Begin typing your search above and press return to search.
एपस्टीन फाइल्स में दावा, रूसी लड़कियों से संबंध बनाने पर बिल गेट्स को हुआ था यौन रोग, मीरा नायर का भी नाम
न्याय विभाग ने हाल ही में लाखों पन्नों के रिकॉर्ड सार्वजनिक किए हैं, जिनमें एफबीआई की 30 लाख से अधिक फाइलें, लगभग 2,000 वीडियो और 1.80 लाख तस्वीरें शामिल बताई जा रही हैं। शुक्रवार शाम तक छह लाख से अधिक दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड किए जा चुके थे, जबकि बड़ी संख्या में फाइलें अब भी गोपनीय रखी गई हैं। इस पर कुछ डेमोक्रेट सांसदों ने पारदर्शिता को लेकर आपत्ति जताई है।

वॉशिंगटन/न्यूयॉर्क। अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा सार्वजनिक किए गए जेफ्री एपस्टीन से जुड़े ताजा दस्तावेजों में कई हाई-प्रोफाइल हस्तियों के नाम सामने आए हैं। इन दस्तावेजों में माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स को लेकर भी गंभीर आरोप दर्ज होने का दावा किया गया है। हालांकि गेट्स के प्रवक्ता ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार और झूठा बताया है।
न्याय विभाग ने हाल ही में लाखों पन्नों के रिकॉर्ड सार्वजनिक किए हैं, जिनमें एफबीआई की 30 लाख से अधिक फाइलें, लगभग 2,000 वीडियो और 1.80 लाख तस्वीरें शामिल बताई जा रही हैं। शुक्रवार शाम तक छह लाख से अधिक दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड किए जा चुके थे, जबकि बड़ी संख्या में फाइलें अब भी गोपनीय रखी गई हैं। इस पर कुछ डेमोक्रेट सांसदों ने पारदर्शिता को लेकर आपत्ति जताई है।
बिल गेट्स से जुड़े दावे क्या हैं?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 18 जुलाई 2013 को कथित तौर पर तैयार किए गए एक ड्राफ्ट ईमेल में बिल गेट्स के बारे में विवादित आरोप दर्ज हैं। यह ईमेल गेट्स के लंबे समय से विज्ञान सलाहकार रहे बोरिस निकोलिक के नाम से जुड़ा बताया गया है, जिसे जेफ्री एपस्टीन ने कथित रूप से तैयार किया था।
दस्तावेजों में दावा किया गया है कि “रूसी लड़कियों” के साथ संबंधों के बाद गेट्स को यौन संचारित रोग (एसटीडी) हुआ और इस संदर्भ में दवाओं की व्यवस्था को लेकर चर्चा की गई। एक अन्य ड्राफ्ट ईमेल में कथित रूप से यह उल्लेख है कि संबंधित पत्राचार को हटाने और दवाइयों की व्यवस्था करने का अनुरोध किया गया था। इसके अतिरिक्त, निकोलिक के नाम से जुड़े एक अलग ड्राफ्ट में यह आरोप दर्ज बताया गया है कि गेट्स ने अपनी सार्वजनिक छवि को नुकसान से बचाने के लिए ईमेल हटाने को कहा। हालांकि यह ध्यान देने योग्य है कि ये आरोप ड्राफ्ट ईमेल्स में दर्ज कथित दावे हैं और इन्हें किसी न्यायिक प्रक्रिया में सत्यापित निष्कर्ष के रूप में पेश नहीं किया गया है।
गेट्स की ओर से कड़ा खंडन
बिल गेट्स के प्रवक्ता ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि ये दावे “पूरी तरह बेतुके और झूठे” हैं। प्रवक्ता के बयान के अनुसार, “ये दस्तावेज केवल यह दिखाते हैं कि एपस्टीन गेट्स के साथ कोई रिश्ता न होने से हताश था और उन्हें फंसाने व बदनाम करने के लिए किस हद तक जा सकता था।” गेट्स पहले भी यह स्वीकार कर चुके हैं कि उन्होंने अतीत में एपस्टीन से मुलाकात की थी, जिसे उन्होंने बाद में “गलती” बताया था। लेकिन उन्होंने हमेशा किसी भी आपराधिक या अनैतिक गतिविधि में संलिप्तता से इनकार किया है।
अन्य प्रमुख नाम भी आए सामने
इन ताजा दस्तावेजों में कथित तौर पर कई अन्य चर्चित व्यक्तियों के नाम भी सामने आए हैं। रिपोर्ट्स में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सलाहकार स्टीव बैनन, अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हावर्ड लुटनिक, टेस्ला और स्पेसएक्स के प्रमुख एलन मस्क तथा पूर्व व्हाइट हाउस अधिकारी कैथी रूमलर का जिक्र किया गया है।
हावर्ड लुटनिक पर दावा
दस्तावेजों के अनुसार, एपस्टीन ने दिसंबर 2012 में लुटनिक को अपने निजी द्वीप “लिटिल सेंट जेम्स” पर आमंत्रित किया था। रिपोर्ट में दावा है कि लुटनिक की पत्नी ने यह आमंत्रण स्वीकार किया और परिवार के साथ वहां जाने की योजना बनाई थी। बताया गया है कि लुटनिक और एपस्टीन के बीच कम से कम दो मुलाकातें हुईं। हालांकि लुटनिक ने सफाई देते हुए कहा है कि उन्होंने एक दशक पहले ही एपस्टीन से सभी संबंध तोड़ लिए थे।
एलन मस्क की प्रतिक्रिया
एलन मस्क का नाम सामने आने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया दी। मस्क ने कहा कि एपस्टीन के साथ ईमेल आदान-प्रदान से जुड़े तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा सकता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि वह स्वयं उन लोगों में शामिल थे जो एपस्टीन से जुड़ी फाइलों को सार्वजनिक करने के पक्ष में थे। मस्क के अनुसार, उन्होंने एपस्टीन के कई निमंत्रण ठुकरा दिए थे।
मीरा नायर का उल्लेख
नए दस्तावेजों में भारतीय मूल की चर्चित फिल्मकार मीरा नायर का नाम भी सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, 2009 में गिस्लेन मैक्सवेल के न्यूयॉर्क स्थित आवास पर आयोजित एक आफ्टरपार्टी में मीरा नायर शामिल हुई थीं। यह पार्टी उनकी फिल्म “एमेलिया” की स्क्रीनिंग के बाद आयोजित की गई थी। दस्तावेजों में 21 अक्टूबर 2009 की एक ईमेल का उल्लेख है, जिसे पब्लिसिस्ट पैगी सीगल ने कथित रूप से मैक्सवेल की पार्टी से निकलने के तुरंत बाद एपस्टीन को भेजा था। हालांकि, दस्तावेजों में केवल उपस्थिति या संपर्क का उल्लेख होना किसी आपराधिक गतिविधि में संलिप्तता का प्रमाण नहीं माना जाता।
गोपनीय फाइलों पर विवाद
न्याय विभाग द्वारा लाखों दस्तावेज जारी किए जाने के बावजूद बड़ी संख्या में फाइलें अब भी गोपनीय रखी गई हैं। डेमोक्रेट सांसदों और कुछ नागरिक अधिकार समूहों ने पारदर्शिता की मांग करते हुए कहा है कि पूरी सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए। एपस्टीन का मामला लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बहस का विषय रहा है। 2019 में गिरफ्तारी के बाद हिरासत में उसकी संदिग्ध मौत हो गई थी, जिसके बाद से उससे जुड़े प्रभावशाली लोगों के नेटवर्क को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
कानूनी और नैतिक पहलू
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि ड्राफ्ट ईमेल या अप्रमाणित दस्तावेजों में दर्ज आरोपों को अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता। जब तक किसी आरोप की स्वतंत्र जांच और न्यायिक पुष्टि न हो, तब तक उसे केवल दावा ही समझा जाना चाहिए। एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों का सार्वजनिक होना पारदर्शिता की दिशा में एक कदम माना जा रहा है, लेकिन इससे जुड़े कई नामों और दावों की सत्यता का निर्धारण अभी शेष है।
वैश्विक स्तर पर हलचल
जेफ्री एपस्टीन से जुड़े ताजा दस्तावेजों ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर हलचल मचा दी है। बिल गेट्स समेत कई प्रमुख हस्तियों के नाम सामने आने से राजनीतिक और कॉरपोरेट जगत में चर्चा तेज हो गई है। हालांकि संबंधित पक्षों ने आरोपों का कड़ा खंडन किया है और यह स्पष्ट किया है कि दस्तावेजों में दर्ज दावे सत्यापित निष्कर्ष नहीं हैं।
Next Story


