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अफगानिस्तान पर हमलों को लेकर भारत सख्त, यूएन में उधेड़ दी PAK की बखिया; कहा- निर्दोषों को मारा जा रहा

भारत ने स्पष्ट रूप से कहा कि सीमा पार की सैन्य कार्रवाई से निर्दोष नागरिकों की जान जा रही है और इससे मानवीय संकट और गंभीर होता जा रहा है। इसलिए सभी देशों को संयम बरतने और अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करने की जरूरत है।

अफगानिस्तान पर हमलों को लेकर भारत सख्त, यूएन में उधेड़ दी PAK की बखिया; कहा- निर्दोषों को मारा जा रहा
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न्‍यूयार्क: संयुक्त राष्ट्र में भारत ने अफगानिस्तान की मौजूदा स्थिति को लेकर गहरी चिंता जताते हुए पाकिस्तान की ओर से किए गए हवाई हमलों की कड़ी आलोचना की है। भारत ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून और किसी भी देश की संप्रभुता के सिद्धांत का उल्लंघन बताया है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पार्वथनेनी हरीश ने कहा कि अफगानिस्तान की जमीन पर किए गए इस तरह के सैन्य हमले न केवल अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ हैं, बल्कि इससे क्षेत्र में अस्थिरता भी बढ़ सकती है। भारत ने स्पष्ट रूप से कहा कि सीमा पार की सैन्य कार्रवाई से निर्दोष नागरिकों की जान जा रही है और इससे मानवीय संकट और गंभीर होता जा रहा है। इसलिए सभी देशों को संयम बरतने और अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करने की जरूरत है।

पाकिस्तान के हवाई हमलों की भारत ने की निंदा

संयुक्त राष्ट्र में अपने संबोधन के दौरान पार्वथनेनी हरीश ने कहा कि अफगानिस्तान की जमीन पर किए गए हवाई हमले संयुक्त राष्ट्र चार्टर और किसी भी देश की संप्रभुता के सिद्धांत का स्पष्ट उल्लंघन हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे हमले क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं। भारत ने इस बात पर भी जोर दिया कि किसी भी देश को दूसरे देश की सीमा में सैन्य कार्रवाई करने से पहले अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय सिद्धांतों का पालन करना चाहिए। भारत ने यह भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव की हालिया रिपोर्ट में सीमा पार हिंसा और उससे हुए नागरिक हताहतों को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है। भारत इस चिंता का समर्थन करता है और सभी पक्षों से जिम्मेदारी से व्यवहार करने की अपील करता है।

185 नागरिकों की मौत पर भारत की चिंता

भारत ने विशेष रूप से इस बात पर चिंता जताई कि यह हिंसा ऐसे समय में हुई है जब दुनिया भर के मुसलमान पवित्र रमजान का महीना मना रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (यूएनएएमए) के अनुसार, 6 मार्च 2026 तक इन हमलों में कम से कम 185 निर्दोष नागरिकों की मौत हो चुकी है। इनमें करीब 55 प्रतिशत महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा हिंसा और हमलों के कारण एक लाख से अधिक लोगों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा है। भारत ने इसे बेहद गंभीर मानवीय संकट बताते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं क्षेत्र की स्थिति को और जटिल बना सकती हैं। भारत ने यह भी कहा कि एक तरफ अंतरराष्ट्रीय कानून और इस्लामी एकजुटता की बात करना और दूसरी तरफ रमजान के दौरान निर्दोष लोगों पर हमले करना पूरी तरह विरोधाभासी और चिंताजनक है।

अफगान युवाओं और क्रिकेट टीम की सराहना

अपने संबोधन में भारत ने अफगानिस्तान के युवाओं और वहां के खेल उत्साह का भी जिक्र किया। पार्वथनेनी हरीश ने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद अफगानिस्तान के युवा जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति आज अफगानिस्तान जाता है तो वहां के युवा बड़ी संख्या में क्रिकेट खेलते हुए नजर आते हैं। यह खेल उनके लिए उम्मीद और उत्साह का प्रतीक बन गया है। भारत ने अफगानिस्तान की क्रिकेट टीम के प्रदर्शन की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि अफगान टीम जहां भी खेलती है, अपने जज्बे और खेल भावना से लोगों का दिल जीत लेती है। हाल ही में हुए क्रिकेट विश्व कप में टीम का प्रदर्शन और उनका आत्मविश्वास बेहद प्रेरणादायक रहा है। भारत ने कहा कि अफगानिस्तान के क्रिकेट विकास में भागीदार होना उसके लिए गर्व की बात है और यह देखकर खुशी होती है कि यह टीम कठिन परिस्थितियों में जी रहे लोगों के चेहरों पर मुस्कान लाने का काम कर रही है।

आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सहयोग की जरूरत

भारत ने अपने बयान में आतंकवाद को पूरी दुनिया के लिए गंभीर खतरा बताया। पार्वथनेनी हरीश ने कहा कि आईएसआईएल और अल-कायदा जैसे आतंकी संगठनों के साथ-साथ उनके सहयोगी संगठनों के खिलाफ वैश्विक स्तर पर समन्वित कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने विशेष रूप से लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और उनके सहयोगी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट का जिक्र करते हुए कहा कि इन संगठनों और इनके समर्थकों को सीमा पार आतंकवाद फैलाने से रोकना बेहद जरूरी है। भारत का मानना है कि जब तक आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एकजुट होकर कार्रवाई नहीं की जाएगी, तब तक क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करना मुश्किल होगा।

नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील

भारत ने स्पष्ट किया कि किसी भी संघर्ष की स्थिति में सबसे पहले आम नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत सभी पक्षों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हिंसा का असर आम लोगों पर कम से कम पड़े।भारत का कहना है कि अफगानिस्तान में स्थिरता और शांति केवल उस देश के लिए ही नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र और दुनिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मिलकर ऐसे कदम उठाने होंगे, जिनसे आतंकवाद और हिंसा को रोका जा सके और अफगानिस्तान के लोगों को सुरक्षित और बेहतर भविष्य मिल सके।


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