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कनाडा में एक और गुजराती छात्रा की हत्या, चार साल पहले गई थीं, कर रही थीं पढ़ाई और नौकरी

विधि वहां अपनी पढ़ाई पूरी करने के साथ-साथ अपने खर्चों के लिए एक पार्ट-टाइम नौकरी भी करती थीं। इसके साथ ही वह कनाडा में स्थायी निवास हासिल करने की तैयारी में भी जुटी हुई थीं। गुजरात में रह रहे उनके माता-पिता और परिजनों को उम्मीद थी कि विधि जल्द ही वहां सेटल हो जाएगी, लेकिन इस खौफनाक वारदात ने सब कुछ तबाह कर दिया।

कनाडा में एक और गुजराती छात्रा की हत्या, चार साल पहले गई थीं, कर रही थीं पढ़ाई और नौकरी
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नियाग्रा। कनाडा से एक बार फिर एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। विदेशी सरजमीं पर एक और भारतीय छात्रा नस्लीय हिंसा या आपराधिक घटना का शिकार हो गई है। मूल रूप से गुजरात की रहने वाली 22 वर्षीय युवती की कनाडा में चाकू घोंपकर बेरहमी से हत्या कर दी गई है। इस घटना ने न केवल कनाडा में रह रहे भारतीय समुदाय को डरा दिया है, बल्कि भारत में पीड़ित परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है। कनाडाई पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मर्डर का केस दर्ज कर लिया है और जांच में जुट गई है।

कौन थीं विधि मेघानी?

मृतक युवती की पहचान 22 वर्षीय विधि कल्पेशभाई मेघानी के रूप में हुई है। विधि मूल रूप से गुजरात के आणंद जिले के बोरसद की रहने वाली थीं। वह अपने सुनहरे भविष्य और उच्च शिक्षा के सपनों को पूरा करने के लिए पिछले चार साल से कनाडा के नियाग्रा इलाके में रह रही थीं। विधि वहां अपनी पढ़ाई पूरी करने के साथ-साथ अपने खर्चों के लिए एक पार्ट-टाइम नौकरी भी करती थीं। इसके साथ ही वह कनाडा में स्थायी निवास हासिल करने की तैयारी में भी जुटी हुई थीं। गुजरात में रह रहे उनके माता-पिता और परिजनों को उम्मीद थी कि विधि जल्द ही वहां सेटल हो जाएगी, लेकिन इस खौफनाक वारदात ने सब कुछ तबाह कर दिया।

अमेरिकी बॉर्डर के पास वारदात

शुरुआती जांच और स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह पूरी घटना भारत-कनाडा के समयानुसार बीते 15 मई की है। विधि कल्पेशभाई मेघानी रोज़ाना की तरह अपने घर से बाहर निकली थीं, तभी अमेरिकी सीमा (US Border) के पास स्थित नियाग्रा क्षेत्र में अज्ञात हमलावरों ने उन पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले के बाद लहूलुहान हालत में विधि को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और अत्यधिक खून बह जाने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। फिलहाल स्थानीय नियाग्रा पुलिस इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस हत्या के पीछे का मुख्य मकसद (Motivations) क्या था, क्योंकि अब तक हत्या की सही वजह सामने नहीं आ सकी है।

गुजरात में पसरा मातम

जैसे ही कनाडा पुलिस और स्थानीय सूत्रों के माध्यम से विधि की हत्या की खबर गुजरात के आणंद स्थित उनके पैतृक निवास बोरसद पहुंची, पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया। बेटी की मौत की खबर सुनते ही माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। त्योहारों और खुशियों के माहौल वाले घर में अब सिर्फ चीख-पुकार मची है। परिवार अब भारत सरकार और विदेश मंत्रालय से गुहार लगा रहा है कि विधि के शव को जल्द से जल्द भारत लाने की व्यवस्था की जाए और दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाए।

कनाडाई सरजमीं पर असुरक्षित भारतीय

कनाडा में भारतीय मूल के नागरिकों और खासकर छात्रों पर बढ़ते हमले अब एक गंभीर चिंता का विषय बन चुके हैं। विधि मेघानी की हत्या कोई इकलौता मामला नहीं है, बल्कि पिछले कुछ महीनों में ऐसी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं:

दिसंबर का मामला: इससे पहले पिछले साल दिसंबर में टोरंटो शहर से एक हैरान करने वाला मामला आया था, जहां 30 वर्षीय भारतीय मूल की महिला हिमांशी खुराना का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ था।

अप्रैल 2025 की वारदात: इसके अलावा, अप्रैल 2025 में ओंटारियो प्रांत में पंजाब की रहने वाली 21 वर्षीय छात्रा हरसिमरक रंधावा की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हालांकि, उस मामले में कनाडाई पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक 32 वर्षीय संदिग्ध आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।

विदेशी धरती पर लगातार हो रही इन हिंसक वारदातों ने विदेशों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों की सुरक्षा पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। भारतीय समुदाय अब कनाडाई प्रशासन से प्रवासियों की सुरक्षा पुख्ता करने की मांग कर रहा है।


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