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भारत-अमेरिका ट्रेड डील का ऐलान: रूस से तेल खरीद पर लगा 25% पेनाल्टी टैरिफ हटेगा, ‘बाय अमेरिकन’ के तहत 500 अरब डॉलर की खरीद का वादा

अमेरिका ने अप्रैल में भारत पर 25% ‘रेसिप्रोकल टैरिफ’ लगाया था। यह कदम अमेरिकी नीति ‘जैसे को तैसा’ के तहत उठाया गया था। इसके बाद अगस्त में रूस से तेल खरीद जारी रखने के कारण भारत पर 25% अतिरिक्त पेनल्टी टैरिफ की घोषणा की गई। इस तरह कुल टैरिफ 50% तक पहुंच गया था।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील का ऐलान: रूस से तेल खरीद पर लगा 25% पेनाल्टी टैरिफ हटेगा, ‘बाय अमेरिकन’ के तहत 500 अरब डॉलर की खरीद का वादा
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वाशिंगटन/ नई दिल्‍ली। भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से जारी व्यापार वार्ता को निर्णायक मोड़ देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को एक बड़े ट्रेड समझौते की घोषणा की। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने भारत पर लगाया गया कुल 50% टैरिफ घटाकर 18% कर दिया है। इस फैसले के साथ रूस से तेल खरीदने के कारण लगाया गया 25% अतिरिक्त पेनल्टी टैरिफ भी हटाया जाएगा। ट्रंप ने सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत की। इसके बाद उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर डील की आधिकारिक घोषणा की। दूसरी ओर प्रधानमंत्री मोदी ने भी X पर पोस्ट कर इस फैसले का स्वागत किया और अमेरिकी राष्ट्रपति का आभार जताया।

50% से 18% तक

अमेरिका ने अप्रैल में भारत पर 25% ‘रेसिप्रोकल टैरिफ’ लगाया था। यह कदम अमेरिकी नीति ‘जैसे को तैसा’ के तहत उठाया गया था। इसके बाद अगस्त में रूस से तेल खरीद जारी रखने के कारण भारत पर 25% अतिरिक्त पेनल्टी टैरिफ की घोषणा की गई। इस तरह कुल टैरिफ 50% तक पहुंच गया था। अब व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया है कि रूस से तेल खरीद पर लगाया गया 25% दंडात्मक टैरिफ हटा दिया जाएगा और भारत पर केवल 18% टैरिफ ही लागू रहेगा। इस फैसले के साथ भारत उन देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है जिन पर अमेरिका अपेक्षाकृत कम टैरिफ लगाता है।

ट्रंप का दावा: भारत रूस से तेल खरीद बंद करेगा

ट्रंप ने अपने पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने रूस से तेल की खरीद बंद करने पर सहमति जताई है। उनके मुताबिक भारत अब अमेरिका से अधिक तेल खरीदेगा और जरूरत पड़ने पर वेनेजुएला से भी आयात कर सकता है। ट्रंप ने दावा किया कि इससे रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त करने की दिशा में मदद मिलेगी। उन्होंने लिखा कि हर सप्ताह हजारों लोग इस युद्ध में जान गंवा रहे हैं और ऊर्जा व्यापार में बदलाव शांति प्रयासों को मजबूती देगा। हालांकि, भारत की ओर से रूस से तेल आयात पूरी तरह रोकने को लेकर कोई औपचारिक विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन ऊर्जा खरीद में विविधता लाने की बात पहले भी कही जाती रही है।

‘बाय अमेरिकन’ के तहत 500 अरब डॉलर की खरीद

इस समझौते का एक अहम पहलू ‘बाय अमेरिकन’ नीति के तहत भारत की बड़ी खरीद प्रतिबद्धता है। ट्रंप के अनुसार भारत अमेरिका से 500 अरब डॉलर (करीब 46 लाख करोड़ रुपये) से अधिक के ऊर्जा, तकनीक, कृषि, कोयला और अन्य उत्पाद खरीदेगा। ट्रंप ने इसे दोनों देशों के रिश्तों में ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि भारत अपने टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को भी कम कर शून्य की दिशा में ले जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह खरीद प्रतिबद्धता व्यावहारिक रूप लेती है तो ऊर्जा, रक्षा और टेक्नोलॉजी क्षेत्रों में अमेरिकी कंपनियों को बड़ा फायदा हो सकता है।

“मेड इन इंडिया पर टैरिफ घटने से संतोष”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X पर लिखा कि उन्हें राष्ट्रपति ट्रंप से बात कर खुशी हुई और मेड इन इंडिया उत्पादों पर टैरिफ घटाकर 18% किए जाने से संतोष है। उन्होंने भारत के 1.4 अरब लोगों की ओर से ट्रम्प का धन्यवाद किया। मोदी ने कहा कि जब दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और सबसे बड़े लोकतंत्र साथ मिलकर काम करते हैं तो इससे लोगों को सीधा लाभ मिलता है और नए अवसर खुलते हैं। उन्होंने द्विपक्षीय साझेदारी को “अभूतपूर्व ऊंचाइयों” तक ले जाने की इच्छा जताई। प्रधानमंत्री ने व्यापार, तकनीक, ऊर्जा और रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया।

अमेरिकी राजदूत की पुष्टि

भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी इस समझौते की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि कुछ तकनीकी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर अगले कुछ दिनों में होंगे, लेकिन डील लगभग तय है। गोर ने कहा कि यह समझौता राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच मजबूत व्यक्तिगत रिश्तों का परिणाम है। उनके मुताबिक अब भारत पर लगने वाला टैरिफ कई अन्य देशों की तुलना में काफी कम है, जो द्विपक्षीय व्यापार को नई गति देगा।

ट्रंप की सोशल मीडिया रणनीति और ‘आर्क डी ट्रंप’

ट्रेड डील की घोषणा से पहले ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर भारत से जुड़ी दो तस्वीरें साझा कीं। एक में इंडिया गेट की तस्वीर थी, जबकि दूसरी में एक भारतीय पत्रिका का कवर, जिसमें मोदी और ट्रंप साथ नजर आ रहे थे।इंडिया गेट की तस्वीर के साथ ट्रम्प ने लिखा कि भारत का यह ट्रायम्फल आर्च बहुत सुंदर है और अमेरिका में बनने वाला उनका प्रस्तावित स्मारक “इन सब में सबसे शानदार होगा।” दरअसल, ट्रंप वॉशिंगटन डीसी में ‘आर्क डी ट्रम्प’ नाम से एक विशाल प्रवेश द्वार बनवाने की योजना पर काम कर रहे हैं। इसका डिजाइन पेरिस के आर्क डी ट्रायम्फ से प्रेरित बताया जा रहा है। व्हाइट हाउस के अधिकारियों के अनुसार इस विचार में ट्रम्प की व्यक्तिगत दिलचस्पी रही है।

13 महीनों में 7 बार बातचीत

ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद से दोनों नेताओं के बीच संपर्क लगातार बना रहा है। पिछले 13 महीनों में मोदी और ट्रंप के बीच सात बार फोन पर बातचीत हो चुकी है। 27 जनवरी 2025 को मोदी ने ट्रंप को राष्ट्रपति बनने की बधाई दी थी। 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद ट्रम्प ने संवेदना जताई। इसके अलावा जून, सितंबर, अक्टूबर और दिसंबर में भी विभिन्न अवसरों पर दोनों नेताओं के बीच संवाद हुआ। इन बातचीतों में व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और वैश्विक मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।

वेनेजुएला और ईरान पर पहले भी दे चुके हैं संकेत

1 फरवरी को ट्रंप ने कहा था कि भारत ईरान के बजाय वेनेजुएला से तेल खरीदेगा। उन्होंने दावा किया था कि भारत के साथ इस दिशा में समझौते की अवधारणा तय हो चुकी है। अब ताजा ट्रेड डील में वेनेजुएला का फिर उल्लेख किया गया है। इससे संकेत मिलता है कि अमेरिका भारत की ऊर्जा आपूर्ति को रूस और ईरान से हटाकर अपने सहयोगी या स्वीकृत देशों की ओर मोड़ना चाहता है।

आर्थिक और कूटनीतिक असर

इस समझौते से भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में नया अध्याय शुरू होने की उम्मीद है। टैरिफ घटने से भारतीय निर्यातकों को राहत मिल सकती है, जबकि अमेरिकी कंपनियों को भारतीय बाजार में बेहतर पहुंच मिलने की संभावना है। ऊर्जा क्षेत्र में बदलाव से भारत की आयात रणनीति पर असर पड़ेगा। साथ ही यह समझौता वैश्विक भू-राजनीतिक समीकरणों, खासकर रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिमी प्रतिबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि खरीद प्रतिबद्धताओं और टैरिफ कटौती को किस तरह लागू किया जाता है। फिलहाल इतना स्पष्ट है कि यह डील केवल व्यापार तक सीमित नहीं, बल्कि रणनीतिक, ऊर्जा और कूटनीतिक आयामों से जुड़ा व्यापक समझौता है, जो भारत-अमेरिका रिश्तों को नई दिशा दे सकता है।


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