ब्रिटेन में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर लग सकती है रोक, सरकार कर रही है विचार
सोशल मीडिया प्रतिबंध का मुद्दा ऐसे समय सामने आया है जब सत्तारूढ़ लेबर पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर चर्चाएं तेज हैं। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि पार्टी के अंदर प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के नेतृत्व को लेकर असंतोष बढ़ रहा है।

लंदन। Britain Ban Social Media For Children: ब्रिटेन की लेबर सरकार बच्चों और किशोरों की डिजिटल सुरक्षा को लेकर एक बड़ा फैसला लेने पर विचार कर रही है। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के नेतृत्व वाली सरकार 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर प्रतिबंध लगाने की संभावनाओं का अध्ययन कर रही है। माना जा रहा है कि 18 जून को होने वाले मेकरफील्ड उपचुनाव से पहले इस संबंध में महत्वपूर्ण घोषणा की जा सकती है। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है तो ब्रिटेन उन देशों की श्रेणी में शामिल हो जाएगा, जिन्होंने बच्चों के लिए सोशल मीडिया उपयोग को सीमित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं।
कौन-कौन से प्लेटफॉर्म हो सकते हैं प्रभावित
प्रस्तावित नियमों के तहत फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स (पूर्व में ट्विटर), टिकटॉक और अन्य बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की पहुंच सीमित की जा सकती है। सरकार का उद्देश्य कम उम्र के बच्चों को ऑनलाइन जोखिम, हानिकारक सामग्री और डिजिटल लत से बचाना है। हालांकि, वॉट्सएप जैसी मैसेजिंग सेवाओं और यूट्यूब किड्स जैसे शैक्षणिक या बच्चों के लिए तैयार किए गए प्लेटफॉर्म को इस प्रतिबंध से बाहर रखा जा सकता है।
देश की राजनीति के बीच आया यह मुद्दा
सोशल मीडिया प्रतिबंध का मुद्दा ऐसे समय सामने आया है जब सत्तारूढ़ लेबर पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर चर्चाएं तेज हैं। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि पार्टी के अंदर प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के नेतृत्व को लेकर असंतोष बढ़ रहा है। वहीं, ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर एंडी बर्नहैम को पार्टी के संभावित भविष्य के नेता के रूप में देखा जा रहा है। ऐसे में बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़ा यह प्रस्ताव राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दुनिया के कई देशों में बढ़ रही सख्ती
बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग को नियंत्रित करने की बहस केवल ब्रिटेन तक सीमित नहीं है। ऑस्ट्रेलिया पहले ही इस दिशा में कानून लागू कर चुका है। वहीं, कनाडा और यूरोपीय संघ के कई सदस्य देश भी ऐसे नियमों पर विचार कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती डिजिटल निर्भरता और सोशल मीडिया के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों को देखते हुए कई सरकारें अब सख्त नीतियां अपनाने की ओर बढ़ रही हैं।
जनता का भी मिल रहा है व्यापक समर्थन
मार्च में जारी यूगॉव (YouGov) के एक सर्वेक्षण के अनुसार, ब्रिटेन के 76 प्रतिशत नागरिक 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध का समर्थन करते हैं। यह समर्थन प्रमुख यूरोपीय देशों की तुलना में सबसे अधिक बताया गया है। इससे स्पष्ट है कि अभिभावकों और आम लोगों के बीच बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है।
टेक कंपनियों और एआई पर नियंत्रण की मांग
ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर एंडी बर्नहैम का कहना है कि अब समय आ गया है कि सोशल मीडिया कंपनियों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बड़ी तकनीकी कंपनियों के लिए स्पष्ट और सख्त नियम बनाए जाएं। उनका मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म की बढ़ती शक्ति के बीच बच्चों और समाज के हितों की रक्षा के लिए नियमन आवश्यक हो गया है। आने वाले दिनों में ब्रिटेन सरकार का फैसला इस वैश्विक बहस को नई दिशा दे सकता है।


