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Cuba Crisis: क्यूबा पर मंडराते संकट के बादल, ट्रंप की 'आसन्न कार्रवाई' की चेतावनी से हड़कंप
ट्रंप प्रशासन ने क्यूबा की घेराबंदी तेज कर दी है। आम जनता बुनियादी संसाधनों की कमी से जूझ रही है। अमेरिकी प्रतिबंधों, तेल की किल्लत के कारण पूरे क्यूबा में ब्लैकआउट (बिजली कटौती) की स्थिति है।

हवाना। Cuba Crisis: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा क्यूबा के खिलाफ “आसन्न कार्रवाई” के संकेत दिए जाने के बाद द्वीपीय देश में अनिश्चितता का माहौल गहरा गया है। अमेरिका द्वारा घेराबंदी तेज किए जाने से क्यूबा की तेल आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिसका सीधा असर आम नागरिकों के दैनिक जीवन पर पड़ रहा है।
मानवीय संकट गहराया, जनता परेशान
तेल की कमी और अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण क्यूबा इस समय गंभीर मानवीय संकट का सामना कर रहा है। देशभर में बिजली कटौती (ब्लैकआउट) आम हो गई है, जिससे अस्पतालों और अन्य जरूरी सेवाओं पर भारी असर पड़ा है। कई जगह चिकित्सा सेवाएं बाधित हो रही हैं, जबकि सार्वजनिक परिवहन लगभग ठप पड़ गया है। आम नागरिकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। 64 वर्षीय माटिल्डे विसोसो जैसे लोग खुलकर अपनी पीड़ा व्यक्त कर रहे हैं। उनका कहना है कि क्यूबा अब इस स्थिति को और नहीं झेल सकता। भूख, संसाधनों की कमी और सरकारी दमन ने हालात बेहद खराब कर दिए हैं। हालांकि, इस संकट के बीच कुछ वर्गों में यह उम्मीद भी देखी जा रही है कि बढ़ता दबाव देश में किसी बड़े राजनीतिक बदलाव का कारण बन सकता है।
राजनीतिक दबाव और सैन्य तनाव
ट्रंप प्रशासन का रुख क्यूबा की मौजूदा सरकार के खिलाफ सख्त होता जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका का लक्ष्य राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनेल की सरकार पर दबाव बनाना और सत्ता परिवर्तन को प्रोत्साहित करना है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने क्यूबा के समाजवादी आर्थिक मॉडल में “नाटकीय बदलाव” की मांग की है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका पहले ही वेनेजुएला और ईरान जैसे देशों में सैन्य गतिविधियां बढ़ा चुका है, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है।
क्यूबा की चेतावनी: ‘अजेय प्रतिरोध’
अमेरिकी दबाव के जवाब में क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनेल ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि देश किसी भी बाहरी आक्रामकता का सामना “अजेय प्रतिरोध” के साथ करेगा। क्यूबा सरकार का आरोप है कि अमेरिका उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग करने की कोशिश कर रहा है। इसी संदर्भ में कोस्टा रिका द्वारा क्यूबा में अपना दूतावास बंद करने के फैसले को भी हवाना ने अमेरिकी दबाव का परिणाम बताया है।
चीन ने बढ़ाया हाथ
उधर, क्यूबा चीन का पुराना सहयोगी है। चीन ने ऊर्जा की किल्लत से जूझ रहे क्यूबा को सौर ऊर्जा की पेशकश की है। क्यूबा में चीन के राजदूत हुआ शिन ने दोनों देशों के संयुक्त एनर्जी प्रोजेक्ट्स पर बात की। क्यूबा के विदेश मंत्रालय के अनुसार, चीन की मदद से चल रहे ये प्रोजेक्ट्स देश में 'जटिल बिजली संकट' को कम करने के प्रयास का हिस्सा हैं।
त्रिकोण में फंसा क्यूबा
क्यूबा इस समय आर्थिक संकट, राजनीतिक दबाव और संभावित सैन्य खतरे के त्रिकोण में फंसा हुआ है। जहां आम जनता रोजमर्रा की समस्याओं से जूझ रही है, वहीं सरकार और अमेरिका के बीच बढ़ता टकराव हालात को और जटिल बना रहा है।
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