CJP के समर्थन में उतरे सलमान रुश्दी और अमेरिकी सांसद, भारतीय राजदूत ने जताई आपत्ति, बोले- ‘दखलंदाजी स्वीकार नहीं’
वाशिंगटन राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाली डेमोक्रेटिक पार्टी की कांग्रेस सदस्य प्रमिला जयपाल ने बुधवार को भारत में मतदाता सूची के मसौदे से कथित तौर पर 13 करोड़ नाम हटाए जाने पर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा कि भारत में जो कुछ हो रहा है, उसकी तुलना अमेरिका में ट्रंप प्रशासन के दौरान मतदान के अधिकारों को लेकर उठ रही चिंताओं से की जा सकती है।

वॉशिंगटन/नई दिल्ली : भारत में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी बहस अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में है। अमेरिकी कांग्रेस सदस्य प्रमिला जयपाल की ओर से मतदाता सूची के मसौदे से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने पर चिंता जताए जाने के बाद भारत ने उनकी टिप्पणी को अस्वीकार्य बताया है। अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने इसे भारत की चुनावी और राजनीतिक प्रक्रियाओं में हस्तक्षेप करार दिया। इसी बीच, न्यूयॉर्क में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मशहूर लेखक सलमान रुश्दी ने भारत के युवाओं को लेकर उम्मीद जताई और कहा कि देश में नई पीढ़ी बदलाव की बड़ी किरण बनकर उभरी है।
भारत की कड़ी प्रतिक्रिया
भारत ने गुरुवार को अमेरिकी कांग्रेस सदस्य प्रमिला जयपाल की टिप्पणी पर आपत्ति जताई। अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि भारत की चुनावी और राजनीतिक प्रक्रियाओं पर इस तरह की टिप्पणी देश के आंतरिक मामलों में अस्वीकार्य हस्तक्षेप है। क्वात्रा ने भारत को एक जीवंत लोकतंत्र बताते हुए कहा कि यहां मजबूत और स्वतंत्र संवैधानिक संस्थाएं हैं। उन्होंने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने की भारत की लंबी परंपरा का भी उल्लेख किया। राजदूत ने यह भी कहा कि वह जयपाल की गलतफहमियों को दूर करने के लिए उनके साथ रचनात्मक बातचीत करने को तैयार हैं।
I am deeply concerned about the actions of the Indian government to purge 130 million people from the voting rolls. This appears to be a similar playbook to what the Trump Administration is doing here at home to undermine voting rights in a democracy.
— Rep. Pramila Jayapal (@RepJayapal) October 14, 2026
जयपाल ने मतदाता सूची से नाम हटाने पर जताई चिंता
वाशिंगटन राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाली डेमोक्रेटिक पार्टी की कांग्रेस सदस्य प्रमिला जयपाल ने बुधवार को भारत में मतदाता सूची के मसौदे से कथित तौर पर 13 करोड़ नाम हटाए जाने पर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा कि भारत में जो कुछ हो रहा है, उसकी तुलना अमेरिका में ट्रंप प्रशासन के दौरान मतदान के अधिकारों को लेकर उठ रही चिंताओं से की जा सकती है। जयपाल के मुताबिक, लोकतंत्र की रक्षा करना हर देश में महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भारत के नागरिकों को भी स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव का वही अधिकार मिलना चाहिए, जिसकी मांग अमेरिका के नागरिक करते हैं। उन्होंने भारत में लोकतंत्र के लिए आवाज उठाने वाले लोगों के अहिंसक विरोध-प्रदर्शनों का समर्थन भी किया।
न्यूयॉर्क में सलमान रुश्दी ने की भारतीय युवाओं की तारीफ
इस राजनीतिक विवाद के बीच मशहूर लेखक सलमान रुश्दी की टिप्पणी भी चर्चा में आई है। 15 अक्टूबर को न्यूयॉर्क के पैसरीन रेस्टोरेंट में एशियन अमेरिकन राइटर्स वर्कशॉप के समर्थन में आयोजित कार्यक्रम में रुश्दी ने भारत की युवा पीढ़ी को लेकर सकारात्मक बात कही। यह कार्यक्रम फिल्मकार मीरा नायर के जन्मदिन के अवसर पर भी आयोजित किया गया था। ‘द मिडनाइट्स चिल्ड्रन’ के लेखक रुश्दी ने कहा, “भारत उबल रहा है।” उन्होंने भारतीय युवाओं को लंबे समय बाद उम्मीद की सबसे बड़ी किरणों में से एक बताया। उन्होंने ‘कॉकरोच का जश्न मनाओ’ जैसी टिप्पणी भी की, जिस पर वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजाईं। मीरा नायर ने भी खुद को “मां कॉकरोच” कहकर इस संदर्भ में प्रतिक्रिया दी।
SIR के आंकड़ों पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?
भारत निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के विभिन्न चरणों में बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं। उपलब्ध विवरण के अनुसार, पहले और दूसरे चरण में 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की मसौदा मतदाता सूचियों से लगभग 7.2 करोड़ नाम हटाए गए। वहीं, तीसरे चरण में 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की मसौदा सूचियों से करीब 6.16 करोड़ नाम हटाए जाने की जानकारी दी गई है। इन आंकड़ों के संदर्भ में यह ध्यान रखना जरूरी है कि अलग-अलग चरणों के आंकड़ों की अवधि और दायरे की पुष्टि किए बिना उन्हें एक ही कुल संख्या के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए।


