FBI: काश पटेल की कुर्सी पर संकट, ट्रंप जल्द कर सकते हैं एफबीआई प्रमुख की छुट्टी
काश पटेल इन दिनों कई तरह के विवादों के कारण सुर्खियों में हैं। पॉलिटिको की एक रिपोर्ट के मुताबिक व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने संकेत दिया है कि पटेल को लेकर प्रशासन के भीतर असंतोष बढ़ रहा है।

वॉशिंगटन। अमेरिका में ईरान के साथ बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी स्थिति के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने प्रशासन में बड़े बदलाव करते नजर आ रहे हैं। हाल के दिनों में कई शीर्ष अधिकारियों को पद से हटाया जा चुका है, और अब चर्चाएं तेज हैं कि अगला बड़ा नाम एफबीआई डायरेक्टर काश पटेल का हो सकता है। हालांकि व्हाइट हाउस ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन अंदरूनी सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है।
लगातार विवादों में घिरे काश पटेल
काश पटेल इन दिनों कई तरह के विवादों के कारण सुर्खियों में हैं। पॉलिटिको की एक रिपोर्ट के मुताबिक व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने संकेत दिया है कि पटेल को लेकर प्रशासन के भीतर असंतोष बढ़ रहा है। लगातार नकारात्मक खबरें और व्यक्तिगत व्यवहार से जुड़े आरोप ट्रंप की नाराजगी का कारण बन रहे हैं। कहा जा रहा है कि इन परिस्थितियों ने पटेल की स्थिति को कमजोर कर दिया है।
शराब से जुड़े आरोपों ने बढ़ाई मुश्किलें
काश पटेल पर अत्यधिक शराब सेवन और अनुचित व्यवहार के आरोप भी लगे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने खुद स्वीकार किया है कि उन्हें दो बार सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने के कारण गिरफ्तार किया गया था। पहली घटना तब की है जब वह वर्जीनिया में पढ़ाई कर रहे थे और नाबालिग थे, जबकि दूसरी बार न्यूयॉर्क में कानून की पढ़ाई के दौरान उन्हें नशे की हालत में सार्वजनिक स्थान पर अनुचित व्यवहार के लिए पकड़ा गया। इसके अलावा, ‘द अटलांटिक’ की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि पटेल “अक्सर नशे में होने तक शराब पीते हैं।” हालांकि, इस रिपोर्ट के खिलाफ पटेल ने करीब 250 मिलियन डॉलर का मानहानि मुकदमा दायर किया है। उन्होंने यह भी कहा है कि उन्होंने कभी अपने काम के दौरान शराब का सेवन नहीं किया।
पाम बोंडी की बर्खास्तगी से जुड़ा मामला
2 अप्रैल को ट्रंप ने अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को पद से हटा दिया था। काश पटेल बोंडी को अपना राजनीतिक मार्गदर्शक मानते थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप बोंडी से इसलिए नाराज थे क्योंकि उन्होंने राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ अपेक्षित तेजी से कार्रवाई नहीं की और जेफरी एपस्टीन से जुड़े मामलों को ठीक से नहीं संभाला। बोंडी की बर्खास्तगी के बाद से ही यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि उनके करीबी सहयोगियों पर भी कार्रवाई हो सकती है, जिनमें पटेल का नाम प्रमुख है।
ईमेल हैकिंग ने बढ़ाई सुरक्षा चिंताएं
मार्च में एक और गंभीर मामला सामने आया जब ईरान से जुड़े एक हैकर समूह ने काश पटेल की निजी ईमेल हैक करने का दावा किया। इस हैक के बाद उनकी कुछ तस्वीरें और कथित दस्तावेज सार्वजनिक किए गए। अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट के एक अधिकारी ने भी माना कि लीक हुई सामग्री वास्तविक प्रतीत होती है। एक विदेशी दुश्मन देश द्वारा एफबीआई प्रमुख की ईमेल हैक होना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर माना जा रहा है और इससे पटेल की विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं।
एफबीआई के अंदर भी विरोध
काश पटेल को केवल बाहरी आलोचना ही नहीं, बल्कि अपनी ही एजेंसी के भीतर से भी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। मार्च में एफबीआई के कुछ एजेंटों ने पटेल, पाम बोंडी, एफबीआई और जस्टिस डिपार्टमेंट के खिलाफ मुकदमा दायर किया। इन एजेंटों का दावा है कि उन्हें इसलिए नौकरी से निकाला गया क्योंकि उन्होंने 2020 के राष्ट्रपति चुनाव से जुड़े मामलों की जांच की थी। इस घटनाक्रम ने एजेंसी के भीतर तनाव और असंतोष को उजागर किया है।
व्हाइट हाउस का आधिकारिक रुख
इन तमाम विवादों के बावजूद व्हाइट हाउस ने फिलहाल काश पटेल पर भरोसा जताया है। प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने हाल ही में कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप को अभी भी एफबीआई डायरेक्टर पर विश्वास है। इसका मतलब यह है कि फिलहाल पटेल अपने पद पर बने हुए हैं, लेकिन भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
कौन हैं काश पटेल?
काश पटेल भारतीय मूल के अमेरिकी अधिकारी हैं और वर्तमान में एफबीआई के डायरेक्टर हैं। वह ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ (MAGA) आंदोलन से जुड़े प्रमुख चेहरों में से एक माने जाते हैं। पटेल ने ‘डीप स्टेट’ जैसे विवादित विषयों पर भी किताब लिखी है, जिसमें उन्होंने सरकार के भीतर छिपी ताकतों पर सवाल उठाए हैं। पिछले 14 महीनों से वह एफबीआई का नेतृत्व कर रहे हैं।


