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भारतीय वायुसेना के राफेल विमान 'पिच ब्लैक 2026' अभ्यास के लिए पहुंचे ऑस्ट्रेलिया

कैनबरा। भारतीय वायुसेना (आईएएफ) की एक टुकड़ी युद्धाभ्यास 'पिच ब्लैक 2026' में हिस्सा लेने के लिए ऑस्ट्रेलिया पहुंच गई है। 'पिच ब्लैक 2026' युद्धाभ्यास 20 जुलाई से 7 अगस्त तक उत्तरी ऑस्ट्रेलिया में रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयर फोर्स (आरएएएफ) के डार्विन, टिंडल और एंबरली बेस पर आयोजित होगा।

भारतीय वायुसेना के राफेल विमान पिच ब्लैक 2026 अभ्यास के लिए पहुंचे ऑस्ट्रेलिया
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कैनबरा। भारतीय वायुसेना (आईएएफ) की एक टुकड़ी युद्धाभ्यास 'पिच ब्लैक 2026' में हिस्सा लेने के लिए ऑस्ट्रेलिया पहुंच गई है। 'पिच ब्लैक 2026' युद्धाभ्यास 20 जुलाई से 7 अगस्त तक उत्तरी ऑस्ट्रेलिया में रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयर फोर्स (आरएएएफ) के डार्विन, टिंडल और एंबरली बेस पर आयोजित होगा। इस युद्धाभ्यास में 20 देशों के करीब 100 जेट एयरक्राफ्ट और 2,500 से अधिक जवान हिस्सा लेंगे।

भारतीय वायुसेना ने चार राफेल और दो सी-17 एयरक्राफ्ट के साथ 120 से अधिक वायु योद्धाओं को युद्धाभ्यास के लिए ऑस्ट्रेलिया भेजा है। यह दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग बढ़ाने की दिशा में एक और कदम है।

आईएएफ की टुकड़ी के पहुंचने की जानकारी देते हुए कैनबरा स्थित भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "भारतीय उच्चायोग को डार्विन में भारतीय वायुसेना की उस टुकड़ी का स्वागत करते हुए गर्व हो रहा है, जिसमें चार राफेल और दो सी-17 एयरक्राफ्ट के साथ 120 से अधिक वायु योद्धा शामिल हैं। ये सभी रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयर फोर्स के प्रमुख हवाई युद्धाभ्यास 'पिच ब्लैक 2026' में हिस्सा लेंगे।"

उच्चायोग ने आगे कहा कि यह तैनाती मित्र देशों के साथ सैन्य साझेदारी को मजबूत करने और संयुक्त अभियान क्षमता को बेहतर बनाने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उच्चायोग ने कहा, "अगले तीन हफ्तों में हमारे वायु योद्धा दूसरे देशों के अपने साथियों के साथ उड़ान भरेंगे। इसका मकसद आपसी तालमेल को बेहतर बनाना, कॉम्बैट फ्लाइंग स्किल्स को निखारना, रिश्तों को मजबूत करना और हमेशा कायम रहने वाले संबंध बनाना है।"

भारतीय वायुसेना की टुकड़ी इंडो-पैसिफिक और यूरोप के देशों की वायु सेनाओं के साथ मिलकर जटिल हवाई अभ्यास में हिस्सा लेगी। इससे आपसी तालमेल को बेहतर बनाने, ऑपरेशनल जानकारी का आदान-प्रदान करने और बहुपक्षीय रक्षा संबंधों को मजबूत करने का मौका मिलेगा।

1983 से डार्विन में आयोजित होने वाला 'पिच ब्लैक' अभ्यास आरएएएफ का प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास है।

इस साल के आयोजन में जापानी एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स के एफ-35 लाइटनिंग-2 लड़ाकू विमान और इंडोनेशिया के टी-50आई गोल्डन ईगल विमान पहली बार शामिल होंगे, जबकि फिनलैंड और स्वीडन भी पहली बार अपने जवानों के साथ इसमें हिस्सा लेंगे। इस अभ्यास में अमेरिका, जापान, पापुआ न्यू गिनी, इंडोनेशिया, फिलीपींस, थाईलैंड, दक्षिण कोरिया, भारत, सिंगापुर, जर्मनी, फ्रांस और स्पेन के विमान शामिल होंगे। साथ ही, न्यूजीलैंड, फिजी, कनाडा, ब्रुनेई, मलेशिया, फिनलैंड और स्वीडन के सैन्यकर्मी भी इसमें हिस्सा लेंगे।

इस अभ्यास के महत्व पर बात करते हुए 'पिच ब्लैक 2026' के अभ्यास कमांडर, एयर कमोडोर मैथ्यू मैककॉर्मक ने कहा, "अभ्यास 'पिच ब्लैक 2026' हमारे सहयोगियों और मित्र देशों के साथ वायुसेना की सबसे बड़ी सामूहिक प्रशिक्षण गतिविधि है।"



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