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नासा फेलो से कैसे बना गनमैन?: वॉशिंगटन के हिल्टन होटल में फायरिंग के आरोपी की कहानी, साजिश पर अभी भी सस्पेंस

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, 31 वर्षीय कोल टॉमस एलन एक शिक्षित पृष्ठभूमि से जुड़ा रहा है। उसने मैकेनिकल इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई की है।

नासा फेलो से कैसे बना गनमैन?: वॉशिंगटन के हिल्टन होटल में फायरिंग के आरोपी की कहानी, साजिश पर अभी भी सस्पेंस
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वॉशिंगटन डीसी: अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन में आयोजित व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर के दौरान हुई फायरिंग की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम में मची अफरा-तफरी के बीच अब संदिग्ध की पहचान भी सामने आ गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हिरासत में लिया गया व्यक्ति कोल टॉमस एलन है, जो कैलिफोर्निया के टॉरेंस का रहने वाला बताया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता के चलते उसे समय रहते काबू में कर लिया गया, जिससे एक संभावित बड़ा हमला टल गया।

कौन है कोल टॉमस एलन?

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, 31 वर्षीय कोल टॉमस एलन एक शिक्षित पृष्ठभूमि से जुड़ा रहा है। उसने मैकेनिकल इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई की है। बताया जा रहा है कि वर्ष 2014 में उसने नासा की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी में समर अंडरग्रेजुएट रिसर्च फेलोशिप कार्यक्रम में भाग लिया था। इसके अलावा, वह कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल कर चुका है और बाद में कंप्यूटर साइंस में मास्टर्स भी किया। एलन ने कुछ समय तक पार्ट-टाइम शिक्षक के रूप में भी काम किया है।

घटना कैसे हुई?

यह घटना शनिवार रात वॉशिंगटन के हिल्टन होटल के बाहर हुई, जहां व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर का आयोजन किया गया था। उस समय कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत कई वरिष्ठ नेता और करीब 2500 मेहमान मौजूद थे। जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपी अचानक सुरक्षा घेरे को पार करने की कोशिश करते हुए बॉलरूम की ओर बढ़ा, जहां मुख्य कार्यक्रम चल रहा था।

हथियारों से लैस था आरोपी

पुलिस के अनुसार, आरोपी के पास कई खतरनाक हथियार मौजूद थे, जिनमें शॉटगन, हैंडगन और चाकू शामिल थे। जैसे ही वह सुरक्षा जांच बिंदु से आगे बढ़ने लगा, सीक्रेट सर्विस के जवानों ने उसे रोकने की कोशिश की। इस दौरान गोलीबारी भी हुई, जिसमें एक अधिकारी को गोली लगी, लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट पहनने के कारण वह सुरक्षित बच गया।

सीक्रेट सर्विस की त्वरित कार्रवाई

घटना के दौरान सीक्रेट सर्विस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी को मौके पर ही काबू कर लिया। उनकी सतर्कता के कारण कार्यक्रम में मौजूद हजारों लोगों की जान सुरक्षित रही। अधिकारियों का मानना है कि यदि थोड़ी भी देरी होती, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।

अकेले अंजाम देने की आशंका

प्रारंभिक जांच में यह मामला ‘लोन एक्ट’ यानी अकेले किए गए हमले का प्रतीत हो रहा है। अधिकारियों के अनुसार, अभी तक किसी बड़े नेटवर्क या साजिश के संकेत नहीं मिले हैं। हालांकि, एजेंसियां हर पहलू से जांच कर रही हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इसके पीछे कोई और व्यक्ति या संगठन तो शामिल नहीं है।

आरोपी पर लगेंगे गंभीर आरोप

अमेरिकी अटॉर्नी के अनुसार, आरोपी पर संघीय अधिकारी पर हमला करने और हिंसक अपराध के दौरान हथियारों के इस्तेमाल जैसे गंभीर आरोप लगाए जाएंगे। उसे फिलहाल हिरासत में लेकर अस्पताल में चिकित्सकीय जांच के लिए भेजा गया है और सोमवार को उसे अदालत में पेश किया जाएगा।

ट्रंप का बयान

घटना के बाद पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुरक्षा एजेंसियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आरोपी कई हथियारों से लैस था, लेकिन सीक्रेट सर्विस के जवानों ने बहादुरी से उसे काबू में कर लिया। ट्रंप ने बताया कि एक अधिकारी को गोली लगी, लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट ने उसकी जान बचा ली। उन्होंने आरोपी को “बीमार मानसिकता वाला व्यक्ति” बताया और कहा कि उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सुरक्षा पर उठे सवाल

इस घटना ने व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर जैसे उच्च सुरक्षा वाले कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद किसी व्यक्ति का हथियारों के साथ कार्यक्रम स्थल के करीब पहुंच जाना चिंताजनक है।

जांच जारी, हर एंगल से पड़ताल

एफबीआई और अन्य जांच एजेंसियां आरोपी के बैकग्राउंड, उसके इरादों और संभावित संपर्कों की गहराई से जांच कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि सुरक्षा चेकपॉइंट पर समय रहते की गई कार्रवाई के कारण एक बड़ा हादसा टल गया।



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