ईस्ट में लगातार बिगड़ती स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी चिंतित है। अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के साथ बढ़ते टकराव के बीच ईरान की सैन्य गतिविधियों पर दुनिया की नजर बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ही कूटनीतिक समाधान नहीं निकला तो यह संघर्ष पूरे क्षेत्र में बड़े युद्ध का रूप ले सकता है। ऐसे में ईरान के राष्ट्रपति का पड़ोसी देशों पर हमले रोकने का बयान क्षेत्र में तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है, हालांकि जमीनी हालात अभी भी बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।


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