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डोनाल्ड ट्रंप ने स्वीकार किया ज्यादा एस्पिरिन लेने का दावा, स्वास्थ्य को लेकर फिर बढ़ी चर्चाएं

व्हाइट हाउस ने इन चोट के निशानों को लेकर सफाई देते हुए कहा था कि यह ट्रंप द्वारा लगातार बड़ी संख्या में लोगों से हाथ मिलाने का नतीजा है। प्रशासन की ओर से कहा गया कि इसमें किसी तरह की गंभीर चिकित्सकीय समस्या नहीं है।

डोनाल्ड ट्रंप ने स्वीकार किया ज्यादा एस्पिरिन लेने का दावा, स्वास्थ्य को लेकर फिर बढ़ी चर्चाएं
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वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने स्वास्थ्य को लेकर एक बार फिर सुर्खियां बटोर ली हैं। एक साक्षात्कार में ट्रंप ने स्वीकार किया कि वह अपने डॉक्टरों द्वारा अनुशंसित मात्रा से अधिक एस्पिरिन का सेवन कर रहे हैं। 79 वर्षीय ट्रंप ने कहा कि वह ऐसा हृदय संबंधी समस्याओं से बचाव के लिए कर रहे हैं। उनके इस बयान के बाद अमेरिका में राष्ट्रपति के स्वास्थ्य और दवाओं के इस्तेमाल को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।

दिल में गाढ़ा खून नहीं चाहता
साक्षात्कार के दौरान ट्रंप ने कहा, “डॉक्टर कहते हैं कि एस्पिरिन खून को पतला करने के लिए अच्छी होती है और मैं नहीं चाहता कि मेरे दिल में गाढ़ा खून बहे।” ट्रंप का यह बयान सीधे तौर पर इस बात की पुष्टि करता है कि वह डॉक्टरों की सामान्य सलाह से अधिक मात्रा में एस्पिरिन ले रहे हैं। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह इसे कितने समय से ले रहे हैं।

उम्र और स्वास्थ्य पर लगातार नजर
डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के इतिहास में राष्ट्रपति पद संभालने वाले दूसरे सबसे उम्रदराज व्यक्ति हैं। उनसे पहले डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति जो बाइडन ने 82 वर्ष की आयु में राष्ट्रपति पद छोड़ा था। इसी कारण ट्रंप के स्वास्थ्य पर लगातार सार्वजनिक और राजनीतिक स्तर पर नजर रखी जा रही है। हाल के महीनों में कई मौकों पर ट्रंप के हाथों पर चोट के निशान देखे गए, जिन पर सोशल मीडिया और मीडिया में सवाल उठे थे।

व्हाइट हाउस की सफाई
व्हाइट हाउस ने इन चोट के निशानों को लेकर सफाई देते हुए कहा था कि यह ट्रंप द्वारा लगातार बड़ी संख्या में लोगों से हाथ मिलाने का नतीजा है। प्रशासन की ओर से कहा गया कि इसमें किसी तरह की गंभीर चिकित्सकीय समस्या नहीं है। इसके साथ ही राष्ट्रपति के निजी चिकित्सक डॉ. शान बारबेला ने ट्रंप की दवाओं और जांच से जुड़ी जानकारी साझा की है।

डॉक्टर ने बताई एस्पिरिन की खुराक
डॉ. शान बारबेला के अनुसार, ट्रंप हृदय संबंधी समस्याओं से बचाव के लिए प्रतिदिन 325 मिलीग्राम एस्पिरिन लेते हैं। यह मात्रा आमतौर पर “लो-डोज एस्पिरिन” से अधिक मानी जाती है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, लो-डोज एस्पिरिन सामान्यतः 81 मिलीग्राम की होती है, जिसे लंबे समय तक दिल का दौरा या स्ट्रोक के खतरे को कम करने के लिए दिया जाता है।

विशेषज्ञों की राय और जोखिम
मेयो क्लिनिक के अनुसार, 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में डॉक्टर की सलाह पर एस्पिरिन का नियमित सेवन दिल का दौरा या स्ट्रोक की आशंका को कम कर सकता है। हालांकि, विशेषज्ञ यह भी चेतावनी देते हैं कि ज्यादा मात्रा में या बिना चिकित्सकीय निगरानी के एस्पिरिन लेने से आंतरिक रक्तस्राव, पेट से जुड़ी समस्याएं और अन्य जटिलताएं हो सकती हैं। इसी वजह से ट्रंप के “ज्यादा मात्रा” वाले बयान ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों का ध्यान खींचा है।

एमआरआई नहीं, सीटी स्कैन
ट्रंप के स्वास्थ्य को लेकर अक्टूबर में यह भी चर्चा हुई थी कि उन्होंने एमआरआई जांच कराई है। हालांकि, डॉ. बारबेला ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि राष्ट्रपति ने वास्तव में सीटी स्कैन कराया था। उन्होंने बताया कि सीटी स्कैन की रिपोर्ट पूरी तरह सामान्य रही और उसमें किसी भी तरह की असामान्यता नहीं पाई गई।

राजनीतिक और सार्वजनिक प्रतिक्रिया
ट्रंप के बयान के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। आलोचकों का कहना है कि राष्ट्रपति जैसे उच्च पद पर बैठे व्यक्ति को दवाओं के सेवन को लेकर बेहद सतर्क और पारदर्शी होना चाहिए। वहीं समर्थकों का तर्क है कि ट्रंप अपने स्वास्थ्य को लेकर सजग हैं और नियमित चिकित्सकीय निगरानी में हैं।

स्वास्थ्य बना रहेगा चर्चा का विषय
आगामी महीनों में अमेरिकी राजनीति में राष्ट्रपति के स्वास्थ्य का मुद्दा अहम बना रह सकता है। उम्र, दवाओं का सेवन और नियमित जांच इन सभी पहलुओं पर जनता और मीडिया की नजर बनी हुई है। फिलहाल व्हाइट हाउस का कहना है कि राष्ट्रपति पूरी तरह स्वस्थ हैं और अपने दायित्वों का निर्वहन करने में सक्षम हैं, लेकिन ट्रंप के हालिया बयान ने यह साफ कर दिया है कि उनका स्वास्थ्य आने वाले समय में भी बहस का केंद्र बना रहेगा।


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