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ईरान से भारतीय छात्रों की निकासी शुरू, पहला समूह आर्मेनिया सीमा की ओर रवाना होने की तैयारी में

छात्रों का पहला समूह गुरुवार को आर्मेनिया सीमा की ओर रवाना होने की संभावना है। धीरे-धीरे निकासी योजनाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है और भारतीय छात्रों को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालने के लिए समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं।

ईरान से भारतीय छात्रों की निकासी शुरू, पहला समूह आर्मेनिया सीमा की ओर रवाना होने की तैयारी में
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तेहरान। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और सुरक्षा चिंताओं के बीच ईरान में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों ने देश छोड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। रिपोर्टों के अनुसार, छात्रों का पहला समूह गुरुवार को आर्मेनिया सीमा की ओर रवाना होने की संभावना है। धीरे-धीरे निकासी योजनाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है और भारतीय छात्रों को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालने के लिए समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं। ईरान के विभिन्न विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों को दो प्रमुख निकासी मार्गों की पेशकश की गई है। इनमें आर्मेनिया के रास्ते निकासी और अजरबैजान के रास्ते बाहर निकलने का विकल्प शामिल है।

तीन प्रमुख विश्वविद्यालयों के छात्र शामिल

निकासी की यह योजना खासतौर पर उन छात्रों के लिए बनाई गई है जो ईरान के प्रमुख मेडिकल संस्थानों में अध्ययन कर रहे हैं। इनमें तेहरान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज (TUMS), ईरान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज (IUMS) और शाहिद बेहेश्ती यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज (SBUMS) के छात्र शामिल हैं। इन संस्थानों में बड़ी संख्या में भारतीय छात्र मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। सुरक्षा स्थिति को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन, भारतीय समुदाय और स्थानीय अधिकारियों के बीच समन्वय कर निकासी की व्यवस्था की जा रही है।

सुरक्षित पहुंचाने की कोशिश

अधिकारियों और छात्र संगठनों के बीच लगातार संपर्क बना हुआ है ताकि जो छात्र ईरान छोड़ना चाहते हैं, उन्हें सुरक्षित तरीके से निर्धारित निकासी बिंदुओं तक पहुंचाया जा सके। इसके लिए स्थानीय स्तर पर परिवहन और मार्गदर्शन की व्यवस्था की जा रही है, ताकि छात्रों को सीमा तक पहुंचने में किसी तरह की परेशानी न हो।

कई छात्रों ने चुना हवाई रास्ता

हालांकि सभी छात्र भूमि सीमा के रास्ते बाहर निकलना नहीं चाहते। कई छात्रों ने वाणिज्यिक उड़ानों के जरिए भारत लौटने का विकल्प चुना है। सूत्रों के अनुसार बड़ी संख्या में भारतीय छात्रों ने फ्लाई-दुबई की उड़ानों में टिकट बुक कर लिए हैं। ये उड़ानें 15 और 16 मार्च के साथ-साथ आने वाले दिनों में भी निर्धारित हैं। इस योजना के तहत छात्र पहले नजदीकी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों तक पहुंचेंगे और वहां से दुबई होते हुए भारत लौट सकेंगे।

शिराज विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए अलग योजना

ईरान के शिराज यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज में पढ़ रहे भारतीय छात्रों के लिए भी विशेष निकासी योजना तैयार की गई है। इस विश्वविद्यालय में लगभग 86 भारतीय मेडिकल छात्र अध्ययन कर रहे हैं। स्थानीय अधिकारियों ने उनके लिए एक अलग मार्ग सुझाया है। इस योजना के अनुसार छात्र शिराज (कोम) से बाकू हवाई अड्डे तक यात्रा कर सकते हैं। वहां से उन्हें भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय उड़ानें उपलब्ध कराई जा सकती हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य छात्रों को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से ईरान से बाहर निकालना है।

छात्रों में बढ़ती चिंता

निकासी की ये तैयारियां ईरान के विभिन्न विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों के बीच बढ़ती चिंता के बीच सामने आई हैं। ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन जम्मू-कश्मीर के अध्यक्ष मोहम्मद मोमिन खान ने बताया कि उन्हें कई विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों से लगातार मदद के लिए कॉल मिल रही हैं। उनके अनुसार गोलिस्तान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज, केर्मन यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज और इस्फहान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज में पढ़ रहे भारतीय छात्रों ने भी अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।

सुरक्षित निकासी की उम्मीद

छात्रों और उनके परिवारों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में निकासी की प्रक्रिया और बेहतर ढंग से आगे बढ़ेगी। कई समूहों के जल्द ही रवाना होने की संभावना है। छात्रों का कहना है कि वे चाहते हैं कि उन्हें सुरक्षित यात्रा की सुविधा मिले और जल्द से जल्द अपने घर लौट सकें। मौजूदा परिस्थितियों में विभिन्न एजेंसियों, विश्वविद्यालयों और छात्र संगठनों के बीच समन्वय बनाकर निकासी की व्यवस्था की जा रही है।

स्थिति पर नजर

फिलहाल ईरान में पढ़ रहे भारतीय छात्रों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और निकासी से जुड़ी व्यवस्थाओं को लगातार अपडेट किया जा रहा है। जैसे-जैसे स्थिति आगे बढ़ेगी, वैसे-वैसे छात्रों को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालने के लिए अतिरिक्त कदम भी उठाए जा सकते हैं। छात्रों और उनके परिवारों को उम्मीद है कि जल्द ही सभी भारतीय छात्र सुरक्षित अपने घर लौट सकेंगे।


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